Revanth Reddy ने Rahul Gandhi की हिरासत को बताया गैरकानूनी, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
हैदराबाद, सात अक्टूबर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हुए इसे ‘‘गैरकानूनी’’ और एक ‘‘नाकाम’’ सरकार के अहंकार का परिचायक बताया है। रेड्डी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार भारत, उसके संविधान और लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी संघर्ष से डरी हुई है। उन्होंने मौजूदा कार्रवाई की तुलना ब्रिटिश सरकार द्वारा लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को मामूली आधार पर गिरफ्तार किए जाने से की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन अब जब लाखों नागरिक, खासकर युवा, मतदान के अधिकारों, लोकतंत्र और देश के भविष्य की रक्षा के इस संघर्ष का हिस्सा बन चुके हैं तो ऐसी कार्रवाइयां विपक्ष को रोक नहीं पाएंगी बल्कि अनजाने में हमें और मजबूत ही करेंगी।’’ रेड्डी ने कहा, ‘‘ ‘ब्रिटिश जनता पार्टी’ यह समझ ले कि देश के लिए सब कुछ दांव पर लगाने के हमारे संकल्प और दृढ़ निश्चय में कोई कमी नहीं आएगी। भारत अपनी पूरी क्षमता के साथ तब तक संघर्ष करता रहेगा, जब तक राहुल गांधी के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक ताकतों की जीत नहीं हो जाती।’’ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा उन करीब 250 लोगों में शामिल हैं जिन्हें दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में आठ घंटे से अधिक समय तक धरना देने के बाद मंगलवार रात हिरासत में लिया था। इससे पहले उन्हें दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने से रोक दिया गया था।
Noida Mysterious Deaths | नोएडा में 24 घंटे के अंदर 15 लोगों की मौत से मची सनसनी! साइलेंट किलर या कोई अदृश्य खौफ, पुलिस के भी उड़े होश!
दिल्ली-एनसीआर से सटे हाईटेक शहर नोएडा में बीते 24 घंटे किसी बुरे सपने की तरह सामने आए हैं, जहाँ एक के बाद एक लगातार 15 मौतों की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शहर की अलग-अलग कॉलोनियों और सोसायटियों से आई इन खबरों ने हर किसी को सन्न कर दिया है-एक तरफ जहाँ 6 लोगों ने रहस्यमयी परिस्थितियों में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी, वहीं दूसरी तरफ 9 लोगों की अचानक हुई संदिग्ध मौतों ने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं। क्या यह महज एक खौफनाक इत्तेफाक है, कोई गहरा मानसिक अवसाद या फिर पर्दे के पीछे छुपा कोई अदृश्य खौफ? एक ही दिन में घटी इन सनसनीखेज घटनाओं ने शहर में खामोश दहशत फैला दी है, और अब हर किसी की निगाहें पुलिस की उस अनसुलझी जांच पर टिकी हैं जो इन 15 मौतों के पीछे के काले सच को सामने लाएगी।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि नोएडा सेक्टर-39 थाना क्षेत्र की सदरपुर कॉलोनी में रहने वाले राजीव (40) ने मंगलवार रात अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला था। पुलिस घटना के कारणों का पता लगा रही है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला गांव में रहने वाले राजू (42) ने भी बीती रात अपने किराये के मकान में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-126 थाना क्षेत्र के असगरपुर गांव में रहने वाली सायरा बानो (24) ने मंगलवार रात अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर के जहांगीरपुर निवासी अंकित (26) ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के कारण जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसे ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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बीटा-2 थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि फेस-1 थाना क्षेत्र के नया बांस गांव निवासी अफजल (28) और बिसरख थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में रहने वाले मयंक गुप्ता (34) ने भी मंगलवार रात अपने-अपने घरों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। इसके अलावा दादरी थाना क्षेत्र में रहने वाले टीपू सुल्तान (28) और गुड़िया (32), बिसरख थाना क्षेत्र निवासी पुलकित गौतम (26), सेक्टर-39 थाना क्षेत्र निवासी संजय कुमार (30), बीटा-2 थाना क्षेत्र निवासी अखिलेश (25), खोड़ा कॉलोनी निवासी दिनेश उर्फ गुड्डू (40), सूरजपुर थाना क्षेत्र निवासी सोनू (32), फेस-2 थाना क्षेत्र निवासी मनीष (19) और जेवर थाना क्षेत्र के चरौली गांव निवासी कर्मवीर (48) की भी मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, दिनेश उर्फ गुड्डू को उपचार के लिए नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सभी मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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