चित्रकूट के पाठा में ट्रेन के टैंकर से पहुंचता था पानी, नहीं होती थी शादियां, हर घर जल से बदले हालात, 69 में से 56 गांव में पहुंचा पानी
Patha Water Crisis: चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में गर्मी आते ही गांवों में पानी के लिए जद्दोजहद शुरू हो जाती थी. कहीं महिलाएं रात-दिन हैंडपंप और कुओं के बाहर अपनी बारी का इंतजार करती थीं तो कहीं कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना पड़ता था, हालात इतने खराब थे कि लोगों के लिए पानी किसी अनमोल चीज से कम नहीं था. एक समय ऐसा भी आया जब पाठा क्षेत्र में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ट्रेन से टैंकरों में पानी मानिकपुर पहुंचाया जाता था, फिर वहां से टैंकरों के जरिए गांव-गांव पानी की सप्लाई होती थी.
150 साल पुरानी पूर्वजों की जड़ों को खोजते बलिया पहुंचे कनाडाई, गांव में हुई मेहमान नवाजी, व्हाट इज योर नेम, माई नेम ही बर्नी...ग्रामीणों ने की बात
Ballia Reach Canadian Citizen: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में कनाडा से एक विदेशी जोड़ा असगर अली और उनकी पत्नी बर्नी अपने डेढ़ सौ साल पुराने पुरखों की जड़ों की तलाश में पहुंचा. गांववालों ने उनका स्वागत किया और इस भावनात्मक मिलन ने से वह प्रभावित हुए. लखनऊ से आए एक दुभाषिया की मदद से इन विदेशी मेहमानों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित हुआ. भाषा की थोड़ी सी दीवार जरूर थी लेकिन टूटी-फूटी अंग्रेजी और इशारों के जरिए दिल के तार आसानी से जुड़ गए.
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