Three arrested after raid on gang accused of helping migrants pretend to be gay to get asylum
UK immigration enforcement have made arrests in connection with a suspected criminal network believed to be behind dozens of fake asylum claims from people pretending to be gay. It follows a BBC investigation earlier this year, which revealed that law firms and advisers were helping migrants pose as gay in an effort to get asylum. Those targeted by Home Office immigration enforcement officers this morning are accused of charging migrants up to £4,500 for fabricated evidence, including staged photographs and fake documents. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #UK #Asylum #BBCNews
जरूरत की खबर- इन 10 फूड से पेट होगा खराब:पाचन चाहिए दुरुस्त तो अपनी ईटिंग हैबिट बदलें, थाली में ये 14 चीजें शामिल करें
"आज पेट ठीक नहीं लग रहा।" "कुछ भी खाता हूं तो गैस बन जाती है।" हमने अपने आसपास के कई लोगों को अक्सर ऐसा कहते हुए सुना होगा। कई बार इसकी वजह बिगड़ती गट हेल्थ होती है। हमारी आंतों में खरबों बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्मजीव रहते हैं, जिन्हें ‘गट माइक्रोबायोम’ कहते हैं। ये सूक्ष्मजीव भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने, इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने और शरीर के कई जरूरी कामों में अहम भूमिका निभाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हमारी लगभग 70% इम्यूनिटी का संबंध आंतों से है। हमारी रोज की थाली का गट हेल्थ पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। हम जो कुछ भी खाते हैं, वह आंतों में रहने वाले इन सूक्ष्मजीवों को भी प्रभावित करता है। कुछ फूड्स अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और गट माइक्रोबायोम को मजबूत बनाते हैं। वहीं कुछ फूड्स इनका संतुलन बिगाड़ सकते हैं। इससे पाचन संबंधी कई समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में पेट के लिए 10 बेस्ट और वर्स्ट फूड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. हर्ष कपूर, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, मेट्रो इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एंड हेप्टोलॉजी, नोएडा सवाल- पेट की सेहत (गट हेल्थ) दुरुस्त रहने का क्या मतलब है? जवाब- इसका मतलब डाइजेस्टिव सिस्टम के सही तरीके से काम करने और आंतों में मौजूद गट माइक्रोबायोम के संतुलन से है। इसके संतुलन से- सवाल- कैसे पता चलता है कि पेट की सेहत खराब हो रही है? जवाब- जब आंतों में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ता है तो खाना पचाने और शरीर में पोषक तत्वों को पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। ग्राफिक में खराब गट हेल्थ के शुरुआती संकेत देखिए- सवाल- लंबे समय तक लगातार पेट खराब रहे तो इससे क्या नुकसान होता है? जवाब- लंबे समय तक पेट खराब रहने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इससे कमजोरी बढ़ सकती है और इम्यूनिटी पर भी असर पड़ सकता है। ग्राफिक में सभी नुकसान देखिए- सवाल- पेट दुरुस्त रखने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया को वैराइटी पसंद होती है। इसलिए रोज अलग-अलग तरह के फल-सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर रिच फूड खाने चाहिए। छोटी-छोटी स्वस्थ आदतें लंबे समय में गट हेल्थ को मजबूत बनाती हैं। सवाल- कौन-से फूड्स पेट में गुड बैक्टीरिया बढ़ाते हैं? जवाब- दही और छाछ जैसे फर्मेंटेड फूड्स अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाने में मदद करते हैं, जबकि फल-सब्जियां, दालें और साबुत अनाज उन्हें पोषण देते हैं। इसलिए गट हेल्थ बेहतर रखने के लिए रोज अलग-अलग तरह की पौष्टिक चीजें खाना जरूरी है। ग्राफिक में गुड बैक्टीरिया बढ़ाने वाले फूड्स की लिस्ट देखिए- सवाल- कौन-से फूड्स गुड बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाते हैं? जवाब- कुछ फूड्स गुड और बैड बैक्टीरिया का संतुलन बिगाड़ सकते हैं। खासकर ऐसे फूड्स, जिनमें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, एक्स्ट्रा शुगर, अनहेल्दी फैट और आर्टिफिशियल एडिटिव्स ज्यादा होते हैं। इन फूड्स की लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- चीनी गुड बैक्टीरिया को कैसे नुकसान पहुंचाती है? जवाब- डाइट में चीनी की मात्रा ज्यादा होने से आंतों में मौजूद बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने लगता है। इससे कुछ बैड बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, जबकि गुड बैक्टीरिया की संख्या घट सकती है। समय के साथ यह बदलाव गट बैरियर को कमजोर करता है और शरीर में सूजन बढ़ा सकता है। यही वजह है कि लंबे समय तक ज्यादा चीनी खाने से गट हेल्थ खराब होती है। सवाल- क्या बार-बार एंटीबायोटिक लेने से पेट के गुड बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या पेट के बैक्टीरिया हमारी भूख और क्रेविंग्स को कंट्रोल कर सकते हैं? जवाब- हां, गट माइक्रोबायोम भूख और फूड चॉइस को प्रभावित कर सकते हैं। इसे ऐसे समझिए- सवाल- क्या स्ट्रेस भी गट हेल्थ को प्रभावित करता है? जवाब- हां, स्ट्रेस और गट हेल्थ का दो-तरफा रिलेशन है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- फूड के अलावा कौन-सी आदतें गट हेल्थ को खराब करती हैं? जवाब- हमारी रोजमर्रा की कई आदतें भी गट माइक्रोबायोम के संतुलन को प्रभावित करती हैं। खासकर- यही वजह है कि अच्छी गट हेल्थ के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल भी जरूरी है। सवाल- पेट को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें? जवाब- आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया एक नियमित दिनचर्या पसंद करते हैं। इसलिए खाने, सोने और एक्सरसाइज का समय जितना रेगुलर होगा, गट उतना बेहतर काम करेगा। ग्राफिक में देखिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें- सवाल- कब गट से जुड़ी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? जवाब- गैस, कब्ज या पेट खराब होने जैसी समस्याएं कभी-कभी होना सामान्य है। लेकिन अगर ये शिकायतें लंबे समय तक बनी रहें या बार-बार लौटकर आएं, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा- ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। ……………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- मुफ्त की धूप के 7 हेल्थ बेनिफिट्स: उम्र बढ़ेगी, बुढ़ापा देर से आएगा, डॉक्टर से समझें मॉर्निंग सनलाइट के 7 रूल्स हममें से ज्यादातर लोग सुबह आंख खुलते ही सनलाइट की बजाय मोबाइल स्क्रीन देखते हैं। दिन की शुरुआत नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया से होती है। जबकि सुबह की धूप बॉडी क्लॉक को सेट करने और शरीर को पूरे दिन के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाती है। पूरी खबर पढ़िए…
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