DJ का शोर बिगाड़ सकता है दिल की धड़कन, स्ट्रोक और Heart Attack का बढ़ा रिस्क
आजकल शादी-ब्याह, पार्टी, धार्मिक कार्यक्रम या फिर किसी भी बड़े आयोजन में डीजे आदि बजना एक आम बात हो गई है। वहीं इसको मनोरंजन का हिस्सा माना जाता है। स्पीकर की तेज बीट पर डांस करना लोगों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके लिए यह रोमांचक एक्टिविटी जानलेवा साबित हो सकती है। बता दें कि तेज आवाज और डीजे के कारण हार्ट अटैक के कई मामले देखने को मिले हैं। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो बहुत तेज आवाज अचानक से बीपी बढ़ा सकता है। वहीं अगर बीपी बहुत ज्यादा हाई हो जाता है, तो हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक आने का जोखिम हो सकता है, जिससे मौत होने का भी खतरा रहता है।
हार्ट अटैक का जोखिम
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो डीजे की तेज आवाज को दिल का दौरा पड़ने का प्रमुख कारण माना जा सकता है। जिन लोगों का हार्ट कमजोर है, उनको इस तरह के तेज आवाज से दूर रहने की सलाह दी जाती है। हालांकि कम उम्र के लोगों में इस तरह की दिक्कतें होना हैरान करने वाला है।
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सीधे तौर पर डीजे हार्ट अटैक की वजह नहीं है। लेकिन यह हाई बीपी की समस्याओं को बढ़ा देता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने और मौत का जोखिम भी हो सकता है।
तेज आवाज का शरीर पर क्या होता है असर
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो तेज आवाज शरीर में तनाव पैदा करती है। शरीर का सिपैंथिक नर्वस सिस्टम शोर सुनते ही सक्रिय हो जाता है और स्ट्रेस हार्मोन का स्त्राव बढ़ जाता है और रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। वहीं तेज आवाज में रहने से कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
इसका यह बिलकुल भी मतलब नहीं है कि डीजे की तेज आवाज सुनते ही हार्ट अटैक आ जाएगा या फिर जान चली जाएगी।
बहुत तेज या लगातार होने वाला शोर आपके शरीर पर ऐसा तनाव डाल सकता है, जो पहले से हाई बीपी, हृदय रोग और अन्य जोखिमों से परेशान व्यक्तियों के लिए खतरनाक हो सकता है।
अध्ययन में क्या निकला
एक अध्ययन में पाया गया है कि बढ़ता शोर आपके हार्ट की रिदम की लय को बिगाड़ देती है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को एट्रियल फिब्रिलेशन कहा जाता है।
इस स्थिति में दिल के धड़कन की अनियमितता बढ़ जाती है। जिसकी वजह से स्ट्रोक, रक्त के थक्के बनने और हार्ट फेलियर की समस्या हो सकती है।
अध्ययनकर्ताओं की मानें, तो ऐसी कोई भी चीज जो हमारे हार्ट पर एक्स्ट्रा दबाव डालती है या फिर ब्लड प्रेशर में बदलाव की वजह बनती है। जिसकी वजह से फिब्रिलेशन ट्रिगर हो सकता है।
लाउडस्पीकर/डीजे की तेज आवाज को हमेशा से नुकसानदायक माना जाता रहा है। यह न सिर्फ हृदय रोगियों के लिए गंभीर होता है, बल्कि हेल्दी लोगों में भी हृदय संबंधी समस्याओं की वजह बन सकता है।
कितना आवाज खतरनाक
WHO के मुताबिक 70 डेसिबल की आवाज हमारे लिए सहनीय है। इस आवाज के संपर्क में भले ही कितनी देर तक रहें, इससे नुकसान नहीं होता है। कूलर और वाशिंग मशीन जैसे उपकरणों में 70 डेसिबल की आवाज होती है।
वहीं 85 डीबी से ज्यादा के शोर में 8 घंटे से ज्यादा रहना खतरनाक हो सकता है। यह यातायात या मिक्सर की आवाज के बराबर होता है।
अगर 90-100 डेसिबल की आवाज को गंभीर माना जाता है। वहीं शादियों और पार्टियों आदि में जो डीजे बचता है, उसकी आवाज 100 डीबी से ज्यादा होती है।
World Heart Day 2026: Heart Health के लिए डाइट में शामिल करें साबुत अनाज, फल और हरी सब्जियां
आज यानी 29 सितंबर 2026 को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जा रहा है। ऐसे में दिल की सेहत के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना बेहद जरुरी है। आहार का असर हमारे दिल की सेहत पर जरुर पड़ता है। पौष्टिक खाना खाने का यह मतलब नहीं है कि यह बहुत मुश्किल या पाबंदियों वाला हो। असल बात है कि एक संतुलित आहार बनाना और उसे लगातार अपनाना।
अपने लाइफस्टाइल में इन हेल्दी न्यूट्रिशन को जरुर एड ऑन करें। फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, पोटैशियम और हेल्दी फैट से भरपूर ये चीज एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, जिससे आपको दिल भी स्वस्थ रहे।
हार्ट हेल्थ के लिए इन सब्जियों और फलों को शामिल
असल में सब्जियां और फल हमारी डाइट का मुख्य हिस्सा होती हैं। पलक और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ-साथ टमाटर, गाजर, बीन्स, ब्रोकली, अमरूद, संतरा, सेब और दूसरे मौसमी फल फाइबर, विटामिन, खनिज और कई पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व प्रदान करते हैं। जूस के जगह पूरा फल खाना बेहतर है क्योंकि इसमें फाइबर होता है और इससे पेट भी अधिक देर तक भरा रहता है।
साबुत अनाज और दालों को करें डाइट में शामिल
गौरतलब है कि सब्जियों और फल के अलावा एक और जरुरी चीज है, तो वो है साबुत अनाज। इसमें ओट्स, जौ साबुत गेंहू की रोटी, ब्राउन राइस और रागी, ज्वार और बाजारा जैसे मोटे अनाज अच्छे ऑप्शन हैं क्योंकि इसमें रिफाइंड अनाज की तुलना में अधिक फाइबर पाया जाता है। दाल, चना, राजमा और लोबिया जैसी दालें भी काफी फायदेमंद मानी जाती है। क्योंकि इनमें वनस्पति प्रोटीन और फाइबर का मिश्रण होता है और इन्हें आसानी से पारंपरिक भारतीय खाने में जरुर शामिल किया जा सकता है।
हेल्दी फैट वाली डाइट करें एड
अगर आप अपनी डाइट में हेल्दी फैट एड करते हैं, तो हार्ट के लिए सबसे अच्छा है। बादाम और अखरोट जैसे मेवे और अलसी और चिया सीड्स जैसे बीजों में अनसैचुरेटेड फैट और दूसरे पोषक तत्व होते हैं। जो लोग मछली का सेवन करते हैं, उनको सार्डिन, सैल्मन और मैकेरल ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं और इन्हें संतुलित आहार में शामिल कर सकते हैं।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए इन चीजों का करें परेहज
अगर आप अलग-अलग तरह के खाने के बारे में सोचने के बजाय यह भी सोचना जरुरी है कि किन चीजों से परहेज करना जरुरी है। अगर आप सबसे ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, डीप-फ्राइड फूड, प्रोसेस्ड मीट, मीठे पेय और संतृप्त या ट्रांस वसा वाली चीजें ज्यादा खाने से दिल की सेहत पर बुर प्रभाव डालते हैं। अगर आप नमक सेवन अधिक करेंगे, तो अधिक मात्रा में सोडियम लेने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
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