Success Story: परीक्षा देकर भूल गए थे नीरज सिंह, मेल पर आयोग से आया इंटरव्यू का मैसेज, बलिया विश्वविद्यालय में बनें इंगलिश के प्रोफेसर
Success Story: डॉ. नीरज कुमार सिंह मूलतः वाराणसी जिले के पुराशिव गांव के रहने वाले हैं. उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई, जहां उन्होंने कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई यूपी बोर्ड से पूरी की. ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी उनकी शिक्षा ने उन्हें जमीनी हकीकत से रूबरू कराया. इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बीए में प्रवेश लिया और वहीं से एमए की पढ़ाई भी पूरी की, जहां उन्हें प्रवेश परीक्षा में 24वीं रैंक मिली थी.
सिर्फ 100 ग्राम की कीमत ₹100, पहाड़ के फूल से बनती है खास हर्बल चाय, देशभर में ग्राहक
Business Success Story: झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाले नीरज ने करीब 40 साल नौकरी करने और दिल्ली में MBA के बाद अच्छी नौकरी करने के बावजूद अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया. पैतृक गांव उत्तराखंड की जमीन और पहाड़ी संसाधनों से उन्होंने बुरांश, कफल और मसाला चाय जैसी हर्बल टी तैयार कर ब्रांड बनाया, जिसमें बुरांश की चाय करीब ₹1,000 किलो तक बिकती है. इसके साथ वह प्राकृतिक सिल्क के कपड़े और भेड़ पालन से जुड़े उत्पाद भी तैयार करते हैं. नीरज के मुताबिक, उनके प्रोडक्ट देशभर में सप्लाई होते हैं और कारोबार का सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपये में है. खास बात यह है कि उनके साथ 200 से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं, जिन्हें इन उत्पादों की तैयारी और पैकेजिंग का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है.
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