वैश्विक स्थिति में स्थिरता लाता है रूस-चीन सहयोग: रूसी विदेश मंत्री
बीजिंग, 3 फरवरी (आईएएनएस)। रूसी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर 2 फरवरी को जारी एक खबर के अनुसार, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस और चीन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं, जिससे दिन-ब-दिन तनावपूर्ण होती वैश्विक स्थिति में स्थिरता आ रही है।
रूसी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट ने 2025 में रूस की राजनयिक उपलब्धियों के सम्बंध में मीडिया के सवालों के जवाब में लावरोव द्वारा दिए गए उत्तरों का एक प्रतिलेख प्रकाशित किया। रूस-चीन सम्बंधों के बारे में बोलते हुए, लावरोव ने कहा कि जिम्मेदार प्रमुख शक्तियों और अंतर्राष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण प्रतिभागियों के रूप में, रूस और चीन तेजी से अशांत वैश्विक स्थिति के मद्देनजर एक विशेष ऐतिहासिक मिशन निभाते हैं।
लावरोव ने कहा कि रूसी और चीनी विदेश नीतियों का समन्वय दोनों देशों के बीच नए युग के लिए व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी का एक महत्वपूर्ण घटक और प्राथमिकता है, जो अंतर्राष्ट्रीय मामलों में एक महत्वपूर्ण स्थिरता कारक है, और अंतर्राष्ट्रीय सम्बंधों के लोकतंत्रीकरण में एक बड़ा योगदान है।
लावरोव ने कहा कि चीन वैश्विक मंच पर रूस का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र, शांगहाई सहयोग संगठन, ब्रिक्स, जी20 और एपेक जैसे बहुपक्षीय ढांचों के भीतर सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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एबीएम/
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सूडानी सेना का दावा: आरएसएफ की दो साल की घेराबंदी के बाद दक्षिण कोर्डोफान की राजधानी में प्रवेश
खार्तूम, 3 फरवरी (आईएएनएस)। सूडानी सेना ने मंगलवार को घोषणा की कि उसकी इकाइयों ने दक्षिणी सूडान के साउथ कोर्डोफान राज्य की राजधानी काडुगली में प्रवेश कर लिया है। यह शहर पिछले दो वर्षों से अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (आरएसएफ) और उसके सहयोगी बलों की घेराबंदी में था।
सूडानी सशस्त्र बलों (सैफ) की स्पेशल वर्क फोर्सेज ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, “सूडानी सशस्त्र बलों ने काडुगली की घेराबंदी तोड़ दी है और शहर में प्रवेश कर लिया है।”
इस बीच, एक सैन्य कमांडर ने शिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि सैफ की टुकड़ियां काडुगली में दाखिल हो चुकी हैं और प्रमुख प्रतिष्ठानों को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आरएसएफ बलों को शहर और उसके आसपास की उनकी चौकियों से बाहर खदेड़ दिया गया है।
कमांडर के अनुसार, अगला चरण क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने, नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता को पहुंचाने के लिए सड़कों को फिर से खोलने पर केंद्रित होगा।
सूडानी सेना के जवानों ने काडुगली स्थित 14वीं इन्फैंट्री डिवीजन के मुख्यालय के बाहर से वीडियो फुटेज साझा किए, जिनमें सैनिकों के नारे लगाते हुए शहर में प्रवेश, सैन्य वाहनों की तैनाती और सूडानी ध्वज फहराते हुए दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2023 के मध्य से सूडान सूडानी सशस्त्र बलों (सैफ) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (आरएसएफ) के बीच संघर्ष की चपेट में है। इस संघर्ष में अब तक दसियों हजार लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग देश के भीतर और बाहर विस्थापित हुए हैं।
इसी बीच, रविवार को सूडान एयरवेज का एक यात्री विमान खार्तूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए सिरे से तैयार किए गए रनवे पर उतरा। अप्रैल 2023 में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद यह राजधानी पहुंचने वाली पहली व्यावसायिक उड़ान थी।
पोर्ट सूडान से आई इस उड़ान को देश के पुनर्निर्माण की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच सरकारी कर्मचारियों और छात्रों सहित 160 यात्री विमान से उतरे। रनवे के आसपास अब भी संघर्ष में तबाह हुई इमारतों के अवशेष दिखाई दे रहे थे, शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया।
जैसे ही विमान के दरवाजे खुले, कुछ यात्रियों ने जमीन को चूम लिया, जबकि महिलाओं की पारंपरिक उल्लासपूर्ण आवाजें हवाई अड्डे पर गूंज उठीं।
एक यात्री खौगली मोहम्मद अब्बास ने कहा, “इतने वर्षों बाद राजधानी को ऊपर से देखना किसी सपने के सच होने जैसा था।”
संघर्ष की शुरुआत के समय खार्तूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रमुख संघर्ष क्षेत्रों में से एक था। बार-बार हुए हमलों में इसके टर्मिनल, कंट्रोल टॉवर और दर्जनों विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। मार्च 2025 में सरकारी बलों ने इस क्षेत्र पर फिर से नियंत्रण हासिल किया, लेकिन व्यापक नुकसान के कारण पुनर्वास की प्रक्रिया धीमी और खर्चीली रही है।
उड़ानों की बहाली राजधानी में हाल के समय में बनी अपेक्षाकृत शांति के बाद संभव हो सकी है। सूडानी सरकार ने 11 जनवरी को अपना मुख्यालय पोर्ट सूडान से वापस खार्तूम स्थानांतरित कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, अब तक लगभग 14 लाख लोग शहर में लौट चुके हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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