सूडानी सेना का दावा: आरएसएफ की दो साल की घेराबंदी के बाद दक्षिण कोर्डोफान की राजधानी में प्रवेश
खार्तूम, 3 फरवरी (आईएएनएस)। सूडानी सेना ने मंगलवार को घोषणा की कि उसकी इकाइयों ने दक्षिणी सूडान के साउथ कोर्डोफान राज्य की राजधानी काडुगली में प्रवेश कर लिया है। यह शहर पिछले दो वर्षों से अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (आरएसएफ) और उसके सहयोगी बलों की घेराबंदी में था।
सूडानी सशस्त्र बलों (सैफ) की स्पेशल वर्क फोर्सेज ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, “सूडानी सशस्त्र बलों ने काडुगली की घेराबंदी तोड़ दी है और शहर में प्रवेश कर लिया है।”
इस बीच, एक सैन्य कमांडर ने शिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि सैफ की टुकड़ियां काडुगली में दाखिल हो चुकी हैं और प्रमुख प्रतिष्ठानों को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आरएसएफ बलों को शहर और उसके आसपास की उनकी चौकियों से बाहर खदेड़ दिया गया है।
कमांडर के अनुसार, अगला चरण क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने, नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता को पहुंचाने के लिए सड़कों को फिर से खोलने पर केंद्रित होगा।
सूडानी सेना के जवानों ने काडुगली स्थित 14वीं इन्फैंट्री डिवीजन के मुख्यालय के बाहर से वीडियो फुटेज साझा किए, जिनमें सैनिकों के नारे लगाते हुए शहर में प्रवेश, सैन्य वाहनों की तैनाती और सूडानी ध्वज फहराते हुए दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2023 के मध्य से सूडान सूडानी सशस्त्र बलों (सैफ) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (आरएसएफ) के बीच संघर्ष की चपेट में है। इस संघर्ष में अब तक दसियों हजार लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग देश के भीतर और बाहर विस्थापित हुए हैं।
इसी बीच, रविवार को सूडान एयरवेज का एक यात्री विमान खार्तूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए सिरे से तैयार किए गए रनवे पर उतरा। अप्रैल 2023 में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद यह राजधानी पहुंचने वाली पहली व्यावसायिक उड़ान थी।
पोर्ट सूडान से आई इस उड़ान को देश के पुनर्निर्माण की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच सरकारी कर्मचारियों और छात्रों सहित 160 यात्री विमान से उतरे। रनवे के आसपास अब भी संघर्ष में तबाह हुई इमारतों के अवशेष दिखाई दे रहे थे, शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया।
जैसे ही विमान के दरवाजे खुले, कुछ यात्रियों ने जमीन को चूम लिया, जबकि महिलाओं की पारंपरिक उल्लासपूर्ण आवाजें हवाई अड्डे पर गूंज उठीं।
एक यात्री खौगली मोहम्मद अब्बास ने कहा, “इतने वर्षों बाद राजधानी को ऊपर से देखना किसी सपने के सच होने जैसा था।”
संघर्ष की शुरुआत के समय खार्तूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रमुख संघर्ष क्षेत्रों में से एक था। बार-बार हुए हमलों में इसके टर्मिनल, कंट्रोल टॉवर और दर्जनों विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। मार्च 2025 में सरकारी बलों ने इस क्षेत्र पर फिर से नियंत्रण हासिल किया, लेकिन व्यापक नुकसान के कारण पुनर्वास की प्रक्रिया धीमी और खर्चीली रही है।
उड़ानों की बहाली राजधानी में हाल के समय में बनी अपेक्षाकृत शांति के बाद संभव हो सकी है। सूडानी सरकार ने 11 जनवरी को अपना मुख्यालय पोर्ट सूडान से वापस खार्तूम स्थानांतरित कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, अब तक लगभग 14 लाख लोग शहर में लौट चुके हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
छोंगछिंग में दुनिया के पहले हाइब्रिड पावर मानवरहित कार्गो ड्रोन ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी
बीजिंग, 3 फरवरी (आईएएनएस)। चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन (सीएएससी) की इलेवन्थ एकेडमी द्वारा विकसित दुनिया का पहला हाइब्रिड पावर मानवरहित कार्गो विमान, रेनबो वाईएच-1000एस, ने रविवार को दक्षिण पश्चिम चीन के केंद्र शासित शहर छोंगछिंग की लियांगफिंग काउंटी में सफलतापूर्वक उड़ान भरी।
यह विमान मई 2025 में रेनबो वाईएच-1000 के सफल प्रक्षेपण के बाद, वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित एक नया मॉडल है। इसने एक प्रमुख न्यू एनर्जी वाहन कंपनी के साथ संयुक्त रूप से विकसित उच्च-शक्ति हाइब्रिड पावरट्रेन से लैस होकर उड़ान भरी, जिसने टेकऑफ और लैंडिंग दूरी को काफी कम कर दिया तथा भार वहन क्षमता और फ्लाइट रेंज को बढ़ा दिया। इस उड़ान ने हवाई प्रदर्शन के सभी परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह चीन में पहली बार ड्रोन उद्योग और ऑटोमोटिव उद्योग की मुख्य तकनीकों के सफल संयोजन का प्रतिनिधित्व करता है। आपूर्ति श्रृंखला संसाधनों और मॉड्यूलर उत्पादन को साझा करके, ड्रोन के अनुसंधान एवं निर्माण लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, यह चीन में लो-एल्टीट्यूड इकोनॉमी और मानवरहित लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और औद्योगिक नवाचार के गहन एकीकरण को गति देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
आपको बता दें कि रेनबो वाईएच-1000एस सीएएससी की इलेवन्थ एकेडमी द्वारा एयरवर्थीनेस मानकों के अनुसार डिजाइन और विकसित एक बड़ा मानवरहित कार्गो विमान है। यह अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स परिवहन, आपातकालीन बचाव एवं आपदा प्रबंधन, मौसम संशोधन, समुद्री निगरानी और समुद्री नियमन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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