भारत और तंजानिया ने सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा में सहयोग पर की चर्चा
नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि भारत और तंजानिया ने जांजीबार में संयुक्त रक्षा सहयोग कमेटी (जेडीसीसी) की चौथी बैठक की, जिसमें सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के संयुक्त सचिव, अमिताभ प्रसाद ने 2-3 फरवरी को जांजीबार में हुई बैठक की सह- अध्यक्षता की। मीटिंग के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे अलग-अलग सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर बात की।
रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक रिलेशंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, जॉइंट सेक्रेटरी (इंटरनेशनल कोऑपरेशन) अमिताभ प्रसाद ने 2-3 फरवरी को जांजीबार में हुई भारत-तंजानिया के बीच जॉइंट डिफेंस कोऑपरेशन कमेटी (जेडीसीसी) की चौथी बैठक की सह-अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने सैन्य प्रशिक्षण, मैरीटाइम सुरक्षा, डिफेंस इंडस्ट्री में सहयोग पर चर्चा की और काउंटर टेररिज्म, पीसकीपिंग ट्रेनिंग और ईडह्ल्यू, साइबर, एआई जैसे खास क्षेत्र में ट्रेनिंग जैसे नए एरिया पर भी बात की ताकि द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाया जा सके।
पिछले साल नवंबर में भारत और तंजानिया के नौसेना के अधिकारियों ने चल रहे सहयोग को आगे बढ़ाने और मैरीटाइम सिक्योरिटी के लिए एक कोऑर्डिनेटेड अप्रोच को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, भारतीय नौसेना-तंजानिया पीपल्स डिफेंस फोर्स नेवी स्टाफ टॉक्स का पहला एडिशन 18 नवंबर 2025 को दार एस सलाम में सफलतापूर्वक खत्म हुआ। रियर एडमिरल श्रीनिवास मद्दुला, एसीएनएस (एफसीआई) और कमोडोर एफजे मवासीकोलिले, नेवल और ट्रेनिंग ऑफिसर टीपीडीएफ नेवी, ने सह-अध्यक्षता की।
उन्होंने कहा, बातचीत द्विपक्षीय मैरीटाइम एंगेजमेंट के फ्यूचर कोर्स को मैप करने, चल रहे सहयोग को आगे बढ़ाने और मैरीटाइम सिक्योरिटी के लिए एक कोऑर्डिनेटेड अप्रोच को बढ़ावा देने पर डेडिकेटेड थी।
तंजानिया में भारतीय हाई कमीशन के मुताबिक 1960 से 1980 के दशक तक राजनीतिक संबंधों में एंटी-कोलोनियलिज्म, नॉन-अलाइमेंट और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए साझा प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय फोरम में करीबी सहयोग शामिल थे। 2023 में तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन के भारत के दौरे के समय द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
वैश्विक स्थिति में स्थिरता लाता है रूस-चीन सहयोग: रूसी विदेश मंत्री
बीजिंग, 3 फरवरी (आईएएनएस)। रूसी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर 2 फरवरी को जारी एक खबर के अनुसार, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस और चीन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं, जिससे दिन-ब-दिन तनावपूर्ण होती वैश्विक स्थिति में स्थिरता आ रही है।
रूसी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट ने 2025 में रूस की राजनयिक उपलब्धियों के सम्बंध में मीडिया के सवालों के जवाब में लावरोव द्वारा दिए गए उत्तरों का एक प्रतिलेख प्रकाशित किया। रूस-चीन सम्बंधों के बारे में बोलते हुए, लावरोव ने कहा कि जिम्मेदार प्रमुख शक्तियों और अंतर्राष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण प्रतिभागियों के रूप में, रूस और चीन तेजी से अशांत वैश्विक स्थिति के मद्देनजर एक विशेष ऐतिहासिक मिशन निभाते हैं।
लावरोव ने कहा कि रूसी और चीनी विदेश नीतियों का समन्वय दोनों देशों के बीच नए युग के लिए व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी का एक महत्वपूर्ण घटक और प्राथमिकता है, जो अंतर्राष्ट्रीय मामलों में एक महत्वपूर्ण स्थिरता कारक है, और अंतर्राष्ट्रीय सम्बंधों के लोकतंत्रीकरण में एक बड़ा योगदान है।
लावरोव ने कहा कि चीन वैश्विक मंच पर रूस का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र, शांगहाई सहयोग संगठन, ब्रिक्स, जी20 और एपेक जैसे बहुपक्षीय ढांचों के भीतर सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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