सीएम योगी बोले- “भारत की सबसे यंग वर्क फोर्स यूपी में है, उसकी प्रतिभा मेरा सबसे बड़ा सामर्थ्य और शक्ति है”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज HCL Tech, लखनऊ की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने Emerging Tech Skilling Centre का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर HCL फाउंडेशन की विभिन्न पहलों से जुड़े लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। योगी ने कहा HCL Tech ने उत्तर प्रदेश में केवल अपने व्यवसाय का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, मैं पूरे ग्रुप को बधाई देता हूँ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा HCL ने 10 साल पहले यूपी को चुना लखनऊ को चुना और लखनऊ ने HCL को अपनाया दोनों की साझा यात्रा पर आज उत्तर प्रदेश का हर नागरिक गौरव की अनुभूति कर सकता है इस कैम्पस की सफलता के पीछे यहाँ के कर्मचारियों की मेहनत तो है ही लेकिन इस मेहनत के साथ एक दुआ है किसी माँ की एक सपना साकार हो रहा है किसी पिता का और एक विश्वास वैश्विक धरातल पर लखनऊ को एक पहचान दे रहा है किसी परिवार का जिसने अपने बेटे और बेटी के परिश्रम को सफल होते हुए इस कैम्पस से देखा है।
आज दुनिया का युवा यूपी को करियर के रूप में चुन रहा है
योगी ने कहा आज जब उत्तर प्रदेश का युवा यहीं रहकर दुनिया के लिए टेक्नॉलोजी बना रहा है तो सबसे बड़ी ख़ुशी किसी को होती हिया तो उसके माता पिता को होती है याद कीजिये आज से 10 वर्ष पहले क्या स्थिति थी यूपी के युवा को अपना करीयर बनाने के लिए दिल्ली, मुंबई , बेंगलुरु, हैदराबाद को चुनना होता था और आज में कह सकता हूँ हमारा यूपी का युवा अपने करियर के लिए लखनऊ को चुन रहा है लेकिन दुनिया क युवा यूपी में आ रहा है ये बदलाव है आप सिर्फ HCL के एम्प्लाई ही नहीं हिं यूपी के ब्रांड एम्बेसडर भी है।
यूपी के पास कीमती जमीन भी है और युवा वर्क फ़ोर्स भी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा उत्तर प्रदेश के पास उसकी जमीन सबसे बड़ी ताकत रही है हमारे पूर्वज कहते थे हमारे पास दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि है लेकिन अब मैं कहता हूँ हमारे पास हमारी कीमती जमीन भी है और सबसे यंग वर्क फ़ोर्स भी हमारे पास है और इसी यंग फ़ोर्स की प्रतिभा हमारी सबसे बड़ी ताकत और सामर्थ्य भी है।
अब बीच में कोई कट मनी नहीं ले सकता है
पीएम मोदी ने जब देश में डिजिटल इंडिया का विजन दिया था विरोधी दलों ने खिल्ली उड़ाई थी हँसते थे बोलते थे भारत में कैसे होगा जनधन पर भी खिल्ली उड़ाई थी और आज DBT ने अन्त्योदय को साकार किया है गरीब का पैसा सीधे उसके खाते में जायेगा अब बीच में कोई कट मनी नहीं ले सकता है ये डिजिटल इंडिया का कमाल है।
भारत की सबसे यंग वर्क फोर्स यूपी में है,
उसकी प्रतिभा मेरा सबसे बड़ा सामर्थ्य और शक्ति है… pic.twitter.com/kDKWuEJI8B
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 6, 2026
रात में शाही कब्रिस्तान पहुंची मेट्रो टीम, शुरू की बैरिकेडिंग, विधायक आतिफ अकील ने की काम रोकने की अपील,बोले – ‘बिना अनुमति के काम न हो’
भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन फेज-2 के अंडरग्राउंड रूट को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। दरअसल सोमवार देर रात मेट्रो की टीम भोपाल टॉकीज के पास शाही कब्रिस्तान पहुंची और बैरिकेडिंग शुरू की। वहीं जानकारी मिलने पर उत्तर विधानसभा से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से काम रोकने को कहा। जानिए क्या है पूरा मामला?
सोमवार देर रात शाही कब्रिस्तान में मेट्रो टीम के पहुंचने के बाद मौके पर हलचल बढ़ गई। दरअसल टीम की ओर से बैरिकेडिंग का काम शुरू किया गया था। इसकी सूचना मिलने पर विधायक आतिफ अकील वहां पहुंचे और मेट्रो तथा पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। विधायक आतिफ अकील ने कहा कि कब्रिस्तान की जमीन पर बिना जरूरी अनुमति के कोई काम नहीं होना चाहिए। उन्होंने मेट्रो टीम से मशीनें और सामान हटाने के लिए भी कहा।
दरअसल आतिफ अकील लंबे समय से इस हिस्से से मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट निकाले जाने पर आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि शाही कब्रिस्तान में उनके पूर्वजों सहित कई लोगों की कब्रें हैं। ऐसे में इस जमीन से मेट्रो का काम आगे बढ़ाने से पहले जरूरी वैधानिक अनुमति होनी चाहिए। मौके पर अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान विधायक ने इसी मुद्दे को उठाया और काम रोकने की मांग की।
अंडरग्राउंड रूट पर वक्फ अधिकरण में सुनवाई
शाही कब्रिस्तान से जुड़े मेट्रो रूट का मामला अब केवल मौके पर विरोध तक सीमित नहीं है। दरअसल इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में भी सुनवाई चल रही है। दोनों पक्ष अपना-अपना पक्ष अधिकरण के सामने रख रहे हैं। इसी वजह से विधायक आतिफ अकील का कहना है कि जब तक इस मामले में वैधानिक स्थिति साफ नहीं हो जाती तब तक कब्रिस्तान की जमीन पर किसी तरह का काम नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि विधायक की आपत्ति खास तौर पर उस अंडरग्राउंड हिस्से को लेकर है जो भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन फेज-2 का हिस्सा है। उनका कहना है कि कब्रिस्तान की जमीन और वहां मौजूद कब्रों को देखते हुए इस हिस्से पर काम करने से पहले अनुमति की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। सोमवार रात मेट्रो टीम के पहुंचने के बाद इसी मुद्दे को लेकर मौके पर अधिकारियों से उनकी बातचीत हुई।
भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन फेज-2 में 16.74 किमी का कॉरिडोर
बता दें कि भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन फेज-2 में सुभाष नगर से करोंद तक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई 16.74 किलोमीटर बताई गई है। इसमें 5.38 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा जहां छह स्टेशन प्रस्तावित हैं। पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा इस हिस्से के प्रमुख स्टेशन हैं। प्रोजेक्ट का 3.39 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड रखा गया है। इस अंडरग्राउंड सेक्शन में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड पर स्टेशन बनाए जाने हैं। इसी अंडरग्राउंड कॉरिडोर के एक हिस्से को लेकर शाही कब्रिस्तान का विवाद सामने आया है। सोमवार रात बैरिकेडिंग शुरू होने के बाद विधायक के मौके पर पहुंचने से मामला फिर चर्चा में आ गया।
हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष ने लगाए विकास रोकने के आरोप
वहीं मेट्रो रूट को लेकर चल रहे विवाद के बीच श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने विधायक आतिफ अकील के रुख पर सवाल उठाए हैं। चंद्रशेखर तिवारी ने विधायक पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि विधायक को केवल मुस्लिमों का प्रतिनिधि बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि उत्तर विधानसभा क्षेत्र से हिंदुओं ने भी उन्हें वोट दिया है। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों को रोकने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने देना चाहिए।
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