Election Commission मार्च पर पुलिस बैरिकेडिंग से Lutyens Delhi में थमा ट्रैफिक
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों के निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक मार्च के कारण मंगलवार को लुटियंस दिल्ली में जाम की स्थिति रही और कई प्रमुख सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नज़र आईं। पुलिस ने मार्च को देखते हुए कई सड़कों को बंद कर दिया था और कई अन्य पर मार्ग परिवर्तन लागू किया गया था जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इंडिया गेट और कनॉट प्लेस से लेकर संसद मार्ग और जंतर-मंतर तक, कई हिस्सों पर वाहनों की कतारें लग गईं और बैरिकेड व बीच-बीच में वाहनों की आवाजाही रोके जाने के कारण वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ रहे थे।
भारी बैरिकेडिंग के चलते वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस जाम के कारण लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। कुछ लोगों ने अपने वाहनों को छोड़ दिया और मेट्रो का सहारा लिया या मध्य दिल्ली में अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए पैदल चल दिए।
कनॉट प्लेस, पटेल चौक, रफी मार्ग, संसद मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग, पृथ्वीराज रोड, विंडसर प्लेस, अशोक रोड और जंतर-मंतर रोड पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। अशोक रोड पर फंसे एक यात्री ने कहा, यातायात लगभग शून्य गति से चल रहा था और गाड़ियां बमुश्किल आगे बढ़ रही थीं। हम लगभग एक घंटे तक फंसे रहे, जिसके बाद हममें से कुछ लोगों ने उतर कर मेट्रो लेने का फैसला किया।
नयी दिल्ली के पूरे इलाके में यातायात प्रभावित हुआ, जहां कृष्णा मेनन मार्ग, राजपथ और सर्कुलर रोड पर आवाजाही पर असर पड़ा, जबकि इंडिया गेट के आसपास कई गोल चक्करों पर भारी जाम की सूचना मिली। एक यात्री ने कहा कि इंडिया गेट के आसपास की सड़कों पर भारी जाम था, और कई मार्गों पर प्रतिबंधों व मार्ग परिवर्तन के कारण आसपास के इलाकों के बीच आवाजाही मुश्किल हो गई। एक यात्री ने कहा, ताज होटल और मैरियट के पास की पूरी सड़क को वीआईपी आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था और कई वाहन जाम में फंसे गए।
वहां भारी बैरिकेडिंग थी और निकलने का रास्ता नहीं था। पुलिस ने यह भी कहा कि ताज और मैरियट होटलों के आसपास के प्रतिबंध वीवीआईपी व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े थे और परिचालन व सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार लगाए गए थे। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक ‘इंडिया’ गठबंधन के मार्च के लिए सुबह आठ बजे से विशेष यातायात व्यवस्था की गई थी।
यातायात पुलिस ने बताया कि कनॉट प्लेस-पटेल चौक-संसद मार्ग खंड, पटेल चौक से जीपीओ, विंडसर प्लेस से जीपीओ, अशोक रोड, जंतर-मंतर रोड, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों पर यातायात को नियंत्रित या उनका मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है। मध्य दिल्ली से होकर यात्रा करने वाले यात्रियों को जंतर-मंतर, संसद मार्ग, अशोक रोड और आसपास के क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा कि मार्ग परिवर्तन और जाम को कम करने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर यातायात कर्मी तैनात हैं।
विपक्षी गठबंधन इंडिया के सांसदों का मार्च चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर निर्वाचन आयोग के मुख्यालय ‘निर्वाचन सदन’ की ओर निकाला, लेकिन पुलिस ने इसे बीच में रोक दिया, जिसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस प्रियंका गांधी समेत अन्य नेता संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए।
3500 घंटे उड़ान का अनुभव, Air Marshal Ashutosh Dixit होंगे Indian Air Force के नए चीफ
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। वायु सेना में स्वदेशी LCA तेजस और अन्य स्वदेशी विमान प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए मशहूर एयर मार्शल दीक्षित से सरकार की 'आत्मनिर्भरता' पहल को और आगे बढ़ाने की उम्मीद है। उन्हें 06 दिसंबर 1986 को IAF की फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया था। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं और उनके पास 3500 घंटे से ज़्यादा की उड़ान का अनुभव है।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि मुझे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित (PVSM, AVSM, VM, VSM) को एयर चीफ मार्शल के पद पर अगला 'चीफ ऑफ द एयर स्टाफ' नियुक्त करने के लिए राष्ट्रपति की मंज़ूरी बताने का निर्देश दिया गया है। यह नियुक्ति 31 अक्टूबर, 2026 की दोपहर से प्रभावी होगी और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2028 तक रहेगा। न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दीक्षित, जो स्वदेशी LCA तेजस और दूसरे एयरक्राफ्ट प्रोग्राम को शामिल करने और आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं, उम्मीद है कि वे डिफेंस में सरकार के 'आत्मनिर्भरता' अभियान को अपना समर्थन देना जारी रखेंगे।
उन्हें 6 दिसंबर, 1986 को इंडियन एयर फ़ोर्स की फ़ाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया था। नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज़ स्टाफ़ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे दीक्षित के पास 3,500 घंटे से ज़्यादा की फ़्लाइंग का अनुभव है। एयर स्टाफ़ के वाइस चीफ़ बनने से पहले, उन्होंने सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफ़िसर कमांडिंग-इन-चीफ़ और बाद में चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ कमेटी के चेयरमैन के लिए इंटीग्रेटेड डिफ़ेंस स्टाफ़ के चीफ़ के तौर पर काम किया।
एयर हेडक्वार्टर में, दीक्षित ने एयर स्टाफ़ की ज़रूरतों के प्रिंसिपल डायरेक्टर, एयर स्टाफ़ (प्रोजेक्ट्स) के असिस्टेंट चीफ़ और एयर स्टाफ़ (प्लान्स) के असिस्टेंट चीफ़ के तौर पर काम किया है। उन्होंने एयर स्टाफ़ के डिप्टी चीफ़ का पद भी संभाला है। उनकी पिछली नियुक्तियों में सदर्न एयर कमांड के एयर डिफ़ेंस कमांडर और साउथ वेस्टर्न एयर कमांड के सीनियर एयर स्टाफ़ ऑफ़िसर के पद शामिल हैं।
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