अरुणाचल में Siang Project विवाद पर APCC ने सरकार से बातचीत की मांग की
ईटानगर, छह अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना (एसयूएमपी) को लेकर सियांग और अपर सियांग जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने मंगलवार को राज्य सरकार से तनाव कम करने और प्रभावित समुदायों के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि एसयूएमपी से जुड़े मुद्दों में लोगों की जमीन, आजीविका, पर्यावरण, पहचान और भविष्य शामिल हैं तथा इन्हें केवल कानून-व्यवस्था या सुरक्षा का मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए। उसने एसयूएमपी से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों और अर्धसैनिक बलों के बीच झड़प और लाठीचार्ज की निंदा की।
कांग्रेस ने कहा कि शांतिपूर्ण सियांग क्षेत्र को टकराव का क्षेत्र नहीं बनाया जाना चाहिए। उसने कहा, ‘‘विकास को बल, धमकी या सुरक्षा बलों की अत्यधिक तैनाती के जरिये थोपा नहीं जा सकता। सरकार को लोगों की बात सुननी चाहिए, न कि उनसे टकराव करना चाहिए।’’ एपीसीसी ने कहा कि किसी विकास परियोजना के विरोध और लोकतांत्रिक असहमति को कानून-व्यवस्था की स्थिति या आंतरिक सुरक्षा के खतरे के बराबर नहीं माना जा सकता।
उसने कहा कि भूमि अधिग्रहण, संभावित विस्थापन, पर्यावरणीय प्रभाव, पुनर्वास, मुआवजे और एसयूएमपी के दीर्घकालिक प्रभावों से जुड़े मुद्दों का सार्थक परामर्श के जरिये समाधान किया जाना चाहिए। पार्टी ने प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की समीक्षा करने की मांग की। उसने सरकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और ग्रामीणों के खिलाफ बल प्रयोग से बचने तथा यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों को डराने-धमकाने, मनमानी गिरफ्तारी या किसी तरह की दमनात्मक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
ECI विरोध पर CM Devendra Fadnavis का हमला, कहा- लोकतंत्र को बदलने की हो रही कोशिश
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में हो रहा विरोध प्रदर्शन लोगों के मन में यह धारणा बनाने की कोशिश है कि संविधान द्वारा स्थापित संस्थाएं बेअसर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेहद कट्टरपंथी वामपंथी तत्व लोकतंत्र को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। फडणवीस ने कहा कि यह लोगों के मन में यह धारणा बनाने की कोशिश है कि संविधान द्वारा स्थापित संस्थाएं बेअसर हैं। यह कार्यक्रम संविधान को नकारने के इरादे से चलाया जा रहा है। यह बेहद कट्टरपंथी वामपंथी तत्वों द्वारा लोकतंत्र को बदलने की कोशिश है। पुलिस के खिलाफ मुंबई कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने उन्हें पूरी तरह से झूठा बताया। फडणवीस ने कहा यह पूरी तरह से झूठा आरोप है। मुंबई पुलिस पेशेवर है और वे किसी को नहीं रोकते हैं।
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छात्रों ने इस मामले पर मुझसे फ़ोन पर बात की। NSUI के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि आंदोलन खत्म न हो। छात्रों की समस्याएं वास्तविक हैं और सरकार उन्हें हल करने के लिए सकारात्मक है। अगर कोई अपने नेता के लिए राजनीति कर रहा है, तो उन्हें राजनीतिक रूप से जवाब दिया जाएगा। हम पुणे में किसी सहमति पर नहीं पहुँच सके, इसलिए आगे की चर्चा की जाएगी। INDIA गठबंधन की कई पार्टियों के नेताओं ने मार्च में भाग लिया और अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित व्यापक लोकतंत्र बचाओ अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत इसके नेता EC के खिलाफ प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। नया विवाद 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट से शुरू हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया के दौरान 14 आपत्तियां उठाई थीं। ECI का कहना है कि फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
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