खराब Weather के चलते Rudraprayag में Helicopter की Emergency Landing, 6 लोग बाल-बाल बचे
खराब मौसम की वजह से रुद्रप्रयाग ज़िले के अगस्त्यमुनि स्पोर्ट्स ग्राउंड पर एक हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। प्रशासन के मुताबिक, हिमालयन सर्विसेज़ का यह हेलिकॉप्टर उत्तरकाशी के झाला से सरसी हेलीपैड जा रहा था, तभी मौसम खराब होने पर सुरक्षा के लिहाज़ से पायलट ने अगस्त्यमुनि में इमरजेंसी लैंडिंग का फ़ैसला किया। हेलिकॉप्टर में क्रू समेत कुल छह लोग सवार थे और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इससे पहले, खराब मौसम की वजह से चार धाम यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी गई थी।
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मौसम में सुधार के बाद पिछले हफ़्ते इसे फिर से शुरू किया गया। पहाड़ी राज्य में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर ज़मीन खिसकने (लैंडस्लाइड) और चट्टानें गिरने की घटनाएं हुईं, जिससे कई जगहों पर ट्रैफ़िक पर असर पड़ा। बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि प्रभावित रास्तों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। पिछले हफ़्ते, रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चिरबासा हेलीपैड के पास ज़मीन खिसकने से सड़क को आंशिक रूप से नुकसान पहुँचा, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु उस रास्ते को पार नहीं कर पाए; इसके बाद बचाव दलों ने 6,500 से ज़्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। राज्य सरकार ने एक बार फिर निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बहुत सावधानी बरतें, यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लें और प्रशासन व मौसम विभाग द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अरुणाचल में Siang Project विवाद पर APCC ने सरकार से बातचीत की मांग की
ईटानगर, छह अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना (एसयूएमपी) को लेकर सियांग और अपर सियांग जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने मंगलवार को राज्य सरकार से तनाव कम करने और प्रभावित समुदायों के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। पार्टी ने एक बयान में कहा कि एसयूएमपी से जुड़े मुद्दों में लोगों की जमीन, आजीविका, पर्यावरण, पहचान और भविष्य शामिल हैं तथा इन्हें केवल कानून-व्यवस्था या सुरक्षा का मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए। उसने एसयूएमपी से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों और अर्धसैनिक बलों के बीच झड़प और लाठीचार्ज की निंदा की।
कांग्रेस ने कहा कि शांतिपूर्ण सियांग क्षेत्र को टकराव का क्षेत्र नहीं बनाया जाना चाहिए। उसने कहा, ‘‘विकास को बल, धमकी या सुरक्षा बलों की अत्यधिक तैनाती के जरिये थोपा नहीं जा सकता। सरकार को लोगों की बात सुननी चाहिए, न कि उनसे टकराव करना चाहिए।’’ एपीसीसी ने कहा कि किसी विकास परियोजना के विरोध और लोकतांत्रिक असहमति को कानून-व्यवस्था की स्थिति या आंतरिक सुरक्षा के खतरे के बराबर नहीं माना जा सकता।
उसने कहा कि भूमि अधिग्रहण, संभावित विस्थापन, पर्यावरणीय प्रभाव, पुनर्वास, मुआवजे और एसयूएमपी के दीर्घकालिक प्रभावों से जुड़े मुद्दों का सार्थक परामर्श के जरिये समाधान किया जाना चाहिए। पार्टी ने प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की समीक्षा करने की मांग की। उसने सरकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और ग्रामीणों के खिलाफ बल प्रयोग से बचने तथा यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों को डराने-धमकाने, मनमानी गिरफ्तारी या किसी तरह की दमनात्मक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
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