रांची में बीजेपी कोर कमेटी की बड़ी बैठक, नई टीम के साथ 2029 फतह और सेवा संकल्प अभियान पर महामंथन
Ranchi BJP Meeting: झारखंड की राजधानी रांची स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश कोर कमेटी की एक बेहद अहम और निर्णायक बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि राज्य में हाल ही में हुए व्यापक संगठनात्मक बदलावों और नई प्रदेश टीम के गठन के बाद यह पहला मौका है जब पूरी कोर कमेटी एक साथ बैठकर भविष्य की रूपरेखा तैयार कर रही है. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू कर रहे हैं, जबकि पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल मुख्य रूप से उपस्थित हैं.
बैठक में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास और केंद्रीय पूर्व मंत्री अर्जुन मुंडा समेत भारतीय जनता पार्टी के कई कद्दावर नेता एक मंच पर मौजूद हैं. इस उच्चस्तरीय बैठक में संगठन की वर्तमान दशा, जमीनी पकड़ और आने वाले दिनों की राजनीतिक दिशा को लेकर गहन विचार-विमर्श चल रहा है.
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और संगठनात्मक मजबूती का संकल्प
कोर कमेटी की इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के लगभग सभी शीर्ष नेता और प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं. बैठक में मुख्य रूप से रविंद्र राय, प्रदीप वर्मा, विधायक भानु प्रताप शाही, अमर कुमार और गणेश मिश्रा समेत कोर कमेटी के अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लिया. बैठक की शुरुआत में नए प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. इसके बाद पार्टी के आंतरिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई. नेताओं का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि राज्य के हर जिले, विधानसभा क्षेत्र और मंडल स्तर पर संगठन को किस प्रकार सक्रिय और गतिशील बनाया जाए ताकि कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरा जा सके. नए पदाधिकारियों के आने से संगठन में ऊर्जा का नया संचार हुआ है और कोर कमेटी इसी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में जुटी है.
सेवा संकल्प अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी
बैठक के एजेंडे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा और उसकी सफलता की रणनीति सबसे ऊपर रही. कोर कमेटी के सदस्यों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सेवा संकल्प अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचे. इसके तहत पूरे प्रदेश में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जांच शिविर और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
बैठक में इन सभी कार्यक्रमों की मंडल और बूथ स्तर तक प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है. पार्टी नेताओं का मानना है कि सेवा कार्यों के माध्यम से जनता के बीच विश्वास को और गहरा किया जा सकता है, जो किसी भी राजनीतिक संगठन की असली पूंजी होती है.
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कैबिनेट ने एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को मंजूरी दी, मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना को मंजूरी दे दी। यह एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) होगा, जो परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में एकीकृत योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन और निगरानी का काम करेगा।
इस फैसले का उद्देश्य विभिन्न परिवहन मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बिखरी हुई योजना और क्रियान्वयन के कारण लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान करना है।
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परिवहन और लॉजिस्टिक्स के व्यापक क्षेत्रों में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूत करने के लिए आईटीएलए नामक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) की स्थापना को मंजूरी दी।
सरकार का मानना है कि बेहतर समन्वय और मल्टीमॉडल एकीकरण से देशभर में बुनियादी ढांचे के विकास की दक्षता, स्थिरता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
आईटीएलए परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग के लिए राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगी। यह नीतिगत सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ अनुसंधान करेगी, परियोजनाओं का मूल्यांकन करेगी, क्रियान्वयन की निगरानी करेगी और क्षेत्र में निर्णय लेने में सहायता के लिए डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करेगी।
प्राधिकरण की एक प्रमुख जिम्मेदारी व्यापक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करना होगी, जिसकी योजना अवधि 10 वर्ष या उससे अधिक होगी।
इस योजना में परिवहन के प्रमुख साधनों को शामिल किया जाएगा, जिनमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।
प्राधिकरण विभिन्न परिवहन मंत्रालयों द्वारा तैयार की गई अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं और वार्षिक योजनाओं की भी समीक्षा करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे दीर्घकालिक राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप हों। इससे देशभर में एकीकृत और मल्टीमॉडल परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अपने दायित्व के तहत आईटीएलए केंद्र सरकार की 500 करोड़ रुपए या उससे अधिक की अनुमानित लागत वाली परिवहन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगी। ऐसी परियोजनाओं का वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से ही किया जाता रहेगा।
प्राधिकरण 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की भी निगरानी करेगा और परियोजनाओं के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक समन्वित मंच उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा, यह परियोजनाओं के नतीजों और असर का मूल्यांकन करने के लिए लागू होने के बाद के प्रभाव का आकलन भी करेगा।
--आईएएनएस
एबीएस
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