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Success Story: 10 साल की कड़ी मेहनत, कभी पीछे नहीं मुड़े कोडरमा के तनवीर, आज 3 फर्नीचर शोरूम के हैं मालिक

Koderma Success Story : कोडरमा के तनवीर आलम ने झुमरी तिलैया में एक छोटी फर्नीचर दुकान से शुरुआत की. आज उनके पास 3 फर्नीचर शोरूम हो गए हैं. इसके साथ ही आज वह कई लोगों को रोजगार भी दिए हुए हैं.

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T20 World Cup: भारत-पाकिस्तान महामुकाबले पर सियासी संकट, Knockout मैच भी हो सकता है रद्द

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच के बहिष्कार के अपने सरकारी फैसले पर चुप्पी साध रखी है। वहीं, एक विश्वसनीय सूत्र ने स्वीकार किया कि शीर्ष स्तर से आ रहे निर्देशों का पालन करने के अलावा पीसीबी के पास कोई विकल्प नहीं है। इस घटनाक्रम के बीच, राष्ट्रीय टीम 7 फरवरी से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में अपने बाकी मैच खेलने के लिए कोलंबो रवाना हो गई। पीसीबी के एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि अगर टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण के दौरान कट्टर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ कोई और मैच निर्धारित होता है, तो बोर्ड सरकारी निर्देशों का पालन करेगा।
 

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सूत्र ने बताया कि सरकार ने बोर्ड को सूचित कर दिया है कि राष्ट्रीय टीम 15 फरवरी को भारत के खिलाफ नहीं खेलेगी और विश्व कप में अंक गंवा देगी। यदि पाकिस्तान को नॉकआउट चरण में भारत के खिलाफ खेलना पड़ता है, तो उस समय सरकार द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का बोर्ड पालन करेगा। यदि भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का निर्णय वापस नहीं लिया जाता है, तो पाकिस्तान का अभियान 7 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ शुरू होगा, इसके बाद 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ मैच होंगे।

वहीं, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सोमवार को कहा कि टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मैच के बहिष्कार के गंभीर परिणाम की पाकिस्तान को चेतावनी देकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने सही किया। पाकिस्तान के फैसले की जानकारी आधिकारिक सरकारी बयान के मार्फत मिली जिसे टूर्नामेंट से बांग्लादेश को बाहर किये जाने के राजनीतिक विरोध के रूप में देखा जा रहा है। आईसीसी ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराने से इनकार किया था। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेता दिया है कि इस मैच के बहिष्कार के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और यह फैसला खेल के हित में नहीं है। 
 

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शुक्ला ने पत्रकारों से कहा कि आईसीसी ने इस मामले पर बड़ा बयान दे दिया है। इसमें खेल भावना की अहमियत को बताया गया है। हम आईसीसी से सहमत हैं। जब तक आईसीसी से बात नहीं हो जाती, बीसीसीआई कोई बयान नहीं देगा। विवाद की शुरूआत बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश पर आईपीएल से बाहर करने के फैसले के बाद हुई। इसके बाद बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों से भारत आने से इनकार कर दिया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह शर्मनाक है कि दोनों तरफ खेल का राजनीतिकरण हो रहा है। मुझे नहीं लगता कि मुस्ताफिजुर का कोलकाता में खेलने का करार रद्द किया जाना चाहिये था। यह राजनीति का दुर्भाग्यपूर्ण दखल है।

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  Sports

T20 World Cup में विदेशी टीमों की तरफ से भाग लेंगे भारतीय मूल के कई क्रिकेटर

टी20 विश्व कप में कई टीमों में भारतीय मूल के क्रिकेटरों की भरमार है जो सात फरवरी से होने वाले टूर्नामेंट में अपनी ‘घरेलू धरती’ पर प्रभाव छोड़ने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। विदेशी टीमों में भारतीय मूल के तीन दर्जन से भी अधिक क्रिकेटर हैं जिनमें कनाडा और अमेरिका सबसे आगे हैं। मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर जैसे खिलाड़ी के लिए वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलना एक यादगार पल होगा। जिस देश में उन्होंने जन्म लिया वह उसकी तरफ से तो नहीं खेल पाए लेकिन अपने बचपन की इस धरती पर वापसी के लिए भावुक हैं।

फगवाड़ा में जन्मे इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह भी उस देश में शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए बेताब हैं, जिसे उन्होंने किशोरावस्था में ही छोड़ दिया था। नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन वह भी अपने मूल देश में खेलने को लेकर उत्साहित हैं।

आईसीसी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 20 टीमों में कनाडा (11) की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। उसके बाद अमेरिका (09), ओमान (07) और यूएई (07) का नंबर आता है। मेजबान भारत अपनी घरेलू धरती पर खिताब का बचाव करने की कोशिश करेगा लेकिन कई अन्य टीमों में भी ‘भारतीय दबदबा’ देखने को मिलेगा। हम यहां पर भारतीय मूल के कुछ क्रिकेटरों पर नजर डाल रहे हैं जो कि टूर्नामेंट में प्रभाव छोड़ सकते हैं।

सौरभ नेत्रवलकर: भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके अमेरिका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर विश्व कप के पहले मैच में भारत का सामना करने के लिए मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछली बार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर सुपर आठ के लिए क्वालीफाई किया था।

नेत्रवलकर भारत की अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेलने के लिए बेताब हैं, लेकिन सात फरवरी को वानखेड़े में मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी सूर्यकुमार यादव के खिलाफ मैदान में उतरते समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश करनी होगी। मोनांक पटेल: भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अमेरिका की कप्तानी आनंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे, जिन्होंने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच विजेता अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी थी।

यह 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज गुजरात अंडर-19 टीम के अपने पूर्व साथी जसप्रीत बुमराह का सामना करने के लिए उत्सुक है। वह मैदान के बाहर अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं। बुमराह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक बन गए हैं और मोनांक को किशोरावस्था में ही इसका पता चल गया था। मोनांक ने कहा, ‘‘हमने साथ में लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों तरह की क्रिकेट खेली है और वह वाकई बहुत खास पल थे।

वह मेरे क्रिकेट करियर का शुरुआती दौर था और तब भी जिस तरह से हम खेल रहे थे, विशेषकर जिस तरह से जसप्रीत प्रदर्शन कर रहा था, हम जानते थे कि उसमें वो खास हुनर ​​है और वह आगे चलकर जरूर बड़ा खिलाड़ी बनेगा।’’ जसप्रीत सिंह: इटली के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह पर भी लोगों की निगाहें टकी रहेंगी। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चला गया था। उन्होंने इटली में टेप-बॉल क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और 2016-17 में लाल गेंद की क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईसीसी प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलना उस तेज गेंदबाज के लिए सपने जैसा है, जो कुछ समय पहले तक आजीविका के लिए उबर ड्राइवर के रूप में काम करता था। आर्यन दत्त: आर्यन दत्त को 2023 में वनडे विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों के सामने खेलने का अनुभव है। नीदरलैंड की टीम में भारतीय मूल के एकमात्र क्रिकेटर 22 वर्षीय आर्यन दत्त का लक्ष्य प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष टीमों को हैरान करना है। दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था। भारत में अब भी उनके परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं। दिलप्रीत बाजवा: गुरदासपुर में जन्में बाजवा 2020 में ही कनाडा गए थे और छह साल बाद वह कनाडा की टीम के कप्तान के रूप में भारत आए हैं। पंजाब में आयु वर्ग की क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद बाजवा को वह अवसर नहीं मिले जिनकी उन्हें उम्मीद थी। उन्होंने हालांकि निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और कम प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखी। कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में मिली सफलता से उन्होंने कनाडा की टीम में जगह बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह 23 वर्षीय यह खिलाड़ी 2024 के टी20 विश्व कप में भी कनाडा की टीम का हिस्सा था। जतिंदर सिंह: बाजवा की तरह लुधियाना में जन्मे जतिंदर भी अपने नए देश ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उन्हें भारत में खेलने का अवसर कभी नहीं मिला। ओमान के सभी लीग मैच श्रीलंका में होने के कारण जतिंदर के लिए अपनी जन्मभूमि में खेलने का सपना पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है।

Tue, 03 Feb 2026 16:13:19 +0530

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