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'ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे…' जब बेगम अख्तर को सुन महफिल में छा गया सन्नाटा, लोग तालियां बजाना भूल गए
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। गाने वाले तो इस दुनिया में बहुत हुए लेकिन कुछ आवाजें सिर्फ कानों तक नहीं पहुंचतीं बल्कि सीधे दिल में उतर जाती हैं। बेगम अख्तर की आवाज भी ऐसी ही थी। उनकी गजल सुनते वक्त ऐसा लगता था जैसे कोई सामने बैठकर आपके दिल का दर्द बयां कर रहा हो। उनकी गायकी में मोहब्बत की मिठास भी थी और जुदाई का दर्द भी। यही वजह है कि उन्हें 'मल्लिका-ए-गजल' कहा गया। जब वह गाती थीं तो महफिल में बैठे लोग सिर्फ सुनते नहीं थे बल्कि उस एहसास को जीने लगते थे। उनकी मशहूर गजल 'ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया' आज भी संगीत प्रेमियों के दिल में उसी तरह बसी हुई है।
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