योगी सरकार ने बदली यूपी की तकदीर, राज्य में हो रहा देश का 60 फीसदी मोबाइल, 55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट का उत्पादन
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं. यही वजह है कि पिछले नौ सालों में राज्य ने हर क्षेत्र में तेज विकास दर्ज किया है. फिर चाहे वह रोजगार के मामले में हो या फिर शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा का. यही नहीं आज उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का हब बन गया है. सीएम योगी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने अपनी सरकारी की उपलब्धियों का जिक्र किया. साथ ही पहले की सरकारों पर जमकर निशाना भी साधा.
पहले की सरकारों ने यूपी को बीमारू राज्य बनाकर रखा- सीएम योगी
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने पहले की सरकारों पर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि पुरानी सरकारों ने राज्य के युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया और इसे एक बीमारू राज्य ही बनाए रखा. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे बीमारू ही बनाए रखा."
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में आई तेजी
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में बीते नौ सालों में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्माण में तेजी आई है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, आज साढ़े 9 वर्षों के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है.
आत्मनिर्भर भारत के विजन को जमीन पर उतारा- सीएम योगी
इसके साथ ही सीएम योगी ने पीएम मोदी का नाम लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया है डबल इंजन की सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है.
सीएम योगी ने आगे लिखा, "जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं, और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न हैं. यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है. सीएम योगी ने कहा कि लेकिन 2017 से पहले तस्वीर अलग थी. घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं. क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था.
असेंबली से AI तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 6, 2026
पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे बीमारू ही बनाए रखा।
आज साढ़े 9 वर्षों के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की…
सीएम योगी ने कहा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा? उन्होंने कहा कि हमने प्राथमिकता बदली. परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी. उन्होंने आगे कहा, "इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है.
10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि एआई-प्रज्ञा के जरिए 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है. उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है. असेंबली से से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है.
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सीएम योगी ने कहा कि इसी कड़ी में आज लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा. इस अवसर पर एचसीएल गुवी इमरजिंग टेक स्किलिंग सेंटर का भी शुभारंभ किया जाएगा. सीएम योगी ने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा, "'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है."
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पहाड़ी महिलाओं का कमाल, 'हाउस ऑफ हिमालयाज' ने किया 6 करोड़ का कारोबार; विदेशों में भी मची धूम
Uttarakhand News: राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की पहल अब मजबूत कारोबारी मॉडल में बदल रही है. उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं के मेहनत से तैयार अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ने अपनी शुरुआत के बाद से अब तक करीब 6 करोड़ रुपए का कारोबार दर्ज कर लिया है.
हाउस ऑफ हिमालयाज की शुरुआत को राष्ट्रीय पहचान तब मिली, जब दिसंबर 2023 में देहरादून में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस ब्रांड का विमोचन किया. प्रधानमंत्री ने इसे ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला प्रयास बताया.
कुल 83 उत्पाद ब्रांड में शामिल
ब्रांड के तहत उत्तराखंड की स्थानीय पहचान से जुड़े उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग, बेहतर गुणवत्ता और एकीकृत ब्रांडिंग के साथ बाजार में उतारा जा गया है. वर्तमान में 60 विशिष्ट उत्पादों सहित कुल 83 उत्पादों को इस ब्रांड में शामिल किया गया है. इनमें पहाड़ी दालें, अनाज, मसाले, शहद, तेल, हर्बल और पर्सनल केयर उत्पादों के साथ हस्तशिल्प जैसी श्रेणियां शामिल हैं. आधिकारिक ब्रांड वेबसाइट पर भी मिलेट्स, दालों, चावल, तेल-घी, मसाले, शहद, हर्बल उत्पाद, बेकरी, पर्सनल केयर और हस्तशिल्प जैसी श्रेणियां उपलब्ध कराई गई हैं.
हाउस ऑफ हिमालयाज का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष इसका महिला-केंद्रित आजीविका मॉडल है. 55 क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी करीब 5,500 प्रत्यक्ष महिला लाभार्थी इस ब्रांड की आर्थिक गतिविधियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं. यानी पहाड़ में तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार मिलने के साथ ही उसका सीधा लाभ ग्रामीण महिलाओं तक पहुंच रहा है.
ऑनलाइन भी उपलब्ध
अब हाउस ऑफ हिमालयाज की पहुंच केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है. उपभोक्ता इसके उत्पाद Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीद सकते हैं. क्विक कॉमर्स के जरिए Blinkit, Swiggy Instamart और BigBasket पर भी हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद उपलब्ध हैं. इसके अलावा ब्रांड की अपनी D2C वेबसाइट के माध्यम से भी देशभर में सीधे खरीदारी की सुविधा दी जा रही है. इसके अलावा ब्रांड के उत्पाद Amazon Global के जरिए अमेरिका और कनाडा जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की महत्वपूर्ण पहल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल से ग्लोबल के विजन के अनुरूप इस ब्रांड के माध्यम से प्रदेश की मातृशक्ति, किसान और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को अंतराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है. हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों को वैश्विक बाजार मिले और इसका सीधा लाभ हमारे महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादकों की आर्थिकी को मिले.
दिनेश आर्य के नामांकन में शामिल हुए सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को विधानसभा, देहरादून में राज्यसभा सीट के लिए प्रत्याशी दिनेश आर्य के नामांकन के अवसर पर उपस्थित रहे. उन्होंने दिनेश आर्य को नामांकन के अवसर पर शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण उपस्थित रहे.
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