Meesho Share Price: नैनो क्रिएटर्स और होममेकर्स ने बदली मीशो की किस्मत, शेयर 6% चढ़कर ₹239 के पार
Meesho Share Price: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो लिमिटेड के शेयर मंगलवार 6 अक्टूबर को 6% बढ़ गए, जिसकी वजह इसके कंटेंट कॉमर्स बिजनेस के शानदार आंकड़े थे. 31 अगस्त को खत्म हुए 12 महीनों में, बिजनेस की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) साल-दर-साल 152% बढ़ी. NMV का मतलब कंपनी के प्लेटफॉर्म पर बेचे गए सामान की कुल वैल्यू है. कंपनी के मुताबिक यह ग्रोथ नैनो क्रिएटर्स, होममेकर्स और छोटे शहरों के कस्टमर्स की वजह से हुई है.
कितने क्रिएटर्स इसमें शामिल हैं?
मीशो ने बताया कि इस दौरान 1.6 लाख एक्टिव क्रिएटर्स ने कंटेंट कॉमर्स में हिस्सा लिया. इनमें से 90% नैनो क्रिएटर्स हैं, यानी जिनके 10,000 से कम फॉलोअर्स हैं. लगभग 81% एक्टिव क्रिएटर्स भारत के नॉन-मेट्रो इलाकों से हैं, जो दिखाता है कि छोटे शहर अब क्रिएटर-लेड कॉमर्स में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
यह भी पढ़ें- त्योहारों से पहले ऑटो बाजार में भारी उछाल, सितंबर में 25 लाख से अधिक गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री
टियर 3 और टियर 4 शहरों की ताकत
कंपनी के मुताबिक, 66% कंटेंट कॉमर्स ऑर्डर टियर 3 और टियर 4 मार्केट से आए. वाराणसी, अगरतला, जबलपुर और मदुरै जैसे शहर बड़े कंट्रीब्यूटर के तौर पर उभरे.
होममेकर्स और युवा रेवेन्यू का चेहरा बने
मीशो के एक्टिव कंटेंट कॉमर्स क्रिएटर्स में 40% होममेकर्स हैं, जबकि लगभग 30% युवा ग्रेजुएट हैं. कुल मिलाकर लगभग 50,000 क्रिएटर्स. लगभग 78% एक्टिव होममेकर क्रिएटर्स भारत के नॉन-मेट्रो इलाकों से हैं. इसके अलावा, 25% एक्टिव क्रिएटर्स पहली बार क्रिएटर्स हैं, जिसका मतलब है कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ जाने-माने इन्फ्लुएंसर तक ही सीमित नहीं है. कंपनी की कंटेंट कॉमर्स की जनरल मैनेजर निकिता दावड़ा ने कहा कि यह ट्रेंड अब बड़े लेवल पर दिख रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीनों में, कंटेंट कॉमर्स NMV में साल-दर-साल 152% की बढ़ोतरी हुई है, जिसे 1.6 लाख एक्टिव क्रिएटर्स ने आगे बढ़ाया है.
वीडियो कॉमर्स में मजबूत एंगेजमेंट देखा गया
मीशो के शॉर्ट-फॉर्म वीडियो प्लेटफॉर्म, वीडियो फाइंड्स ने पिछले 12 महीनों में लगभग 48 बिलियन कंटेंट व्यूज और लगभग 9 बिलियन मिनट का वॉच टाइम रिकॉर्ड किया. कंपनी का कहना है कि कंटेंट कॉमर्स में, कस्टमर पहले वीडियो और रिकमेंडेशन के जरिए प्रोडक्ट्स खोजते हैं, फिर उन्हें टेस्ट करते हैं, और फिर उन्हें खरीदते हैं. क्रिएटर-लेड शॉपिंग में महिलाओं के फैशन का सबसे बड़ा हिस्सा है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्सनल केयर और होम प्रोडक्ट्स में भी कंटेंट का इस्तेमाल बढ़ रहा है.
सेलर्स को क्या फायदा होता है?
मीशो के कंटेंट कॉमर्स इकोसिस्टम में 400,000 से ज्यादा सेलर्स शामिल हो चुके हैं. यह मॉडल परफॉर्मेंस-लिंक्ड है, जिसका मतलब है कि क्रिएटर्स को कमीशन तभी मिलता है जब उनके कंटेंट से ऑर्डर मिलते हैं. यह सेलर्स के लिए डिमांड बढ़ाने का एक और तरीका बन जाता है. निकिता दावड़ा के अनुसार, डिस्कवरी, एंटरप्रेन्योरशिप और कॉमर्स का यह कॉम्बिनेशन भारत में ऑनलाइन शॉपिंग का एक अहम हिस्सा क्रिएटर-लेड शॉपिंग बना सकता है. इस घोषणा के बाद, मीशो का स्टॉक 5.7% बढ़कर ₹239.48 पर ट्रेड कर रहा है. इस साल अब तक स्टॉक में 32% की बढ़त हुई है.
इन्वेस्टर्स क्या करें?
कंटेंट कॉमर्स में ग्रोथ मीशो के लिए एक अच्छा संकेत है, लेकिन केवल एक सेगमेंट के आंकड़े पूरी कंपनी की हेल्थ को नहीं दिखाते हैं. इन्वेस्ट करने से पहले, कंपनी की कमाई, प्रॉफिटेबिलिटी और वैल्यूएशन का भी रिव्यू करें.
यह भी पढ़ें- भारत के सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियां सितंबर में तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर, 55.2 रहा PMI
Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
योगी सरकार ने बदली यूपी की तकदीर, राज्य में हो रहा देश का 60 फीसदी मोबाइल, 55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट का उत्पादन
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं. यही वजह है कि पिछले नौ सालों में राज्य ने हर क्षेत्र में तेज विकास दर्ज किया है. फिर चाहे वह रोजगार के मामले में हो या फिर शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा का. यही नहीं आज उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का हब बन गया है. सीएम योगी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने अपनी सरकारी की उपलब्धियों का जिक्र किया. साथ ही पहले की सरकारों पर जमकर निशाना भी साधा.
पहले की सरकारों ने यूपी को बीमारू राज्य बनाकर रखा- सीएम योगी
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने पहले की सरकारों पर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि पुरानी सरकारों ने राज्य के युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया और इसे एक बीमारू राज्य ही बनाए रखा. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे बीमारू ही बनाए रखा."
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में आई तेजी
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में बीते नौ सालों में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्माण में तेजी आई है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, आज साढ़े 9 वर्षों के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है.
आत्मनिर्भर भारत के विजन को जमीन पर उतारा- सीएम योगी
इसके साथ ही सीएम योगी ने पीएम मोदी का नाम लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया है डबल इंजन की सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है.
सीएम योगी ने आगे लिखा, "जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं, और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न हैं. यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है. सीएम योगी ने कहा कि लेकिन 2017 से पहले तस्वीर अलग थी. घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं. क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था.
असेंबली से AI तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 6, 2026
पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे बीमारू ही बनाए रखा।
आज साढ़े 9 वर्षों के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की…
सीएम योगी ने कहा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा? उन्होंने कहा कि हमने प्राथमिकता बदली. परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी. उन्होंने आगे कहा, "इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है.
10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि एआई-प्रज्ञा के जरिए 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है. उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है. असेंबली से से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है.
ये भी पढ़ें: यूपी के गांवों में खुला डिजिटल शिक्षा का रास्ता, पंचायत सचिवालय बने पढ़ाई के नए केंद्र
सीएम योगी ने कहा कि इसी कड़ी में आज लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा. इस अवसर पर एचसीएल गुवी इमरजिंग टेक स्किलिंग सेंटर का भी शुभारंभ किया जाएगा. सीएम योगी ने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा, "'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है."
ये भी पढ़ें: यूपी सरकार में स्वच्छ-हरित विद्यालयों पर दिया जोर, खास रेटिंग में 1.62 लाख स्कूलों ने दर्ज कराई भागीदारी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










