S Jaishankar का 5 दिवसीय Africa दौरा शुरू, तीन देशों के साथ मजबूत होंगे व्यापारिक रिश्ते
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर विदेश मंत्री एस. जयशंकर व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को घाना, कोटे डी आइवर और इथियोपिया की पांच दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि जयशंकर का यह दौरा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ नयी दिल्ली की एकजुटता को आगे बढ़ाएगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर आपसी मित्रता और सहयोग पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘वार्ता में व्यापार और आर्थिक संबंधों, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।’’ इसमें कहा गया कि जयशंकर साझा हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। अदीस अबाबा में जयशंकर ‘क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों’ (एचओएम) के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे जिसमें इस क्षेत्र में तैनात भारत के राजनयिक भी शामिल हो सकते हैं।
BJP कर रही संस्थाओं का गलत इस्तेमाल, ECI पर भड़के JMM MP Vijay Hansdak
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सांसद विजय कुमार हंसदक ने मंगलवार को चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ INDIA गठबंधन के विरोध मार्च से पहले भारत के चुनाव आयोग (ECI) की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत जैसे आज़ाद देश में लोगों से वोट देने का अधिकार छीनना मंज़ूर नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि संस्थाओं के इस तरह के गलत इस्तेमाल पर अब न सिर्फ़ विपक्ष, बल्कि सिस्टम के अंदर के लोग भी सवाल उठा रहे हैं। INDIA गठबंधन के मार्च के दौरान हंसदक ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो भूमिका निभाई है और जिस तरह से नियुक्तियां की गई हैं, उसे देखते हुए अब न सिर्फ़ विपक्ष, बल्कि उन दफ़्तरों के अंदर से भी सवाल उठ रहे हैं।" राजमहल से JMM सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका लंबे समय से जांच के दायरे में रही है और यह बात खास तौर पर वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के बाद ज़्यादा सामने आई है, जिसकी वजह से देश भर में 13 करोड़ से ज़्यादा वोटरों के वोट देने के अधिकार छिन गए।
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चुनाव आयोग की भूमिका लंबे समय से जांच के दायरे में रही है। 43 वर्षीय नेता ने कहा एक आज़ाद देश में सिस्टम का इस तरह से बहुत ज़्यादा गलत इस्तेमाल करना और लोगों से उनके वोटिंग के अधिकार छीन लेना मंज़ूर नहीं है।" सिर्फ़ चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि हंसदाक जो कांग्रेस के पूर्व नेता थॉमस हंसदाक के बेटे हैं और थॉमस कभी झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है और उनसे समझौता कर रही है। उन्होंने कहा सभी संस्थाओं का गलत इस्तेमाल किया गया है; ऐसा सुरक्षा बलों की तैनाती के ज़रिए किया गया है... कई राज्यों में ऐसे उदाहरण हैं जहाँ चुनाव प्रक्रिया को लगभग खत्म कर दिया गया और पूरी तरह से BJP के फ़ायदे के लिए उसमें हेरफेर की गई। यह कभी भी एक आज़ाद देश के हित में नहीं होता।" इससे पहले, बीजू जनता दल (BJD) ने घोषणा की थी कि उसके सदस्य भी विपक्षी दलों के विरोध मार्च में शामिल होंगे। यह विरोध मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित मनमाने फैसलों के खिलाफ़ है, जो मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) और देश भर में 13 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़े हैं।
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मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी नेता और सांसद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय, 'निर्वाचन सदन' की ओर मार्च करने वाले हैं। इस मार्च में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की कई पार्टियों के नेता शामिल होंगे। यह विरोध प्रदर्शन विपक्ष द्वारा घोषित "लोकतंत्र बचाओ" अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत इसके नेता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और जन-कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
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