Gaza का बदला लेने के लिए Flydubai विमान क्रैश करने की साजिश, Shin Bet करेगी पूछताछ
इज़राइली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के को-पायलट हमाम अल-हम्ममी पर पिछले हफ़्ते 'फ़्लाईदुबई' (flydubai) की एक फ़्लाइट को क्रैश करने की कोशिश का आरोप है। उसने UAE के पूछताछ करने वालों को बताया है कि वह गाज़ा का बदला लेना चाहता था और शहीद होकर मरना चाहता था। द टाइम्स ऑफ़ इज़राइल ने जांच से जुड़े इज़राइली अधिकारियों के हवाले से बताया कि इज़राइल की सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' ने अल-हम्ममी से पूछताछ में शामिल होने के लिए UAE में अपने अधिकारी भेजे हैं। अल-हम्ममी पर दुबई-तेल अवीव फ़्लाइट में आतंकवादी हमला करने की कोशिश का आरोप है।
इसे भी पढ़ें: Piyush Goyal ने US कंपनियों को दिया भारत में Investment और MSME पार्टनरशिप का न्योता
'फ़्लाईदुबई' की घटना के पीछे का मकसद
रिपोर्ट में बताए गए दो इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, अल-हम्ममी ने UAE के जांचकर्ताओं को बताया कि दुबई की कंपनी 'फ़्लाईदुबई' में नौकरी मिलने से पहले ही उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान को क्रैश करने की योजना बना ली थी। चैनल 12 ने दो इज़राइली अधिकारियों के हवाले से बताया कि अल-हम्ममी ने कहा कि वह "गाज़ा का बदला" लेने के लिए ऐसा कर रहा था और शहीद होकर मरना चाहता था। UAE की जांच की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि अल-हम्ममी ने इस साल की शुरुआत में तेल अवीव के लिए एक फ़्लाइट उड़ाई थी और उस विमान को हाईजैक करके क्रैश करने के बारे में सोचा था, लेकिन बाद में उसने यह योजना छोड़ दी।
इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | विमल विवाद पर शाहरुख-अजय का FDA को जवाब, अस्पताल में भर्ती वाशु भगनानी और 'प्रहार' का दमदार ट्रेलर रिलीज़
इज़राइली ब्रॉडकास्टर ने आगे बताया कि मोसाद के एक अधिकारी ने रविवार को इज़राइली कैबिनेट मंत्रियों को बताया कि अल-हम्ममी ने हाल के वर्षों में इज़राइल के दुश्मन कई देशों का छोटा-मोटा दौरा किया था। दो इज़राइली अधिकारियों ने बताया कि अल-हम्ममी ने पूछताछ करने वालों से कहा कि उसने तेल अवीव के लिए फ़्लाइट चलाने वाली एयरलाइंस के बारे में पता करने के बाद 'फ़्लाईदुबई' में नौकरी के लिए आवेदन किया था।
US Justice Department ने शुरू की 40 लोगों की नागरिकता रद्द करने की कानूनी कार्रवाई
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, छह अक्टूबर अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत उसने भारतीय मूल के एक व्यक्ति समेत 40 लोगों की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने के लिए विभिन्न अदालतों में कार्रवाई शुरू की है। न्याय विभाग ने यह जानकारी दी। इन 40 लोगों के खिलाफ अमेरिका की कई अदालतों में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है।
उन पर विदेशी सरकार के एजेंट के रूप में काम करने, गैर इरादतन हत्या और एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ गंभीर यौन अपराध समेत कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं। कैलिफोर्निया के बलविंदर सिंह के खिलाफ राज्य की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। उस पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर अमेरिका में प्रवेश पाने और अमेरिकी नागरिकता हासिल करने का आरोप है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने सोमवार को कहा, “आज की घोषणा आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया की शुरुआत है।’’ आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम के तहत अगर किसी व्यक्ति ने प्राकृतिक रूप से मिली अमेरिकी नागरिकता गैरकानूनी तरीके से हासिल की हो या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर अथवा जानबूझकर गलत जानकारी देकर हासिल की हो, तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है। न्याय विभाग के सिविल डिवीजन के सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शूमेट ने कहा, ‘‘इन सभी लोगों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के लिए झूठ का सहारा लिया।’’ शूमेट ने कहा, ‘‘यह प्रशासन विभाग के इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया को आगे भी जारी रखेगा, ताकि अमेरिकी नागरिकता में विश्वास और उसकी विश्वसनीयता बहाल की जा सके। हमारा संदेश स्पष्ट है : अमेरिका नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं करेगा।’’ अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, सिंह ने 1992 में बलविंदर सिंह के नाम और पहचान से आव्रजन के लिए आवेदन दिया था।
वर्ष 2003 में उसने दूसरी पहचान के तहत स्थायी निवासी का दर्जा हासिल करने के लिए आवेदन किया और उसे यह दर्जा मिल गया। न्याय विभाग ने कहा, ‘‘उंगलियों के निशान से यह साबित होता है कि सिंह ने दोनों आवेदन जमा किए थे। वर्ष 2009 में सिंह ने अपनी दूसरी पहचान के तहत अमेरिकी नागरिकता हासिल की।
शिकायत में उसके द्वारा गलत जानकारी देने और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े सात आरोप लगाए गए हैं।’’ विभाग ने बताया कि वह चीन में जन्मे अमेरिकी नौसेना के पूर्व नाविक जिंचाओ वेई की नागरिकता रद्द करने की भी मांग कर रहा है। वेई को जासूसी से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया जा चुका है। न्याय विभाग के अनुसार, वेई 2021 में अमेरिकी नौसेना में भर्ती हुआ था और फरवरी 2022 तक उसने चीन को सैन्य गोपनीय जानकारी बेचने की साजिश शुरू कर दी थी।
उसने मई 2022 में अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी। वेई को अगस्त 2025 में जासूसी करने की साजिश, जासूसी और रक्षा सामग्री से संबंधित तकनीकी आंकड़ों के अवैध निर्यात के अपराधों में दोषी ठहराया गया था। उसे 200 महीने की जेल की सजा सुनाई गई और नौसेना से बर्खास्त कर दिया गया।
जिन लोगों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है, उनमें पाकिस्तान, मेक्सिको, कंबोडिया, नेपाल और अफगानिस्तान के लोग भी शामिल हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









