Rajasthan Panchayat Election: धनतेरस के चलते तीन चरणों के मतदान की तारीखें बदलीं
जयपुर, छह अक्टूबर राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने धनतेरस से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज चुनाव के पहले तीन चरणों की मतदान तिथियों में बदलाव किया है। इन चरणों का मतदान अब तय तिथि से एक दिन पहले होगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर के बजाय 22 अक्टूबर को होगा, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 25 अक्टूबर के बजाय 24 अक्टूबर को होगा। दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 29 अक्टूबर के बजाय 28 अक्टूबर को तथा पंच और सरपंच पदों के लिए 31 अक्टूबर के बजाय 30 अक्टूबर को होगा। इसी तरह तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान चार नवंबर के बजाय तीन नवंबर को तथा पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान छह नवंबर के बजाय पांच नवंबर को होगा।
निर्वाचित वार्ड पंचों द्वारा उपसरपंचों का अप्रत्यक्ष चुनाव पहले, दूसरे और तीसरे चरण के लिए क्रमशः 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर और छह नवंबर को होगा। आयोग ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पहले तीन चरणों में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए मतदान दल अब क्रमशः 21 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और दो नवंबर को अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगे। चौथे चरण के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर तथा पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 20 नवंबर को होने वाली मतगणना सहित चुनाव कार्यक्रम के अन्य चरणों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राज्य में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के सदस्यों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।
Bengaluru के जयनगर में 5698 वोट कटवाने की साजिश, दो BLA पर FIR दर्ज
बेंगलुरु, छह अक्टूबर कर्नाटक के जयनगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से 5,698 मतदाताओं के नाम हटाने की मांग करते हुए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा करने के मामले में दो बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला सोमवार रात कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों बीएलए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं।
रेड्डी जयनगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक हैं और 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जयनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। प्राथमिकी के अनुसार, रेड्डी ने शिकायत में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को फॉर्म-7 आवेदन दिए गए। इन आवेदनों में झूठा दावा किया गया कि 5,698 मतदाता स्थायी रूप से विधानसभा क्षेत्र से बाहर चले गए हैं।
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या किसी नाम को सूची से हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है। शिकायतकर्ता ने बाद में मामले की जांच की और पाया कि कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े बीएलए रामकृष्ण और योगेश, ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फॉर्म-7 में जानबूझकर गलत जानकारी दी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि यह काम खास तौर पर अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के लिए राजनीतिक रूप से प्रतिकूल माने जाने वाले अन्य वर्गों के मतदाताओं को प्रभावित करने के तरीके से किया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दो अन्य नागरिकों सी. रमेश और उनकी पत्नी रूपा को इसकी जानकारी दिए बिना उनके नाम और मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया और उनके नाम पर बीएलओ के पास फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए। प्राथमिकी में कहा गया है कि कुछ फॉर्म-7 आवेदन कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर के साथ बीएलओ लोकेश के पास भी जमा किए गए थे। उनकी शिकायत के आधार पर जयनगर पुलिस ने रामकृष्ण, योगेश और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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