Bengaluru के जयनगर में 5698 वोट कटवाने की साजिश, दो BLA पर FIR दर्ज
बेंगलुरु, छह अक्टूबर कर्नाटक के जयनगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से 5,698 मतदाताओं के नाम हटाने की मांग करते हुए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा करने के मामले में दो बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला सोमवार रात कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों बीएलए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं।
रेड्डी जयनगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक हैं और 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जयनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। प्राथमिकी के अनुसार, रेड्डी ने शिकायत में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को फॉर्म-7 आवेदन दिए गए। इन आवेदनों में झूठा दावा किया गया कि 5,698 मतदाता स्थायी रूप से विधानसभा क्षेत्र से बाहर चले गए हैं।
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या किसी नाम को सूची से हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है। शिकायतकर्ता ने बाद में मामले की जांच की और पाया कि कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े बीएलए रामकृष्ण और योगेश, ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फॉर्म-7 में जानबूझकर गलत जानकारी दी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि यह काम खास तौर पर अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के लिए राजनीतिक रूप से प्रतिकूल माने जाने वाले अन्य वर्गों के मतदाताओं को प्रभावित करने के तरीके से किया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दो अन्य नागरिकों सी. रमेश और उनकी पत्नी रूपा को इसकी जानकारी दिए बिना उनके नाम और मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया और उनके नाम पर बीएलओ के पास फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए। प्राथमिकी में कहा गया है कि कुछ फॉर्म-7 आवेदन कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर के साथ बीएलओ लोकेश के पास भी जमा किए गए थे। उनकी शिकायत के आधार पर जयनगर पुलिस ने रामकृष्ण, योगेश और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
Rejinagar Bypoll: पुलिस से झड़प के बाद AJUP प्रमुख Humayun Kabir हिरासत में
रेजीनगर (पश्चिम बंगाल), छह अक्टूबर पश्चिम बंगाल में रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए जारी मतदान के बीच वहां स्थित आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के कार्यालय में पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर को पुलिसकर्मियों से तीखी बहस के बाद मंगलवार को हिरासत में ले लिया गया। कबीर सुबह से ही अपने आवास और मतदान केंद्रों के पास सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर पुलिस पर निशाना साध रहे थे। परिवार के साथ मतदान करने के कुछ ही देर बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस बल के खिलाफ कबीर की लगातार टिप्पणियों के बाद पुलिस रेजीनगर में एजेयूपी कार्यालय पहुंची। इस दौरान एजेयूपी प्रमुख और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। कबीर ने पुलिस पर ‘‘दलाली’’ का आरोप लगाया।
हालात हाथापाई तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिसकर्मी कबीर की कमीज पकड़कर उन्हें एक वाहन तक ले गए। मंगलवार को मतदान शुरू होने के बाद से ही कबीर पुलिस के खिलाफ मुखर थे। अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए जाते समय भी उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
मतदान के बाद भी उन्होंने पुलिस पर निशाना साधना जारी रखा और आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीट से जीतने वाले कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी इसलिए मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गया। एजेयूपी ने कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है।
चुनाव मैदान में भाजपा के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं। नंदीग्राम विधानसभा सीट के लिए भी मतदान जारी है।
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