बिखरा मलबा, अधूरी टूटी बिल्डिंग, छात्र गायब और दुकानदारों का धंधा चौपट... हादसे के एक महीने बाद ऐसा है सत्य निकेतन - ग्राउंड रिपोर्ट
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के एक महीने बाद ग्राउंड पर चिंताजनक हालात. (Photo: Sakib Mazeed/NDTV)
जबलपुर में 100 साल पुराना मकान भरभराकर गिरा, 4 परिवारों के 10 लोग 2 घंटे फंसे, दीवार तोड़कर रेस्क्यू
जबलपुर शहर के बीचों-बीच स्थित नया मोहल्ला इलाके में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां करीब 80 से 100 साल पुराने एक दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त मकान के भीतर चार अलग-अलग परिवारों के लोग मौजूद थे। मकान का अगला हिस्सा ढहने से मुख्य दरवाजा और बाहर निकलने का पूरा रास्ता मलबे में दब गया, जिससे अंदर अफरा-तफरी मच गई।
रास्ता पूरी तरह बंद होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और मासूम बच्चों समेत कुल 10 लोग करीब दो घंटे तक मकान के अंदर ही फंसे रहे। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी की जान नहीं गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया।
संकरी गली बनी बाधा
दरअसल, नया मोहल्ला की जिस गली में यह मकान स्थित है, वह बेहद संकरी है। इस वजह से राहत और बचाव टीम को मौके पर काम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हादसे के बाद तुरंत इलाके की बिजली बंद कराई गई ताकि शॉर्ट सर्किट न हो। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी मशीन को अंदर लाया गया और बाड़े की पिछली दीवार को तोड़कर एक वैकल्पिक रास्ता बनाया गया, तब जाकर सभी को निकाला जा सका।
पड़ोसियों और पीड़ित ने बयां की खौफनाक मंजर की आपबीती
मकान में रहने वाले पीड़ित चंदन सिंह ने बताया कि बाड़े में उनके अलावा लाल सिंह, विक्रम सिंह और ईश्वर सिंह का परिवार रहता है। अचानक तेज आवाज के साथ जब मकान का हिस्सा गिरा, तो हर तरफ धूल का गुबार भर गया। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था और अंदर बच्चे व महिलाएं बुरी तरह सहम गए थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची टीम ने आखिरकार सभी को सलामत बाहर निकाला।
जर्जर मकानों को लेकर उठे सवाल
इलाके के निवासियों का कहना है कि तिलक वार्ड में 70 से 100 साल पुराने कई जर्जर मकान हैं, जो बारिश के बाद और खतरनाक हो गए हैं। शिकायत के बावजूद नगर निगम ने इन्हें चिन्हित नहीं किया। उधर, घटनास्थल पर पहुंचे नगर निगम के अपर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि मलबा हटाया जा रहा है। अब नगर निगम जल्द ही अभियान चलाकर सभी खतरनाक जर्जर मकानों को चिन्हित कर तोड़ने की कार्रवाई करेगा।
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