यूपी में बीजेपी ने मौजूदा सात राज्यसभा सांसदों के टिकट काटकर नए चेहरों पर क्यों किया भरोसा?
यूपी से आठ नए चेहरों को राज्यसभा भेजने के फैसले में संगठन के साथ सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण भी दिखते हैं. वहीं, हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा मौका न मिलने से पार्टी में उनकी अगली भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
जयपुर RADO शोरूम में 36 मिनट का खेल, 251 महंगी घड़ियां लेकर फरार हुए चोर; नेपाल तक पहुंची जांच
Jaipur Rado Showroom Theft: जयपुर के पॉश इलाके में स्थित नामी घड़ी शोरूम में हुई करोड़ों की सनसनीखेज चोरी के मामले में पुलिस के हाथ बेहद अहम सुराग लगे हैं. टोंक रोड पर बजाज नगर थाना इलाके में स्थित स्विट्जरलैंड के मशहूर ब्रांड राडो के शोरूम 'द वॉच फैक्ट्री' से 251 लग्जरी घड़ियां पार करने वाले गिरोह की हलचल सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है.
वारदात के बाद गिरोह के चार बदमाश सिंधी कैंप बस अड्डे पहुंचे और वहां से हरियाणा रोडवेज की बस पकड़कर फरार हो गए. पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह के कुछ अन्य सदस्य शहर से निकलने के लिए ट्रेन का सहारा ले चुके हैं. पुलिस अब बदमाशों के हर संभावित ठिकाने पर नजर बनाए हुए है.
सीसीटीवी में दिखा लंगड़ाता चोर और साथियों का सहारा
पुलिस ने जब वारदात के बाद शहर और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक बेहद चौंकाने वाला दृश्य सामने आया. फुटेज में गिरोह का एक बदमाश गंभीर रूप से चोटिल और लंगड़ाकर चलता हुआ दिखाई दिया. उसके दो साथी उसे दोनों तरफ से कंधे पर सहारा देकर तेजी से ले जाते दिखे. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शोरूम का शटर तोड़कर अंदर घुसने या वहां से भागते समय इस बदमाश को गहरी चोट लगी होगी.
जांच में यह बात भी सामने आई है कि घायल बदमाश का शरीर काफी भारी था, जिसकी वजह से वह तेजी से भाग नहीं पा रहा था और चोट लगने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई. पुलिस ने अब तक इस गिरोह के छह प्रमुख बदमाशों की पहचान कर ली है और उनकी धरपकड़ के लिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं.
बाहर खड़े होकर पहरा दे रहे थे तीन बदमाश
पुलिस पड़ताल में यह साफ हुआ है कि इस पूरी डकैती को बेहद शातिराना और सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था. वारदात के दौरान गिरोह के सभी सदस्य शोरूम के भीतर दाखिल नहीं हुए थे. तीन बदमाश शोरूम के बाहर मुख्य सड़क पर मुस्तैद खड़े थे. उनका जिम्मा आसपास से गुजरने वाले वाहनों, गश्त कर रही पुलिस की गाड़ियों और स्थानीय लोगों की हर हरकत पर नजर रखना था.
बाहर खड़े इन पहरेदारों का काम किसी भी खतरे की भनक लगते ही अंदर मौजूद साथियों को सतर्क करना था. इस तैयारी से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से कई दिन पहले इलाके की रेकी की थी और घटना के बाद भागने का पूरा रास्ता पहले से तय कर रखा था.
120 पुलिसकर्मियों का पहरा और 1100 कैमरों की पड़ताल
इस बड़ी वारदात का पर्दाफाश करने के लिए जयपुर कमिश्नरेट ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसटी, ईस्ट डीएसटी और जिले के अलग-अलग थानों से करीब 120 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम बनाई गई है. इनमें से करीब 30 पुलिसकर्मियों को सिर्फ और सिर्फ शहर भर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के काम में लगाया गया है.
जांच टीमें अब तक जयपुर और हाईवे के 1100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देख चुकी हैं. इसके अलावा साइबर और तकनीकी शाखा के 10 से ज्यादा विशेषज्ञ मोबाइल टावर डंप, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी कड़ियों को जोड़ने में दिन-रात एक किए हुए हैं.
नेपाल में माल खपाने की तैयारी, सीमा पर चौकसी
पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में अंदेशा जताया गया है कि चोरी की गई इन कीमती घड़ियों को देश से बाहर नेपाल के काले बाजार में बेचने की साजिश रची गई है. भारत में महंगे ब्रांड की इन घड़ियों का सीरियल नंबर होने के कारण इन्हें स्थानीय स्तर पर बेचना बेहद जोखिम भरा होता है.
इसी आशंका के चलते राजस्थान पुलिस की विशेष टीमों ने दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में डेरा डाल दिया है. इतना ही नहीं, चोरी का माल बरामद करने और बदमाशों को सीमा पार भागने से रोकने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम को नेपाल सीमा की तरफ रवाना किया गया है.
36 मिनट का खेल और 5 करोड़ की चपत
यह पूरी वारदात गुरुवार तड़के करीब पांच से सात बजे के बीच अंजाम दी गई थी. करीब 13 बदमाशों का यह गिरोह पूरी तैयारी के साथ शोरूम पहुंचा था. उन्होंने कुछ ही मिनटों में शोरूम का मजबूत शटर तोड़ा और सीधे उन काउंटर्स को निशाना बनाया जहां सबसे कीमती घड़ियां रखी थीं.
बदमाशों ने केवल 36 मिनट के भीतर करीब 5 करोड़ रुपये कीमत की 251 लग्जरी घड़ियां समेटीं और मौके से ओझल हो गए. अब पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी के सुरागों और पकड़े गए रास्तों के आधार पर इस पूरे गिरोह की घेराबंदी कर रही है ताकि लूटा गया माल सही सलामत बरामद किया जा सके.
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