उत्तर प्रदेश Rajya Sabha चुनाव में सपा उतारेगी तीसरा प्रत्याशी, मंगलवार को होगा नामांकन
लखनऊ, पांच अक्टूबर समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोमवार को कहा कि वह 16 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अपना तीसरा उम्मीदवार उतारेगी। मंगलवार को द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। भाजपा और सपा उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीट पर होने वाले चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं।
भाजपा के पास सीधे तौर पर सात सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल है। सपा पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बना चुकी है। दोनों ने लखनऊ में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि जरूरी संख्याबल पूरा होने के बाद पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारेगी। अब हमारा तीसरा उम्मीदवार मंगलवार को नामांकन दाखिल करेगा। हमें भरोसा है कि हम भाजपा को करारी शिकस्त देंगे।” हालांकि, चांद ने यह नहीं बताया कि पार्टी का तीसरा उम्मीदवार कौन होगा।
इससे पहले पार्टी सांसद वीरेंद्र सिंह और विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इसी तरह के संकेत दिए थे। मंगलवार को यह साफ हो जाएगा कि 16 अक्टूबर के चुनाव में मुकाबला होगा या नहीं। सपा के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य के पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप या पार्टी नेता राजपाल कश्यप संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं।
सपा नेता ने कहा, “अंतिम फैसला अखिलेश यादव करेंगे।” केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और बी. एल. वर्मा समेत उत्तर प्रदेश के सभी 10 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है, जिसकी वजह से राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं। इस बीच, लखनऊ सेंट्रल से सपा के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, समाजवादी पार्टी के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार के लिए नामांकन मंगलवार को होना है, और नामांकन पत्रों पर हस्ताक्षर करने के लिए आज विधायकों को बुलाया गया था।” उन्होंने कहा, “प्रस्तावक के तौर पर चुने गए 10 विधायक पहुंचे और उन सभी ने नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर किए। कल पूर्वाह्न 11 बजे वे अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
मेहरोत्रा से पूछा गया कि सपा के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है, ऐसे में पार्टी ने किस आधार पर तीसरा उम्मीदवार उतारने फैसला किया। इसपर मेहरोत्रा ने कहा कि अपमानित महसूस कर रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पीडीए समुदाय के कई विधायक समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में वोट देंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार चुनाव जीतेगा।
मेहरोत्रा ने दावा किया कि सपा के तीसरे उम्मीदवार का नाम सभी को चौंका देगा।
Allahabad HC ने UP के 4 वरिष्ठ IAS अधिकारियों पर तय किए अवमानना आरोप
लखनऊ, पांच अक्टूबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने चार साल पहले पारित अपने एक आदेश का अनुपालन न करने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए हैं। खंडपीठ ने कहा कि इन अधिकारियों ने ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया, जिससे यह साबित हो सके कि 19 जुलाई 2022 के अदालत के आदेश का आंशिक रूप से भी अनुपालन किया गया है। अदालत ने प्रथमदृष्टया पाया कि अधिकारी अदालत के आदेश का पालन करने के इच्छुक नहीं दिख रहे हैं।
न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की पीठ ने यह कार्रवाई सुरेश चंद्र वर्मा के मामले में 2022 में दिए फैसले के अनुपालन से जुड़ी 37 अवमानना याचिकाओं पर की। उस फैसले में अदालत ने याचिकाकर्ताओं को लागू शासनादेशों के तहत लाभ देने से संबंधित आदेश निरस्त करते हुए वेतन का पुनर्निर्धारण, बकाया वेतन का भुगतान और संशोधित पेंशन भुगतान आदेश जारी करने का निर्देश दिया था। चार माह में लाभ न देने पर सात प्रतिशत साधारण ब्याज देने को भी कहा गया था।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि चार साल बीतने के बाद भी अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। जिन अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, उनमें वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति - लघु सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव, सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू शामिल हैं। इससे पहले, अदालत ने राज्य सरकार की अनुपालन के लिए और समय देने की अर्जी खारिज कर दी।
पीठ ने कहा कि 2022 के आदेश को विशेष अपील में बरकरार रखा गया और 13 जनवरी 2026 को उच्चतम न्यायालय ने भी इसकी पुष्टि कर दी। राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं। पीठ ने 22 मई 2026 को महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा की ओर से दिए गए आठ सप्ताह में आदेश का अनुपालन करने के आश्वासन का भी संज्ञान लिया।
सोमवार को सुनवाई के समय पीठ ने पाया कि पूर्व आश्वासन के बाद भी अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया व उनके सहयोगी अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता सुनील वाजपेयी आदेश के अनुपालन का कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इस पर पीठ ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद उपरोक्त चारों अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय कर दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय चौहान के खिलाफ आरोप अगली सुनवाई में तय किए जाएंगे।
सभी आरोपित अधिकारियों को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने और 13 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
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