भारत-वेस्टइंडीज पहला टी-20 आज:जापान में 3 दिन पहले ही पाकिस्तान को हराया था, अब लखनऊ में मैच; वैभव सूर्यवंशी का खेलना मुश्किल
भारत ने एशियन गेम्स में 3 दिन पहले ही पाकिस्तान को हराकर गोल्ड जीता था। अब उसे वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलनी है। 5 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। एशियन गेम्स की टीम के 14 में से 12 भारतीय खिलाड़ी इस सीरीज के स्क्वॉड का हिस्सा हैं। ऐसे में ट्रेवल और पर्याप्त रेस्ट टाइम न मिलना कई खिलाड़ियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। इसके अलावा भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर रहेगा। इसमें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का आज खेलना मुश्किल नजर आता है। सूर्यवंशी का खेलना मुश्किल क्यों? एशियन गेम्स में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने ओपनिंग की थी। वहीं संजू सैमसन नंबर-3 पर उतरे थे। तब भारत ज्यादातर ऑलराउंडर्स के साथ खेल रहा था। जापान की धीमी पिच पर अभिषेक शर्मा जैसे पार्ट टाइम स्पिनर ने भी अच्छी गेंदबाजी की थी। अब वेस्टइंडीज के सामने ईशान किशन के नंबर-3 पर खेलने की संभावना है। ऐसे में प्लेइंग-11 में अभिषेक, सैमसन और सूर्यवंशी में से सिर्फ 2 ही खेल सकते हैं। अभिषेक-सैमसन टीम के फर्स्ट चॉइस ओपनर्स हैं। इसलिए सूर्यवंशी को अभी इंतजार करना पड़ सकता है। भारत लखनऊ में एक भी मैच नहीं हारा दोनों टीमों के बीच अब तक 31 टी-20 इंटरनेशनल मैच हुए हैं। भारत ने 20 और वेस्टइंडीज ने 10 मैच जीते हैं। एक मैच बेनतीजा रहा है। भारत इकाना स्टेडियम में एक भी टी-20 मैच नहीं हारी है। यहां खेले तीनों मुकाबले भारत ने जीते हैं। यहां भारत ने अपना पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ ही नवंबर 2018 में खेला था। मुकाबले में भारत को 71 रन से जीत मिली थी। ईशान इस साल हजार रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज शानदार फॉर्म में वेस्टइंडीज के शिमरोन हेटमायर पिच और मौसम इकाना की सेंटर पिच नंबर-5 पर मुकाबला खेला जाएगा। यह लाल और काली मिट्टी के मिश्रण वाली पिच है। IPL 2026 में इस मैदान पर खूब रन बने थे, इसलिए बल्लेबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। लखनऊ में सोमवार को बारिश के कारण दोनों टीमों का प्रैक्टिस सेशन प्रभावित हुआ था। हालांकि, मैच के दिन बारिश का अनुमान नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नितिश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मयंक यादव/प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान, विकेटकीपर), कामिल पूरन, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, शमार स्प्रिंगर, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, शमार जोसेफ, मैथ्यू फोर्ड
जरूरत की खबर- 1200 किलो मिलावटी काली मिर्च जब्त:मैदा, गोंद और तेल से बन रहा ब्लैक पेपर, घर पर ऐसे करें असली–नकली की पहचान
काली मिर्च को ‘मसालों का राजा’ कहा जाता है। गरम मसाले से लेकर सूप, सलाद, काढ़े और घरेलू नुस्खों तक, इसका इस्तेमाल लगभग हर भारतीय रसोई में होता है। लेकिन क्या हो, जब आपकी रसोई में मौजूद काली मिर्च असली ही न हो? हाल ही में गाजियाबाद में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की छापेमारी में करीब 13 लाख रुपए से ज्यादा की नकली काली मिर्च जब्त की गई। जांच में सामने आया कि घटिया क्वालिटी वाले दानों को मैदा, गोंद और रिफाइंड तेल से बनाया जा रहा था। छापेमारी के दौरान 1200 किलो मिलावटी काली मिर्च और 975 किलो तैयार माल बरामद हुआ। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मिलावटी काली मिर्च पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली डॉ. उमेश कुमार, फूड एनालिस्ट, फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश सवाल- भारत में काली मिर्च की खेती कहां होती है? जवाब- भारत में काली मिर्च की सबसे ज्यादा पैदावार केरल में होती है। इसलिए इसे ‘काली मिर्च का केंद्र’ माना जाता है। इसके अलावा कर्नाटक और तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी इसकी खेती की जाती है। सवाल- काली मिर्च खेत से रसोई तक पहुंचने में कितने चरणों से गुजरती है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- काली मिर्च में मिलावट क्यों की जाती है? जवाब- इसका मुख्य कारण ज्यादा मुनाफा कमाना है। काली मिर्च की कीमत अन्य मसालों की तुलना में ज्यादा होती है। ऐसे में मिलावटखोर इसमें सस्ते पदार्थ मिलाकर उसका वजन बढ़ा देते हैं। इससे कम लागत में ज्यादा माल तैयार हो जाता है। कई बार दानों को बेहतर क्वालिटी का दिखाने के लिए उन पर कोटिंग भी की जाती है। सवाल- काली मिर्च में किस तरह की मिलावट हो सकती है? जवाब- इसमें सबसे ज्यादा मिलावट पपीते के सूखे बीजों की होती है, क्योंकि उनका आकार और रंग काली मिर्च से मिलता-जुलता होता है। काली मिर्च को अपेक्षाकृत बड़ा, भारी और चमकदार दिखाने के लिए उस पर अलग-अलग पदार्थों की कोटिंग भी की जाती है। काली मिर्च में किन चीजों की मिलावट हो सकती है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- इन चीजों की मिलावट सेहत के लिए कितनी खतरनाक है? जवाब- मिलावटी काली मिर्च से एलर्जी और फूड पॉइजनिंग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या पिसी हुई काली मिर्च भी मिलावटी हो सकती है? जवाब- हां, कई मामलों में इसकी पहचान करना साबुत काली मिर्च की तुलना में ज्यादा मुश्किल होता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या ऑर्गेनिक लिखकर बेचे जा रहे काली मिर्च में भी मिलावट हो सकती है? जवाब- हां, यह अपने-आप में प्रोडक्ट के पूरी तरह शुद्ध होने की गारंटी नहीं है। खेती के बाद प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, डिस्ट्रीब्यूशन के किसी भी स्टेज में मिलावट हो सकती है। सवाल- अच्छी क्वालिटी की काली मिर्च की पहचान क्या है? जवाब- इसकी पहचान काली मिर्च की बनावट, वजन, सुगंध और स्वाद से की जा सकती है। इसके दाने आमतौर पर सख्त और समान आकार के होते हैं। ग्राफिक में असली काली मिर्च पहचान के संकेत देखिए- सवाल- घर पर असली-नकली काली मिर्च कैसे पहचानें? जवाब- कुछ आसान तरीकों से घर पर इसकी पहचान की जा सकती है। इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए- वाटर टेस्ट फ्रेगरेंस टेस्ट दबाकर देखें पीसकर चेक करें रंग चेक करें सवाल- अगर गलती से मिलावटी काली मिर्च खा ली तो क्या करें? जवाब- इसे खाने के बाद पेट दर्द, गैस, उल्टी, दस्त, एलर्जी, गले में जलन या कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही संभव हो तो उसका पैकेट या सैंपल सेफ रखें। सवाल- काली मिर्च खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- सही प्रोडक्ट चुनने के लिए उसकी क्वालिटी, सोर्स और पैकेजिंग पर ध्यान देना जरूरी है। काली मिर्च खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें, ग्राफिक में देखिए- सवाल- मसाले खरीदते समय लेबल पर कौन-सी 5 चीजें जरूर देखनी चाहिए? जवाब- पैक्ड मसाले खरीदते समय केवल ब्रांड का नाम देखना काफी नहीं है। लेबल पर दी गई जानकारी प्रोडक्ट की क्वालिटी, सुरक्षा और ट्रेसबिलिटी के बारे में अहम संकेत देती है। इसलिए खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातें जरूर चेक करें, जैसेकि- सवाल- काली मिर्च के अलावा आपकी रसोई में कौन-से 5 मसालों में सबसे ज्यादा मिलावट की आशंका है? जवाब- काली मिर्च ही नहीं, रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य मसालों में भी मिलावट की आशंका रहती है, जैसेकि- ध्यान रहे, पाउडर मसालों में मिलावट पहचानना साबुत मसालों की तुलना में ज्यादा मुश्किल होता है। इसलिए साबुत मसाले खरीदकर घर पर पीसना बेहतर ऑप्शन है। सवाल- मसालों में मिलावट का संदेह हो तो कहां शिकायत करें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- ……………………… ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………………….. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- पेपर कप में चाय-कॉफी, सूप न पिएं:उसमें छिपे माइक्रोप्लास्टिक से 7 गंभीर हेल्थ रिस्क, कांच या स्टील का कप ही बेहतर फर्ज करिए, आप किसी दुकान पर चाय पीने के लिए रुकते हैं और आपको गर्म चाय डिस्पोजेबल पेपर कप में दी जाती है। आपको लगता है कि पेपर कप तो सेफ और इकोफ्रेंडली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे कप में गर्म चाय-कॉफी पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? ये खबर भी पढ़ें…
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