भारत और नॉर्वे ने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की पहल पर चर्चा की
ओस्लो, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने सोमवार को ओस्लो में नॉर्वे के व्यापार और उद्योग मंत्रालय के स्टेट सेक्रेटरी रैगनहिल्ड शोनर सिरस्टैड के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और ग्रीन और ब्लू टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर चर्चा की।
दोनों पक्षों के बीच बातचीत को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ओस्लो दौरे के दौरान, सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे के व्यापार और उद्योग मंत्रालय की राज्य सचिव रैगनहिल्ड शोनर सिरस्टैड के साथ एक अच्छी मीटिंग की। उन्होंने भारत-ईएफटीए-टीईपीए के लागू होने के बाद भारत-नॉर्वे के आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा की। उन्होंने ग्रीन और ब्लू टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर भी चर्चा की।
बता दें, ब्लू टेक से तात्पर्य उन प्रौद्योगिकियों से है जिन्हें दुनिया के महासागरों को बेहतर बनाने, समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा करने और नीली अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा, ग्रीन टेक, या हरित प्रौद्योगिकी, आम तौर पर पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों को संदर्भित करती है जो टिकाऊ प्रथाओं और नवाचार के माध्यम से ग्रह पर नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए डिजाइन की गई हैं।
बता दें, 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मिलकर नई दिल्ली में 16वें भारत-ईयू समिट के दौरान भारत-यूरोपीय यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया।
एफटीए के जरिए भारत को एक्सपोर्ट होने वाले ईयू के 90 फीसदी से ज्यादा सामान पर टैरिफ खत्म कर दिए जाएंगे या कम कर दिए जाएंगे। इसमें मशीनरी पर 44 फीसदी तक, केमिकल पर 22 फीसदी और फार्मास्यूटिकल्स पर 11 फीसदी तक की भारी ड्यूटी शामिल है। इन्हें ज्यादातर चीजों पर टैरिफ धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा। ईयू बीयर पर टैरिफ घटाकर 50 फीसदी कर दिया जाएगा, जबकि केमिकल, एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट पर लगभग सभी प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी खत्म कर दी जाएगी।
सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे में भारतीय समुदाय से बातचीत की और भारत-यूरोप फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) और ईयू-एफटीए, ग्लोबल साउथ में भारत के नेतृत्व और इसकी बढ़ती ग्लोबल भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारत और नॉर्वे के बीच एक जरूरी पुल के तौर पर भारतीय समुदाय की भूमिका की तारीफ की।
नॉर्वे में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे में रहने वाले जोशीले और अलग-अलग तरह के भारतीय समुदाय से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने भारत की ग्रोथ और ग्लोबल जुड़ाव में भारतीय डायस्पोरा की अहमियत पर जोर दिया, साथ ही भारत-ईएफटीए और ईयू-एफटीए समझौता, ग्लोबल साउथ में भारत की लीडरशिप और इसकी बढ़ती ग्लोबल भूमिका पर भी जोर दिया।
सिबी जॉर्ज रविवार को नॉर्वे के विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी जनरल टॉर्जियर लार्सन के साथ 12वें फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन में हिस्सा लेने के लिए ओस्लो पहुंचे। उनके पहुंचने पर नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गंगटे ने जॉर्ज का गर्मजोशी से स्वागत किया।
नॉर्वे में भारतीय दूतावास ने कहा, सिबी जॉर्ज का नॉर्वे में गर्मजोशी से स्वागत है। सेक्रेटरी (वेस्ट) आज अपने समकक्ष नॉर्वे के विदेश मंत्रालय के महासचिव टॉर्जियर लार्सन के साथ 12वें फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन के लिए ओस्लो पहुंचे। इस दौरे का मकसद खास क्षेत्रों में भारत-नॉर्वे सहयोग को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना है।
भारत और नॉर्वे के बीच द्विपक्षीय संबंध फरवरी 1947 में शुरू हुए थे। तब से दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। भारत और नॉर्वे लोकतंत्र, मानवाधिकारों और कानून के शासन के अपने साझा मूल्यों के लिए एक-दूसरे का सम्मान करते हैं।
--आईएएनएस
केके/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत कला मेला 2026 में द विंड्स ऑफ गार्डियंस पेश करेंगी ऑस्ट्रेलियाई कलाकार ग्रेस लिलियन ली
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भारत कला मेला के 17वें संस्करण का आयोजन देश की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 5 से लेकर 8 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के एनएसआईसी ग्राउंड्स में किया जाएगा। ऐसे मौके पर ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस आर्टिस्ट ग्रेस लिलियन ली भारत में अपना काम द विंड्स ऑफ गार्डियंस पेश करेंगी।
ऑस्ट्रेलियन फर्स्ट नेशंस कलाकार, डिजाइनर और कल्चरल एडवोकेट ग्रेस लिलियन ली इंडिया आर्ट फेयर 2026 में अपना काम पेश करेंगी। अपनी स्वदेशी विरासत को ध्यान में रखते हुए ली की प्रैक्टिस आज के समय के नजरिए से पहचान, देश, स्थिरता और स्वदेशी संप्रभुता जैसे विषयों को दिखाती है।
टोरेस स्ट्रेट के पूर्वी द्वीपों के मिरियम मेर सेमसेप लोगों की वंशज, ली को कम उम्र से ही पारंपरिक बुनाई की कला से परिचित कराया गया था। यह ज्ञान आज भी उनके अभ्यास को आकार दे रहा है। ली इंडिया आर्ट फेयर में द विंड्स ऑफ गार्डियंस पेश करेंगी। इसमें चार स्ट्रक्चरल रूप हैं- नॉर्थ विंड्स, साउथ विंड्स, ईस्ट विंड्स और वेस्ट विंड्स। इसके साथ ही एक सेरेमोनियल ड्रीमवीवर मास्क भी है। ये हवा को मटीरियल फोर्स और मेटाफर दोनों के तौर पर दिखाते हैं: मूवमेंट, मेमोरी और ट्रांसमिशन का एक एजेंट।
ली के पूर्वजों और टोरेस स्ट्रेट आइलैंड्स की हवा की आत्माओं पर विश्वास से गहराई से जुड़े उनके काम कॉटन वेबिंग, कॉटन ट्विन, केन, मिरर ऐक्रेलिक और इलेक्ट्रिकल रबर श्रिंक ट्यूबिंग का इस्तेमाल करके बनाए गए हैं। भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा, “इंडिया आर्ट फेयर में ग्रेस की प्रदर्शनी भारत में फर्स्ट नेशंस कल्चर और क्रिएटिव एक्सीलेंस को दिखाने के ऑस्ट्रेलिया की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है। परंपरा से जुड़ा फिर भी साफ तौर पर कंटेंपररी, ग्रेस का काम दिखाता है कि कैसे पूर्वजों का ज्ञान नई आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन को जानकारी देता और प्रेरित करता रहता है।”
इंडिया आर्ट फेयर में ग्रेस की मौजूदगी से भारतीय दर्शकोंर डिजाइन के जरिए ऑस्ट्रेलिया के फर्स्ट नेशंस के नजरिए से करीब से जुड़ने का मौका मिलेगा। अपने दौरे के बारे में बात करते हुए ग्रेस लिलियन ली ने कहा, “भारत क्राफ्ट, टेक्सटाइल और कहानी कहने का शानदार इतिहास प्रेरणादायक है और मुझे स्वदेशी ज्ञान और कल्चरल एक्सचेंज पर बातचीत के जरिए यहां अपना काम शेयर करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। एक गर्वान्वित मिरियम मेर सैम्पसेप महिला के तौर पर मेरा काम मेरे पुरखों का सम्मान करता है। ट्रेडिशनल बुनाई के तरीके फिर से जिंदा करके, मेरा मकसद हमारी सांस्कृतिक कहानियों को बचाकर रखना और हमारी विरासत के रखवालों का जश्न मनाना है, ऐसे सपने बुनना जो हमारे अतीत को भविष्य से जोड़ें।”
बता दें, अपने भारत दौरे के हिस्से के तौर पर ली कई खास कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जिसमें हाई कमिश्नर ग्रीन की मदद से रॉ मैंगो के फाउंडर संजय गर्ग के साथ बातचीत भी शामिल है।
--आईएएनएस
केके/डीएससी
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