Nushrratt Bharuccha बाली में हादसे का शिकार, सर्जरी के लिए एयर एम्बुलेंस से लाई जाएंगी Mumbai
अभिनेत्री नुसरत भरूचा इंडोनेशिया की राजधानी बाली में एक हादसे का शिकार हो गई हैं, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। उनकी प्रचार टीम ने शुक्रवार को बताया कि उन्हें मुंबई लाया जा रहा है जहां उनकी सर्जरी होगी। प्रचार टीम ने बताया कि अभिनेत्री फिलहाल बाली के एक अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में हैं, जहां वह काम करने के साथ ही छुट्टियां मनाने के लिए गई हुई थीं।
इसे भी पढ़ें: काम के लिए बाली गई थीं Nushrratt Bharuccha, हादसे ने बदला पूरा शेड्यूल; अब मुंबई में होगी सर्जरी
एक बयान में कहा गया, ‘‘काम और छुट्टियां मनाने के लिए बाली गईं नुसरत भरूचा एक हादसे का शिकार हो गई हैं और उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। वह फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं। चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद नुसरत की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी की जाएगी।’’ बयान में कहा गया, ‘‘इस समय हमारी पहली प्राथमिकता उनका स्वास्थ्य और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
हम नुसरत को ‘एयर एम्बुलेंस’ के जरिए बाली से मुंबई लाने के इंतजाम कर रहे हैं, जहां उनकी सर्जरी की जाएगी।’’ बयान के अनुसार, चोट की गंभीरता और सर्जरी को देखते हुए भरूचा को आराम और उबरने के लिए समय चाहिए होगा, जिससे अगले कुछ हफ्तों के उनके काम पर असर पड़ सकता है। प्रचार टीम ने लोगों से अभिनेत्री की गोपनीयता का सम्मान करने और उन्हें अपने इलाज तथा स्वास्थ्य सुधार पर ध्यान केंद्रित करने देने का अनुरोध किया है। बयान में कहा गया, ‘‘हम सभी की चिंता और शुभकामनाओं के लिए आभारी हैं तथा उचित समय आने पर आगे की जानकारी साझा करेंगे।’’ भरूचा ने 2006 में आई फिल्म ‘जय संतोषी मां’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें पहचान 2010 की फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ और 2011 में कार्तिक आर्यन के साथ आई ‘प्यार का पंचनामा’ से मिली।
इसे भी पढ़ें: Tihar Jail में गैंगस्टर नवीन बाली और ढिल्लू का हंगामा, अधिकारियों से की हाथापाई
भरूचा जल्द ही रेमो डीसूजा के निर्देशन में बन रही एक एक्शन फिल्म में टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आएंगी।
Pitru Paksha में ऐसे तैयार करें श्राद्ध की थाली, खीर-पूड़ी के साथ रखें पितरों की पसंदीदा डिश
पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है और इसका समापन अमावस्या के दिन होता है। इन 16 दिनों में पूर्वजों का तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किए जाते हैं। हम सभी के घरों में श्राद्ध भोजन जरुर तैयार किया जाता है। कोशिश की जाती है कि इस दिन सादा खाना, ताजा और सात्विक होना काफी जरुरी माना जाता है।
श्राद्ध के लिए बनाई जाने वाली भोजन की थाली में ऐसी चीजें जरुर रखी जाती है, जिन्हे परिवार में लंबे समय से श्राद्ध के भोजन का हिस्सा माना जाता है। खीर, पूरी, दाल, चावल और सब्जी जैसी चीजें कई घरों में बनती है।
सबसे खास बात यह है कि जिन परिवारों में पितरों की पसंद का खाना याद रखा जाता है, वहां उनकी पसंदीदा डिश को भी थाली में जगह देने की मान्यता है। अगर घर के किसी बुजुर्ग को कोई खास मिठाई या सब्जी बहुत पसंद थी, तो श्राद्ध के दिन उसे बनाकर पितरों को याद किया जाता है।
पितरों के लिए कैसी होनी चाहिए थाली?
दरअसल, श्राद्ध की थाली को लेकर हर घर में एक तरह का नियम नहीं होता है। अलग-अलग जगह और परिवार के हिसाब से इसमें थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है। खासतौर पर सादा खाना रखा जाता है और अधिक मासलेदार या तामझाम वाला भोजन बनाने के बजाय घर का बना सामान्य खाना तैयार किया जाता है। वैसे कई परिवारों में लहसुन-प्याज भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं थाली में आप क्या चीजें शामिल करें-
-खीर
-पूड़ी
-दाल
-चावल
-कद्दू की सब्जी
-दूसरी मौसमी सब्जी
-तिल से बनी मिठाई
-परिवार की परंपरा के हिसाब से बनाएं कोई खास पकवान
मीठे में रखें खीर
श्राद्ध की थाली जब तैयार की जाती है, तो सबसे पहले खीर का नाम आता है। कई घरों में चावल और दूध से खीर तैयार की जाती है। कई घरों में मखाने की खीर बनाई जाती है। अगर आपके परिवार में किसी दिवंगत सदस्य को कोई स्पेशल खीर पसंद थी जैसे-चावल, मखाने, साबूदाना या सेवई तो उनकी पसंद के अनुसार ही खीर बनाएं।
पूड़ी के साथ रखें उनकी पसंदीदा सब्जी
श्राद्ध के खाने में पूड़ी बनाई जाती है। इसके साथ ही आप कद्दू या अरबी की सब्जी जरुर रखें, लेकिन आपके घर में पितरों को कोई सब्जी बहुत ही ज्यादा पसंद थी, तो आप उस सब्जी को भी जरुर बनाएं। वहीं, परिवार और इलाके की परंपरा के हिसाब से दूसरी मौसमी सब्जियों को थाली में जरुर रखें।
चने की दाल या दूसरी सादी दाल
श्राद्ध की खाली में दाल भी जरुर रखें। ऐसे में आप प्याज-लहसुन का इस्तेमाल न करें। चने की दाल को बिना प्याज-लहसुन के सादे तरीके से बना दें। कुछ परिवारों में दूसरी दाल भी परंपरा के अनुसार बनाई जाती है। अगर आपके पितरों को तड़के वाली दाल पसंद थी, तो आप इसमें थोड़ा-सा ट्विस्ट एड करें, इसे ढाबे वाला टच जरुर दें।
चावल भी रखें
इतना ही नहीं, आप पितरों की थाली में चावल जरुर रखें। ऐसे में आप उनकी पसंद के हिसाब से सादे चावल या फ्राइड राइस को भी थाली में रख सकते हैं।
पितरों की पसंदीदा डिश जरूर याद रखें
थाली में आ उनकी पसंद की अन्य चीजों को जरुर रखें। जैसे कि पेस्ट्री, समोसे, पकौड़े, कचौड़ियां या कोई नमकीन। इसके अतिरिक्त मीठे में खीर, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, रसमलाई, रबड़ी या चम्मच पसंद हैं, तो इन्हें भी थाली में जगह दें।
पितृपक्ष की थाली बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- खाना फ्रेश और घर का बना ही थाली में रखें।
- थाली में पितरों की पंसद को ही प्राथमिकता दें।
- प्याज-लहसुन को लेकर अपने परिवार में चली आ रही परंपरा को जरुर ध्यान दें।
- खाना बनाते समय साफ-सफाई को जरुर ध्यान दें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








