Asian Games Cricket के Gold Medal मैच में Pakistan से भिड़ेगी भारतीय टीम
विश्व चैंपियन भारत शनिवार को एशियाई खेलों के पुरुष क्रिकेट के स्वर्ण पदक मुकाबले में पाकिस्तान की युवा टीम के खिलाफ अपने अनुभवी सितारों से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद करेगा। दोनों देशों के बीच यह मुकाबला एशियाई खेलों की पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता का अब तक का सबसे अधिक राजनीतिक तनाव वाला फाइनल होगा। मैदान पर दोनों टीमें जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी और मैदान के बाहर भी दोनों के बीच तनातनी बनी रहने की संभावना है।
पिछले साल एशिया कप के दौरान शुरू हुई हाथ न मिलाने की परंपरा के कारण इस मुकाबले से पहले या बाद में भी खिलाड़ियों के एक-दूसरे से हाथ मिलाने की संभावना बेहद कम है। वॉलीबॉल, टेबल टेनिस और हॉकी में भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ी अपने मुकाबलों के बाद हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आए हैं। एशियाई खेलों में क्रिकेट का स्तर शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं जैसा नहीं है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले और स्वर्ण पदक की अहमियत दोनों देशों के लिए काफी अधिक है।
लगातार बारिश के कारण दोनों टीमों को मैदान पर सीधे सेमीफाइनल मुकाबले में उतरना पड़ा। दोनों टीमों ने अपने-अपने सेमीफाइनल आसानी से जीतकर फाइनल में जगह बनाई। इस तरह दोनों को स्वर्ण पदक के लिए सिर्फ दो मुकाबले जीतने पड़े हैं। भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण और नये टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला चुनौतीपूर्ण होगा। पाकिस्तान की अगुआई साहिबजादा फरहान कर रहे हैं और टीम में पीएसएल में अच्छा प्रदर्शन कर चुके कई खिलाड़ी हैं। उसके पास भारतीय टीम की तरह बड़े अंतरराष्ट्रीय सितारों की फौज नहीं है।
भारत ने इस प्रतियोगिता के लिए अपनी मुख्य टीम भेजी है और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज भी टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में भारतीय टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीदें अधिक हैं। लक्ष्मण और अय्यर जानते हैं कि इस मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतने पर भी उन्हें बहुत ज्यादा वाहवाही नहीं मिलेगी, लेकिन पाकिस्तान की युवा टीम के खिलाफ रजत पदक से संतोष करना उनके लिए स्वीकार्य नहीं होगा।
निशिन सिटी के कोरोगी पार्क की पिच की परिस्थितियां साहिबजादा फरहान, माज सदाकत, हसन नवाज, साइम अयूब और अराफात मिन्हास जैसे खिलाड़ियों को मुकाबला करने का मौका दे सकती हैं और दोनों टीमों के बीच अंतर को काफी हद तक कम कर सकती हैं। कोरोगी पार्क की पिच पर नमी और तेज धूप के कारण असमान उछाल के साथ गेंद को अच्छा टर्न मिल रहा है। ऐसे में अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। पिच से परिस्थितियां चाहे जैसी हों, जसप्रीत बुमराह अपनी गेंदबाजी से प्रभाव डालने में सक्षम हैं।
अगर पिच पर टर्न ज्यादा मिला तो अभिषेक शर्मा भी गेंद से उपयोगी साबित हो सकते हैं। पाकिस्तान को अबरार अहमद और सुफियान मोकिम के साथ साइम अयूब और अराफात मिन्हास से स्पिन गेंदबाजी में उम्मीदें होंगी। मुकाबले का नतीजा काफी हद तक दोनों टीमों के स्पिनरों के 16 ओवरों पर निर्भर कर सकता है। बल्लेबाजी की बात करें तो भारत के पास अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, सेमीफाइनल के नायक ईशान किशन, एशिया कप फाइनल के स्टार तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे मजबूत विकल्प हैं।
इसके मुकाबले पाकिस्तान की बल्लेबाजी काफी हद तक कप्तान साहिबजादा फरहान पर निर्भर करेगी। साइम अयूब पाकिस्तान के प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ उनका प्रदर्शन अब तक खास नहीं रहा है। हसन नवाज और अब्दुल समद पर भी पाकिस्तान को भरोसा होगा। दोनों ने लिटन दास, मुस्तफिजुर रहमान, शोरिफुल इस्लाम और तौहीद हृदोय जैसे खिलाड़ियों वाली मजबूत बांग्लादेशी टीम के खिलाफ पाकिस्तान की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
कुल मिलाकर भारत के लिए इस मुकाबले में हासिल करने को बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन गंवाने के लिए काफी कुछ है। भारतीय टीम के अंतरिम कोच वीवीएस लक्ष्मण को जानने वाले मानते हैं कि उन्हें हार बिल्कुल पसंद नहीं है।
टीमें: भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, विपराज निगम, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह।
पाकिस्तान: साहिबजादा फरहान (कप्तान), साइम अयूब, माज सदाकत, उस्मान खान, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, मोहम्मद वसीम, अहमद दानियाल, सुफियान मोकिम, अबरार अहमद, आकिफ जावेद, अली रजा, साद मसूद, हैदर अली। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होगा।
बिना Oven के सिर्फ भाप में बनाएं बंगाली Bhapa Doi, मुंह में घुल जाएगा इसका स्वाद
भारतीय खानपान में मिठाइयां खास मौके या शादी की दावतों में रौनक बढ़ाती हैं। खाने के साथ रसगुल्ले का हो या गुलाब जामुन की। हर एक मिठाई का अपना स्वाद होता है। रसगुल्ला का नाम याद आता है, तो बंगाल का स्वाद सबके जुबान पर आ जाता है।
लेकिन सिर्फ रसगुल्ला ही नहीं, बल्कि बंगाल की फेमस 'भापा दोई' भी वहां की एक खास पहचान मानी जाती है। असल में भापा दोई पारंपरिक रुप से भाप पकाकर तैयार की जाने वाली बंगाली मिठाई है, जो मुंह जाते ही घुल जाती है। आइए आपको इसकी आसान रेसिपी के बारे में बताते हैं।
भापा दोई बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां
1 कप गाढ़ा दही
1 कप कंडेंस्ड मिल्क
आधा कप दूध
फ्लेवर के लिए थोड़ा सा इलायची पाउडर
बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स
भापा दोई बनाने की आसान विधि
- सबसे पहले ताजे दही को मलमल या सूती कपड़े में बांधकर 1 से 2 घंटे के लिए लटका दें।
- जब दही का सारा पानी निकल जाए, तो आपको गाढ़ा चक्का मिल जाएगा।
-अब गाढ़े दही को एक गहरे बर्तन में निकालें और चम्मच या व्हिस्कर से अच्छी तरह फेंट लें।
-इसमें कंडेंस्ड मिल्क और आधा कप दूध डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
-सभी चीजों को मिलाकर एक गाढ़ा और क्रीमी मिश्रण तैयार कर लें।
-अब इसमें थोड़ा इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें।
-तैयार मिश्रण को स्टील के टिफिन या बेकिंग डिश में डाल दें।
-बर्तन को एल्युमिनियम फॉयल या ढक्कन से अच्छी तरह ढक दें, ताकि भाप का पानी मिठाई में न जाए।
स्टीम के लिए करें ये काम
इसको स्टीम करने के लिए आपको कढ़ाई की मदद ले सकते हैं। कढ़ाई में दो गिलास पानी गर्म करें और बीच में एक स्टैंड रख दें। इसके बाद ढके हुए बर्तन को स्टैंड पर रखकर और कढ़ाई का ढक्कन बंद कर दें। अब धीमी आंच पर इसे करीब 15 से 20 मिनट तक पकाएं। 20 मिनट के बाद ढक्कन हटाएं और टूथपिक की मदद से चेक करें। यदि टूथपिक साफ बाहर आती है, तो आपकी भापा दोई बनकर तैयार है। इसको अब कढ़ाई से निकालकर 1 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें।
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