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फॉर्म-6 को लेकर EC ने राहुल के पोस्ट पर दिया जवाब, बदलाव के आरोप से किया इनकार
चुनाव आयोग ने SIR के दौरान फॉर्म 6 में बदलाव के आरोप से पूरी तरह इनकार किया है. आयोग के अनुसार, उसने मूल फार्म 6 में किसी तरह की छेड़छाड़ नही की है. इसमें कोमा पूर्ण विराम का भी बदलाव नहीं किया गया है. आयोग ने एसआईआर के दौरान फॉर्म 6 के साथ घोषणापत्र का अतिरिक्त पन्ना भी जोड़ने की बात की है.
आयोग के अनुसार, बीते वर्ष बिहार के एसआईआर के वक्त इसका प्रोटोकॉल बना गया था. सुप्रीम कोर्ट में उसे चुनौती दी गई. अदालत ने सुनवाई के बाद उस प्रोटोकॉल पर कहा कि ये चुनाव आयोग को मिलीं संवैधानिक शक्तियों के दायरे में है. आयोग के अनुसार, अतिरिक्त घोषणा पत्र भी प्रोटोकॉल में आता था. चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के ट्वीट का फैक्टचेक किया है. फॉर्म-6 पर उनके दावे को गलत बताया गया है.
चुनाव आयोग की सर्वसम्मति से जारी आदेश
चुनाव आयोग के अनुसार, इस पोस्ट में दिया बयान पूरी तरह से गुमराह करने वाला है. आयोग के अनुसार, बिहार में SIR के लिए 24 जून 2025 को जारी आदेश को चुनाव आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था. EC ने कहा कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने निर्णय में इस आदेश को ठीक ठहराया है. ECI ने 26 सितंबर 2026 के अपने प्रेस नोट नंबर 120 के पॉइंट 1(iii) में कहा कि "SIR के लिए फ़ॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है. "
आपको बता दें कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद कहा कि अब यह बात बिना किसी शक के साबित हो चुकी है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से 'फॉर्म 6' में बदलाव किए. यह इस बात का सबूत है कि उन्होंने BJP की सहायता करने के लिए अपने पद का गलत उपयोग किया. वे और हमारी डेमोक्रेसी पर हुए इस आपराधिक हमले में शामिल हर शख्स को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसने अलग अलग राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान चुनाव आयोग की ओर से उपयोग किए जा रहे 'फॉर्म 6' में किसी तरह के बदलाव को मंजूरी नहीं दी. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच के अनुसार, "हमने 'फॉर्म 6' में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है. इस बात में स्पष्टता होनी चाहिए, जब रिकॉर्ड पेश होंगे, तो हम देखना चाहेंगे कि इसमें बदलाव किसने किया."
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