Responsive Scrollable Menu

ममता बनर्जी मेडिकल रिकॉर्ड मामले में ज्यादा गहराई में न जाएं: Suvendu Adhikari

कोलकाता, पांच अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चेतावनी दी कि वह 2021 में अपने पैर में लगी चोट के मेडिकल रिकॉर्ड के खुलासे के मामले में ‘‘बहुत ज़्यादा गहराई में न जाएं’’, क्योंकि जरूरत पड़ने पर ऐसे और भी दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जा सकते हैं। यह बयान तब आया, जब कुछ घंटे पहले ही बनर्जी ने एसएसकेएम अस्पताल और बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूरोसाइंसेस (बीआईएन) को कानूनी नोटिस भेजकर यह स्पष्टीकरण मांगा था कि 2021 की नंदीग्राम घटना से जुड़े उनके मेडिकल रिकॉर्ड बिना अनुमति के सार्वजनिक कैसे किए गए। उस साल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान, बनर्जी - जो तब मुख्यमंत्री और नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार थीं - के पैर में चोट लग गई थी।

इसके बाद उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर प्रचार किया था और उनके पैर पर प्लास्टर बंधा था। चुनाव के दौरान उनकी चोट एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई थी। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि बनर्जी इस मुद्दे को उठाकर ‘‘गलती कर रही हैं’’।

अधिकारी ने कहा, ‘‘मैं स्वास्थ्य विभाग से कहूंगा कि वे मुझे उनकी शिकायत भेजें। शायद उन्हें पता नहीं है कि उन्होंने क्या किया है। उन्होंने खुद भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी और सीआईडी इस मामले की जांच कर रही थी।’’ उन्होंने बनर्जी के वकील को भी चेतावनी दी कि वे इस मामले को आगे न बढ़ाएं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘मैं उनके वकील से कहूंगा कि वे इस मुद्दे की बहुत गहराई में न जाएं। उन्हें लगा था कि वह चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। इसलिए, उन्होंने सभी दस्तावेज अपनी दराज (नबान्न में मुख्यमंत्री कार्यालय स्थित अपने कक्ष में) में छोड़ दिए थे।’’ हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मेडिकल रिकॉर्ड बनर्जी के कार्यालय से मिले थे या उनके आवास से।

अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो पूर्व मुख्यमंत्री की चोट से जुड़ी एक्स-रे और एमआरआई रिपोर्ट सार्वजनिक की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति पैदा हो जाएगी कि आप (बनर्जी) अपने घर से बाहर नहीं निकल पाएंगी।’’ अधिकारी ने दावा किया है कि बनर्जी की हड्डी नहीं टूटी थी और हाल ही में उन्होंने अपने दावे के समर्थन में मेडिकल दस्तावेज़ दिखाए। बनर्जी के कानूनी नोटिस में उनकी मेडिकल जानकारी के खुलासे पर सवाल उठाए गए हैं।

इसमें यह भी पूछा गया है कि क्या ये रिकॉर्ड अस्पताल की मंज़ूरी से या किसी अदालती आदेश के तहत सार्वजनिक किए गए थे। नोटिस में दस्तावेज़ों की असलियत या उनमें किसी तरह की छेड़छाड़ की संभावना पर भी सवाल उठाए गए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की गई है कि बनर्जी के मेडिकल रिकॉर्ड आगे सार्वजनिक न हों। इसमें अस्पताल प्रशासन से यह स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड मौजूदा मुख्यमंत्री के पास कैसे पहुंचे।

Continue reading on the app

Explainer: यामी गौतम-जाह्नवी कपूर की AI फोटो-वीडियो पर छिड़ी बहस, जानें स्टार्स की तस्वीरों से छेड़छाड़ करने पर क्या हो सकता है एक्शन

Yami Gautam-Janhvi Kapoor Ai Photo Debate: आज AI का यूज काफी ज्यादा बढ़ गया है. इसका इस्तेमाल फोटो, वीडियो और कई तरह के डिजिटल कंटेंट बनाने के लिए तेजी से हो रहा है. हालांकि इससे काम तो आसान हुए लेकिन लेकिन मिस यूज ने सेलिब्रिटीज के लिए परेशानी भी खड़ी कर दी है. यामी गौतम और जाह्नवी कपूर से जुड़े हालिया मामलों में इसी चिंता को सामने ला दिया है. हाल ही में दोनों एक्ट्रेसेस की तस्वीर और वीडियो से बिना उनकी मर्जी छेड़छाड़ की गई.  एआई को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात यह है किसी की असली इमेज को बदलकर ऐसा कंटेंट बनाया जा सकता है, जो देखने में बिल्कुल असली लगे और उससे सेलिब्रिटीज की इमेज को नुकसान पहुंचाया जाए.

जाह्नवी कपूर के वीडियो के साथ की गई छेड़छाड़

इस कॉन्ट्रॉवर्सी की बड़ी वजह थी जब जाह्नवी कपूर का एक आपत्तिजनक एआई से बनाया गया डीपफेक वीडियो सामने आया है. दरअसल, जाह्नवी और जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा पार्ट वन' का गाना 'चुट्टमल्ले' जब रिलीज हुआ था, उस काफी पॉपुलर हुआ था. इसी गाने के ओरिजिनल वीडियो को AI की मदद से डीपफेक में बदल दिया गया. जानकारी के मुताबिक,  वीडियो में जाह्नवी के चेहरे और बॉडी के पार्ट्स को मॉर्फ किया गया, जिससे वह कंटेंट पूरी तरह अलग और अश्लील नजर आने लगा. इसके बाद जाह्नवी के फैंस के साथ फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने नाराजगी जताई. जूनियर एनटीआर, चिरंजीवी और विजय देवरकोंडा ने भी इस तरह के कंटेंट के खिलाफ आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की . 

यामी गौतम ने अपनी AI तस्वीरों को लेकर क्या कहा

जाह्नवी के वीडियो की चर्चा के बीच यामी गौतम ने भी AI के मिस यूज पर रिएक्ट किया और चिंता जाहिर की. उन्होंने सोशल मीडिया पर मीडिया हाउसेज, पैपराजी और फैंस से अपील की कि पब्लिक इवेंट, अवॉर्ड शो या फिल्म प्रमोशन के दौरान ली गई उनकी फोटो को AI से ज्यादा ब्यूटी फिल्टर्स से न बदला जाए. यामी का कहना था कि किसी इंसान की इजाजत के बिना उसकी इमेज बदलना सही नहीं है. मीडिया को तस्वीरों को नेचुरल और ओरिजिनल रूप में दिखाना चाहिए.

क्या होता है आखिर डीपफेक 

डीपफेक AI और डीप लर्निंग टेक्नोलॉजी तैयार किया गया ऐसा कंटेंट होता है, जिसमें किसी शख्स के फेस, आवाज या दूसरे फीचर्स को दूसरे वीडियो या तस्वीर में फिट किया जाए. इसके बाद वह चेहरा किसी दूसरे कंटेंट में इस तरह लगाया जा सकता है कि वह बिल्कुल रियल नजर आए. यही वजह है कि आम यूजर के लिए कई बार असली और नकली वीडियो में फर्क करना कठिन होता है.  इसी तरह एआई से सिलिब्रेटी की फोटो-वीडियो को कुछ गलत लोग आपत्तिजनक कंटेंट से तैयार करते हैं. 

सेलिब्रिटी की इमेज को कितना होता है नुकसान

दरअसल, हर एक्टर और एक्ट्रेस की पहचान उसकी प्रोफेशनल लाइफ का खास हिस्सा होता है.  उनकी सालों की मेहनत को एक फेक वीडियो से एआई से कुछ ही समय में नुकसान पहुंचाया जा सकता है.  इतना ही नहीं इस तरह के डीफफेक कंटेंट से इमेज को बड़ा खतरा होता है और पर्सनल लाइफ पर भी दबाव बढ़ सकता है.  हालांकि,  यामी की चिंता का एक दूसरा पहलू यह भी है. अगर किसी की फोटो को उसकी मर्जी के बिना ज्यादा सुंदर या अलग दिखाया जाता है, तो उसकी असली पहचान ही बदल जाती है, जो असली इमेज और डीपफेक कंटेंट के बीच फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है.

फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ पर क्या है कानून

जानकारी के मुताबिक, इंडिया में डिजिटल कंटेंट से जुड़े कई मामलों में Information Technology Act का सहारा लिया जा सकता है. बिना सहमति किसी शख्स की फोटो को मॉर्फ या एडिट करके उसकी प्राइवेसी पर हमला होता है तो वह  IT Act की धारा 66E के तहत मामला दर्ज करा सकता है. इस मामले में दोष साबित होने पर जेल और जुर्माने भी लग सकता है. हालांकि हर केस को लेकर अलग कानून है कि किस धारा में कार्रवाई होगी, यह कंटेंट की प्रकृति और पूरे मामले पर डिपेंड करता है. 

अश्लील डीपफेक पर है ज्यादा सख्ती

अगर AI से बनाया गया कंटेंट बहुत ज्यादा आपत्तिजनक और अश्लील है और उसे ऑनलाइन शेयर किया जाता है, तो मामला और भी गंभीर हो सकता है.  मिली जानकारी के मुताबिक,  ऐसे मामलों में IT Act की धारा 67 और 67A भी लग सकती है.  इन धाराओं का संबंध ऑनलाइन अश्लील या बैन कंटेंट को पब्लिश या ट्रांसमिट करने से मनाही है. अगर इस केस में पहली बार अपराध साबित होता है तो जेल और जुर्माना दोनों लग सकते हैं. जबकि इसी मामले में दोबारा अपराध होने पर सजा और जुर्माना बढ़ सकता है. इसलिए किसी फेक वीडियो को सिर्फ सोशल मीडिया पर शेयर करना सही नहीं है. 

भारतीय न्याय संहिता के तहत भी हो सकती है कार्रवाई

IT Act के अलावा भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत भी गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई हो सकती है. अगर किसी फेक वीडियो या फोटो के जरिए किसी की जानबूझकर इमेज खराब करने की कोशिश की जाती है, तो मानहानि और दूसरे अपराधों से जुड़े मामले में केस हो सकता है.  इसके अलावा पहचान का मिस यूस या महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसी बातों पर भी कार्रवाई हो सकती है. ऐसे मामलों में पुलिस जांच कर सकती हैं. कुछ समय पहले एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना के डीपफेक वीडियो के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच की थी और मामले में गिरफ्तारी की गई थी. 

पर्सनैलिटी राइट्स किसे कहते हैं

आपको बता दें कि सेलिब्रिटीज के पास अपनी पहचान से जुड़े पर्सनैलिटी राइट्स होते हैं. इसे आसान भाषा में समझे तो इसका मतलब होता है कि किसी स्टार का नाम, चेहरा, आवाज या पहचान से जुड़ी चीजों को हर कोई अपनी मर्जी से यूज नहीं कर सकता है. खासकर जब उससे गलत कंटेंट तैयार किया जाए. अदालतें ऐसे मामलों में सेलिब्रिटी की पहचान और इमेज की सुरक्षा को लेकर सुनवाई कर सकती है और इस मामले में आदेश भी दे चुकी है. बता दें कि सामंथा रुथ प्रभु से जुड़े एक मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनके नाम और चेहरे से जुड़े फेक कंटेंट को हटाने के निर्देश दिए थे. 

ये भी पढ़ें: Explainer: टीवी स्टार्स के लिए क्यों जरूरी हो गए हैं रियलिटी शोज? जानें पर्दे के पीछे की पूरी रणनीति

Continue reading on the app

  Sports

टीम इंडिया में इन खिलाड़ियों की फिर होगी एंट्री? न्यूजीलैंड दौरे के लिए सेलेक्टर्स की है नजर

भारतीय टीम को न्यूजीलैंड दौरे पर 5 मैच की वनडे सीरीज खेलनी है लेकिन इसके लिए 2 स्क्वॉड चुने जाने की संभावना है, जिसमें कुछ ऐसे खिलाड़ियों को चुना जाएगा, जो सिर्फ आखिरी 2 मैच का हिस्सा होंगे. Wed, 07 Oct 2026 23:19:12 +0530

  Videos
See all

When your own mind turns against you: Living with intrusive OCD #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-07T20:00:13+00:00

GST Council Meeting : GST में बड़ा बदलाव होने वाला है! | GST Update | Tax Update | Top News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-07T20:30:10+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers