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Explainer: यामी गौतम-जाह्नवी कपूर की AI फोटो-वीडियो पर छिड़ी बहस, जानें स्टार्स की तस्वीरों से छेड़छाड़ करने पर क्या हो सकता है एक्शन

Yami Gautam-Janhvi Kapoor Ai Photo Debate: आज AI का यूज काफी ज्यादा बढ़ गया है. इसका इस्तेमाल फोटो, वीडियो और कई तरह के डिजिटल कंटेंट बनाने के लिए तेजी से हो रहा है. हालांकि इससे काम तो आसान हुए लेकिन लेकिन मिस यूज ने सेलिब्रिटीज के लिए परेशानी भी खड़ी कर दी है. यामी गौतम और जाह्नवी कपूर से जुड़े हालिया मामलों में इसी चिंता को सामने ला दिया है. हाल ही में दोनों एक्ट्रेसेस की तस्वीर और वीडियो से बिना उनकी मर्जी छेड़छाड़ की गई.  एआई को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात यह है किसी की असली इमेज को बदलकर ऐसा कंटेंट बनाया जा सकता है, जो देखने में बिल्कुल असली लगे और उससे सेलिब्रिटीज की इमेज को नुकसान पहुंचाया जाए.

जाह्नवी कपूर के वीडियो के साथ की गई छेड़छाड़

इस कॉन्ट्रॉवर्सी की बड़ी वजह थी जब जाह्नवी कपूर का एक आपत्तिजनक एआई से बनाया गया डीपफेक वीडियो सामने आया है. दरअसल, जाह्नवी और जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा पार्ट वन' का गाना 'चुट्टमल्ले' जब रिलीज हुआ था, उस काफी पॉपुलर हुआ था. इसी गाने के ओरिजिनल वीडियो को AI की मदद से डीपफेक में बदल दिया गया. जानकारी के मुताबिक,  वीडियो में जाह्नवी के चेहरे और बॉडी के पार्ट्स को मॉर्फ किया गया, जिससे वह कंटेंट पूरी तरह अलग और अश्लील नजर आने लगा. इसके बाद जाह्नवी के फैंस के साथ फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने नाराजगी जताई. जूनियर एनटीआर, चिरंजीवी और विजय देवरकोंडा ने भी इस तरह के कंटेंट के खिलाफ आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की . 

यामी गौतम ने अपनी AI तस्वीरों को लेकर क्या कहा

जाह्नवी के वीडियो की चर्चा के बीच यामी गौतम ने भी AI के मिस यूज पर रिएक्ट किया और चिंता जाहिर की. उन्होंने सोशल मीडिया पर मीडिया हाउसेज, पैपराजी और फैंस से अपील की कि पब्लिक इवेंट, अवॉर्ड शो या फिल्म प्रमोशन के दौरान ली गई उनकी फोटो को AI से ज्यादा ब्यूटी फिल्टर्स से न बदला जाए. यामी का कहना था कि किसी इंसान की इजाजत के बिना उसकी इमेज बदलना सही नहीं है. मीडिया को तस्वीरों को नेचुरल और ओरिजिनल रूप में दिखाना चाहिए.

क्या होता है आखिर डीपफेक 

डीपफेक AI और डीप लर्निंग टेक्नोलॉजी तैयार किया गया ऐसा कंटेंट होता है, जिसमें किसी शख्स के फेस, आवाज या दूसरे फीचर्स को दूसरे वीडियो या तस्वीर में फिट किया जाए. इसके बाद वह चेहरा किसी दूसरे कंटेंट में इस तरह लगाया जा सकता है कि वह बिल्कुल रियल नजर आए. यही वजह है कि आम यूजर के लिए कई बार असली और नकली वीडियो में फर्क करना कठिन होता है.  इसी तरह एआई से सिलिब्रेटी की फोटो-वीडियो को कुछ गलत लोग आपत्तिजनक कंटेंट से तैयार करते हैं. 

सेलिब्रिटी की इमेज को कितना होता है नुकसान

दरअसल, हर एक्टर और एक्ट्रेस की पहचान उसकी प्रोफेशनल लाइफ का खास हिस्सा होता है.  उनकी सालों की मेहनत को एक फेक वीडियो से एआई से कुछ ही समय में नुकसान पहुंचाया जा सकता है.  इतना ही नहीं इस तरह के डीफफेक कंटेंट से इमेज को बड़ा खतरा होता है और पर्सनल लाइफ पर भी दबाव बढ़ सकता है.  हालांकि,  यामी की चिंता का एक दूसरा पहलू यह भी है. अगर किसी की फोटो को उसकी मर्जी के बिना ज्यादा सुंदर या अलग दिखाया जाता है, तो उसकी असली पहचान ही बदल जाती है, जो असली इमेज और डीपफेक कंटेंट के बीच फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है.

फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ पर क्या है कानून

जानकारी के मुताबिक, इंडिया में डिजिटल कंटेंट से जुड़े कई मामलों में Information Technology Act का सहारा लिया जा सकता है. बिना सहमति किसी शख्स की फोटो को मॉर्फ या एडिट करके उसकी प्राइवेसी पर हमला होता है तो वह  IT Act की धारा 66E के तहत मामला दर्ज करा सकता है. इस मामले में दोष साबित होने पर जेल और जुर्माने भी लग सकता है. हालांकि हर केस को लेकर अलग कानून है कि किस धारा में कार्रवाई होगी, यह कंटेंट की प्रकृति और पूरे मामले पर डिपेंड करता है. 

अश्लील डीपफेक पर है ज्यादा सख्ती

अगर AI से बनाया गया कंटेंट बहुत ज्यादा आपत्तिजनक और अश्लील है और उसे ऑनलाइन शेयर किया जाता है, तो मामला और भी गंभीर हो सकता है.  मिली जानकारी के मुताबिक,  ऐसे मामलों में IT Act की धारा 67 और 67A भी लग सकती है.  इन धाराओं का संबंध ऑनलाइन अश्लील या बैन कंटेंट को पब्लिश या ट्रांसमिट करने से मनाही है. अगर इस केस में पहली बार अपराध साबित होता है तो जेल और जुर्माना दोनों लग सकते हैं. जबकि इसी मामले में दोबारा अपराध होने पर सजा और जुर्माना बढ़ सकता है. इसलिए किसी फेक वीडियो को सिर्फ सोशल मीडिया पर शेयर करना सही नहीं है. 

भारतीय न्याय संहिता के तहत भी हो सकती है कार्रवाई

IT Act के अलावा भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत भी गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई हो सकती है. अगर किसी फेक वीडियो या फोटो के जरिए किसी की जानबूझकर इमेज खराब करने की कोशिश की जाती है, तो मानहानि और दूसरे अपराधों से जुड़े मामले में केस हो सकता है.  इसके अलावा पहचान का मिस यूस या महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसी बातों पर भी कार्रवाई हो सकती है. ऐसे मामलों में पुलिस जांच कर सकती हैं. कुछ समय पहले एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना के डीपफेक वीडियो के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच की थी और मामले में गिरफ्तारी की गई थी. 

पर्सनैलिटी राइट्स किसे कहते हैं

आपको बता दें कि सेलिब्रिटीज के पास अपनी पहचान से जुड़े पर्सनैलिटी राइट्स होते हैं. इसे आसान भाषा में समझे तो इसका मतलब होता है कि किसी स्टार का नाम, चेहरा, आवाज या पहचान से जुड़ी चीजों को हर कोई अपनी मर्जी से यूज नहीं कर सकता है. खासकर जब उससे गलत कंटेंट तैयार किया जाए. अदालतें ऐसे मामलों में सेलिब्रिटी की पहचान और इमेज की सुरक्षा को लेकर सुनवाई कर सकती है और इस मामले में आदेश भी दे चुकी है. बता दें कि सामंथा रुथ प्रभु से जुड़े एक मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनके नाम और चेहरे से जुड़े फेक कंटेंट को हटाने के निर्देश दिए थे. 

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Explainer: लॉर्ड्स का टिकट या साख की लड़ाई? जानें क्यों टीम इंडिया के लिए 'अग्निपरीक्षा' है न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज

IND vs NZ: वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैच खत्म होने के बाद, भारतीय टीम एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौरे के लिए न्यूजीलैंड रवाना होगी. 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर 2026 तक चलने वाले इस 45 दिनों के लंबे दौरे पर भारत को 5 टी20, 5 वनडे और 2 सबसे अहम टेस्ट मैच खेलने हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज सिर्फ एक आम सीरीज नहीं है, बल्कि इसके जरिए टीम इंडिया का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में पहुंचने का मौका भी दांव पर लगा है. हेड कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं के लिए यह विदेशी दौरा किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा. तो चलिए इस आर्टिकल में विस्तार से समझते हैं कि आखिर न्यूजीलैंड के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज टीम इंडिया के लिए इतनी ज्यादा जरूरी क्यों है.

दांव पर लगा है वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का टिकट

न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भारत के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है. इस समय WTC की अंक तालिका में टीम इंडिया 5वें नंबर पर फिसल गई है, जहां उसने 11 मैचों में से 5 जीते हैं, 4 हारे हैं और 2 मैच ड्रॉ रहे हैं. लॉर्ड्स के मैदान पर होने वाले WTC फाइनल मैच में पहुंचने के लिए भारत को हर हाल में टॉप-2 टीमों में शामिल होना ही होगा.

चूंकि पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें पहले से ही बहुत मजबूत स्थिति में हैं. इसलिए अब टीम इंडिया एक भी मैच हारने का जोखिम नहीं उठा सकती. अगर टीम इंडिया को फाइनल की रेस में दोबारा सबसे आगे आना है, तो उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सीरीज के दोनों टेस्ट मैचों को हर हाल में जीतना होगा.

कीवी धरती पर पुराना हिसाब चुकता करने का मौका

क्रिकेट फैंस यह बात अच्छी तरह जानते हैं कि न्यूजीलैंड की तेज, उछाल भरी और हरी पिचों पर वहां की घरेलू टीम को हराना दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक है. इतिहास गवाह है कि कीवी गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाजों की हमेशा कड़ी परीक्षा होती है. भारतीय टीम इस दौरे पर न सिर्फ जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी, बल्कि वह पुराना हिसाब भी चुकता करना चाहेगी. अगर टीम इंडिया न्यूजीलैंड की पिचों पर कीवी टीम को मात दे देती है, तो यह भारतीय टीम की साख और आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचाने का काम करेगा.

हेड कोच गौतम गंभीर की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा

मुख्य कोच गौतम गंभीर के रहते हुए भारतीय टीम का यह पहला सबसे मुश्किल विदेशी टेस्ट दौरा होने जा रहा है. वनडे और टी20 मैचों की रणनीति अलग होती है, लेकिन 5 दिनों के टेस्ट मैच में कोच के दिमाग और उनकी सूझबूझ की असली परीक्षा होती है. गंभीर खुद साल 2008-09 के न्यूजीलैंड दौरे पर भारत की ऐतिहासिक जीत के हीरो रह चुके हैं, जहां उन्होंने नेपियर टेस्ट में लगभग 11 घंटे तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की थी और हारा हुआ मैच ड्रॉ कराया था. अब एक कोच के रूप में वह अपने उसी पुराने अनुभव को टीम के युवा खिलाड़ियों में भरना चाहेंगे. इस टेस्ट सीरीज का नतीजा गंभीर के कोचिंग करियर के भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होगा. 

सीनियर खिलाड़ियों के फॉर्म और युवाओं को परखने की चुनौती

चयनकर्ताओं ने टेस्ट सीरीज की गंभीरता को देखते हुए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है. मुख्य टेस्ट सीरीज 19 नवंबर से शुरू होने वाली है, लेकिन उससे ठीक पहले जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत, केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल जैसे प्रमुख खिलाड़ी न्यूजीलैंड में ही 'इंडिया ए' की तरफ से चार दिवसीय अभ्यास मैच खेलेंगे. इस तैयारी से बुमराह और पंत जैसे मैच विनर्स को वहां के ठंडे मौसम और स्विंग लेती गेंदों से तालमेल बिठाने का पूरा मौका मिलेगा. वहीं दूसरी ओर, हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ शानदार दोहरा शतक जड़ने वाले देवदत्त पडिक्कल जैसे युवाओं के पास विदेशी धरती पर खुद को साबित करने का यह सबसे बड़ा मंच होगा.

 

कीवी धरती पर भारतीय तेज गेंदबाजों की होगी असली परीक्षा

न्यूजीलैंड के दौरे पर पिचों के मिजाज को देखते हुए तेज गेंदबाजों की भूमिका बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. वहां की पिचों पर भारतीय पेस अटैक जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में कैसा प्रदर्शन करता है, इसी बात पर पूरी सीरीज का नतीजा टिका होगा. तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की फिटनेस पर बना सस्पेंस और रफ्तार के सौदागर मयंक यादव की तेज स्पीड को टेस्ट मैच की लंबी पारियों में सही तरीके से इस्तेमाल करना टीम मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है. यह टेस्ट सीरीज यह भी साफ कर देगी कि बुमराह के अलावा हमारे पास विदेशी पिचों पर विकेट चटकाने वाले कौन-से बैकअप गेंदबाज पूरी तरह से तैयार हैं.

आसान शब्दों में कहें तो न्यूजीलैंड के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज भारतीय टीम के लिए लॉर्ड्स के मैदान पर होने वाले WTC फाइनल में पहुंचने का सबसे बड़ा और आखिरी रास्ता है. यह सीरीज एक ऐसा चक्रव्यूह है जिसे पार किए बिना टीम इंडिया का चैंपियन बनने का सपना अधूरा रह जाएगा. अगर भारतीय टीम यहां शानदार प्रदर्शन करके दोनों टेस्ट मैच जीत लेती है, तो वह न सिर्फ फाइनल की रेस में बनी रहेगी, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी देगी कि भारत हर मुश्किल परिस्थिति में जीतने का दम रखता है.

इस ऐतिहासिक सीरीज को जीतने के लिए कप्तान और कोच को एक अचूक रणनीति बनानी होगी, क्योंकि न्यूजीलैंड को उसी के घर में हराना कभी भी आसान नहीं रहा है. भारतीय बल्लेबाजों को वहां की स्विंग लेती गेंदों का सामना करने के लिए क्रीज पर धैर्य दिखाना होगा. जबकि भारतीय गेंदबाजों को सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करनी होगी. यह सीरीज भारत की बेंच स्ट्रेंथ और बैकअप खिलाड़ियों की गहराई को भी परखेगी. हर एक रन और हर एक विकेट सीधे भारत की साख से जुड़ा हुआ है. करोड़ों भारतीय क्रिकेट फैंस की निगाहें इस दौरे पर टिकी हुई हैं और हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि टीम इंडिया कीवी धरती पर तिरंगा लहराकर एक नया इतिहास रचेगी.

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  Sports

वनडे विश्व कप 2027 में खेलेंगे भुवनेश्वर कुमार, रविचंद्रन अश्विन का दावा, वनडे में भी होगी गेंदबाज की वापसी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि भुवनेश्वर को वनडे टीम में भी शामिल किया जाएगा. भुवनेश्वर कुमार चार साल बाद न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया के लिए कमबैक करेंगे. उन्हें टी20 सीरीज के लिए टीम में चुना गया है. अश्विन का मानना है कि टी20 बेहतर प्रदर्शन उन्हें वनडे विश्व कप का टिकट दिला सकता है. Wed, 7 Oct 2026 23:45:10 +0530

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