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UPI पर चार्ज लगा तो क्या ATM के दिन फिर लौटेंगे? जानिए Cash से Digital Payment तक की पूरी कहानी

UPI पर MDR शुल्क लगने से क्या ATM के दिन लौटेंगे? जानिए कैश और डिजिटल पेमेंट के बदलते समीकरण की पूरी कहानी, जो तकनीक के 40 साल के सफर को दर्शाती है.

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GST Council कर अधिकारियों की समितियों को तीन निकायों में समेटने की तैयारी में

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के नौ साल बाद जीएसटी परिषद अपने कर अधिकारियों की समितियों के पुनर्गठन पर विचार कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस कवायद का मकसद अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के परिपक्व होने के साथ ही इन्हें अधिक सरल और प्रभावी बनाना है।

परिषद के कामकाज में सहयोग देने वाली समितियां के ढांचे को तीन समेकित निकायों - सचिवालय, कार्यान्वयन समिति और अधिकारियों की एक स्थायी समिति में पुनर्गठित करने का प्रस्ताव है। इस समय जीएसटी कर अधिकारियों की व्यवस्था में सचिवालय, एक कार्यान्वयन समिति, फिटमेंट और कानून समिति सहित आठ स्थायी समितियां और 18 क्षेत्रीय समूह शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि ऐसा महसूस किया गया कि नौ साल के बाद अब जीएसटी प्रणाली स्थिर हो चुकी है और कर दरों का ढांचा भी पिछले साल पूरी तरह तय हो गया था।

इसलिए आगे का कामकाज अधिक सरल एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था के जरिये संचालित किया जा सकता है। अधिकारियों की समिति के विचाराधीन नए ढांचे के अनुसार जीएसटी कार्यान्वयन समिति (जीआईसी) शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने वाली संस्था बनी रहेगी। यह सचिवालय द्वारा भेजे गए मामलों पर विचार करेगी और परिषद द्वारा सौंपे गए विषयों पर निर्णय लेगी।

जीआईसी जरूरत के अनुसार महत्वपूर्ण मामलों को सचिव, केंद्रीय वित्त मंत्री या परिषद के पास भेजेगी। यह प्रौद्योगिकी से जुड़ी शिकायतों का निपटारा भी जारी रखेगी। नयी स्थायी समिति तकनीकी कामकाज संभालेगी।

यह प्रक्रियाओं को सरल बनाने और व्यापार तथा उद्योग जगत से मिले ज्ञापनों पर विचार करने के अलावा कानून, नियमों, अधिसूचनाओं और फॉर्म में संशोधन के प्रस्तावों की जांच करेगी। स्थायी समिति की सदस्यता प्रत्येक राज्य के आनुपातिक आकार के आधार पर तय की जाएगी और यह हर दो साल में चक्रीय आधार पर बदलेगी। किसी भी राज्य के पास स्थायी सीट नहीं होगी, और समिति के समक्ष रखे जाने वाले एजेंडा को सभी राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि उनकी राय ली जा सके।

सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित संस्थागत सुधार दो सिद्धांतों पर आधारित है - पहला, प्रस्तावों पर शुरू से ही राजनीतिक सहमति और जवाबदेही होनी चाहिए, न कि केवल अधिकारियों के बीच तय करके बाद में उस पर मुहर लगवाई जाए। इसके अलावा, प्रस्तावों के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना इसका दूसरा आधार है। जीएसटी ने उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट जैसे कई स्थानीय करों तथा उपकरों को मिलाकर एक राष्ट्र, एक कर की एकीकृत व्यवस्था बनाई थी।

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  Sports

Dinesh Karthik बोले Mohammed Shami की Team India में वापसी पर विचार करने की जरूरत नहीं

मोहम्मद शमी की भारतीय टीम में वापसी को लेकर चल रही उम्मीदों को एक और झटका लगा है। भारत के पूर्व क्रिकेटर दिनेश कार्तिक का मानना है कि टीम अब शमी से आगे बढ़ चुकी है। उनके मुताबिक, शमी घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, फिर भी उन्हें दोबारा भारतीय टीम में लाने का कोई खास मतलब नहीं है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, शमी ने आखिरी बार 2025 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। इसके बाद चोट, फिटनेस और कुछ अन्य कारणों से वह लगातार राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर से बाहर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी अच्छी रही है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम में उनकी वापसी की संभावना हर गुजरते दिन के साथ कम होती दिखाई दे रही है।

दिनेश कार्तिक ने क्रिकेट बज से बातचीत के दौरान शमी को लेकर अपनी राय रखी। उनसे पूछा गया था कि क्या भारतीय टीम में शमी की वापसी होनी चाहिए। इस पर कार्तिक ने कहा कि टीम में शमी के अलावा कई तेज गेंदबाज मौजूद हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत शमी से आगे बढ़ चुका है और अब पीछे लौटने की जरूरत नहीं है।

कार्तिक ने यह भी माना कि शमी ने अच्छी गेंदबाजी की है। हालांकि, उनके मुताबिक भारतीय टीम के मौजूदा गेंदबाजी विकल्पों को देखते हुए शमी को वापस लाना सही फैसला नहीं होगा। यह राय ऐसे समय आई है जब भारत की एकदिवसीय टीम की गेंदबाजी पर सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया एकदिवसीय सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन गेंदबाजों का प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा। पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार थी, इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज कई मौकों पर उम्मीद के मुताबिक दबाव नहीं बना सके। इससे प्रशंसकों और पूर्व क्रिकेटरों के बीच भी टीम की गेंदबाजी को लेकर चिंता देखने को मिली।

भारतीय तेज गेंदबाजी में फिलहाल अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे खिलाड़ी प्रमुख विकल्प हैं। इनके अलावा गुरनूर बराड़, आकिब नबी और अंशुल कंबोज जैसे युवा गेंदबाजों को भी धीरे-धीरे मौके दिए जा रहे हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं का ध्यान आने वाली पीढ़ी तैयार करने पर भी दिखाई दे रहा है।

शमी के उलट दिनेश कार्तिक रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को ज्यादा समय तक भारतीय टीम में देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि इन दोनों खिलाड़ियों के संन्यास का असर केवल भारतीय क्रिकेट पर ही नहीं, बल्कि पूरी विश्व क्रिकेट व्यवस्था पर पड़ेगा।

बता दें कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट को अलविदा नहीं कहा है, लेकिन अगले विश्व कप के बाद उनके भविष्य को लेकर सवाल बने हुए हैं। कार्तिक का मानना है कि अगर भारत के ये 2 बड़े नाम एक साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा होते हैं तो इसका असर एकदिवसीय क्रिकेट पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व क्रिकेट के केंद्र में है और रोहित-विराट जैसे 2 महान खिलाड़ियों के जाने से इस प्रारूप पर असर पड़ना तय है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट में अनुभव और युवा प्रतिभा के बीच संतुलन आने वाले समय की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Mon, 05 Oct 2026 21:07:00 +0530

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