Mani Shankar Aiyar पर BJP का हमला, पाकिस्तान जाकर मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भड़काने की मंशा का आरोप
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता की वकालत करने पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह एक बार फिर पड़ोसी देश जाकर नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ‘भड़काना’ चाहते हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह वही मणिशंकर अय्यर हैं जो पाकिस्तान गए थे और कहा था कि अब हमें मोदी सरकार को गिराना है और मोदी जी को हटाना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह फिर वहां जाना चाहते हैं और एक और साक्षात्कार देना चाहते हैं। वह भारत में केवल रैलियां करने या विरोध प्रदर्शन करके संतुष्ट नहीं हैं।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री अय्यर ने रविवार को पाकिस्तान के साथ बातचीत करने से इनकार करने के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलोचना की थी।
उन्होंने कहा था कि सरकार में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने का साहस है, लेकिन मुद्दों को सुलझाने की इच्छाशक्ति नहीं है। पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘अब वह पाकिस्तान भी जाना चाहते हैं और वहां अपील करना चाहते हैं कि पाकिस्तान में भी भारत सरकार के खिलाफ रैलियां होनी चाहिए। इसीलिए मणिशंकर अय्यर ऐसे बयान दे रहे हैं कि पाकिस्तान के साथ जल्द शांति होनी चाहिए और वह ऐसे बयान देने के लिए पाकिस्तान जाना चाहते हैं।’’ श्रीनगर में पांचवें ‘हल्ला बोल’ सम्मेलन में अय्यर ने अटारी-वाघा सीमा पर बातचीत करने का सुझाव दिया और कहा कि अतीत के मुद्दों को लेकर बहस करना विदेश नीति नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को ‘पाखंडी’ के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि हम दुनिया से कहते हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है और फिर पाकिस्तान के साथ युद्ध करने लगते हैं।
IIT Delhi का कमाल: 50 किमी Optical Fiber पर भेजा पारंपरिक और Quantum Data
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के शोधकर्ताओं ने 50 किलोमीटर लंबे ऑप्टिकल फाइबर लिंक पर पारंपरिक डेटा के साथ ‘क्वांटम-एंटैंगल्ड फोटॉन’ के संचरण का सफल प्रदर्शन किया है। संस्थान ने इसे क्वांटम संचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। इस शोध का नेतृत्व कर रहे आईआईटी दिल्ली के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर भास्कर कांसेरी ने बताया कि क्वांटम और पारंपरिक डेटा संकेतों (सिग्नल) के लिए एक ही फाइबर नेटवर्क का उपयोग करने से संचार व्यवस्था काफी सस्ती होगी और इसे बड़े पैमाने पर लागू करना भी आसान हो जाएगा।
प्रोफेसर कांसेरी ने कहा कि यह शोध भविष्य के क्वांटम संचार नेटवर्क की एक बड़ी व्यावहारिक अड़चन को दूर करता है। अब तक सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि जिस फाइबर ऑप्टिक केबल से ‘हाई-स्पीड’ पारंपरिक टेलीकॉम डेटा भेजा जाता है, उसी के जरिए बेहद संवेदनशील क्वांटम संकेतों को बिना किसी रुकावट के कैसे ट्रांसमिट किया जाए। ‘क्वांटम एंटैंगलमेंट’ कई आधुनिक क्वांटम प्रौद्योगिकियों का आधार है।
यह संवेदनशील जानकारी के सुरक्षित आदान-प्रदान के नए तरीके उपलब्ध कराता है। कांसेरी ने कहा, ‘‘क्वांटम संकेतों को मौजूदा दूरसंचार नेटवर्क के साथ जोड़ना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है। पारंपरिक ऑप्टिकल संकेत आमतौर पर काफी मजबूत होते हैं और ऐसा शोर पैदा करते हैं, जो संवेदनशील क्वांटम स्थिति को बाधित कर सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे परीक्षण ने साबित किया है कि नियंत्रित परिस्थितियों में क्वांटम और पारंपरिक डेटा एक ही ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पर एक साथ काम कर सकते हैं।
यह मौजूदा नेटवर्क के साथ नयी प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक तालमेल की दिशा में एक बड़ा कदम है।’’ आईआईटी दिल्ली के ‘इंसेंटिव ऑफ एक्सीलेंस’ (आईओई) अनुदान और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) द्वारा वित्त पोषित यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘ऑप्टिक्स कम्युनिकेशन’ में प्रकाशित हुआ है। इस उपलब्धि के दीर्घकालिक उपयोग बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इससे बैंक, सरकारी एजेंसियां, स्वास्थ्य सेवाएं और रक्षा से जुड़े संस्थान अपने संवेदनशील डेटा और संचार को अधिक सुरक्षित बना सकेंगे।
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