बजट में किए गए हल्के फिस्कल कंसोलिडेशन से जीडीपी ग्रोथ पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव: रिपोर्ट
मुंबई, 2 फरवरी (आईएएनएस)। जीडीपी के मुकाबले सरकार की आय (रेवेन्यू) का हिस्सा कम हुआ है, लेकिन सब्सिडी और चल रही योजनाओं पर खर्च में कटौती करके इसकी भरपाई कर ली गई है। इसी वजह से पिछले छह सालों में सबसे कम फिस्कल कंसोलिडेशन (राजकोषीय समेकन) देखने को मिला है, जो आर्थिक विकास (ग्रोथ) के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। यह बात एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट में कही गई है।
एचएसबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में फिस्कल कंसोलिडेशन की रफ्तार छह सालों में सबसे धीमी रहेगी। वहीं, बजट में डिसइन्वेस्टमेंट (सरकारी हिस्सेदारी बेचकर पैसा जुटाना) से मिलने वाली राशि में भी छह वर्षों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी का अनुमान है।
रिसर्च फर्म ने कहा कि केंद्र सरकार फिस्कल कंसोलिडेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन वित्त वर्ष 2027 के लिए यह रास्ता थोड़ा नरम रखा गया है। इससे फिस्कल इम्पल्स (सरकारी खर्च का असर) कई साल बाद नकारात्मक से न्यूट्रल हो सकता है, जो जीडीपी ग्रोथ के लिए अच्छी खबर है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस बजट में सर्विस सेक्टर पर खास फोकस किया गया है, जिसके तहत मेडिकल संस्थानों, यूनिवर्सिटीज, टूरिज्म, खेल सुविधाओं और क्रिएटिव इकोनॉमी के लिए बड़े और महत्वाकांक्षी प्लान बनाए गए हैं, साथ ही इन पर खर्च भी बढ़ाया गया है।
शहरी ढांचे (अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर) को भी नई रफ्तार देने की कोशिश की गई है। हर सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) को अगले 5 साल में 50 अरब रुपए दिए जाएंगे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जो बड़े शहरों को जोड़ेंगे। इसके अलावा, जो बड़े शहर 10 अरब रुपए से ज्यादा के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेंगे, उन्हें 1 अरब रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
रिपोर्ट में नीति से जुड़ी प्राथमिकताओं पर भी रोशनी डाली गई है। बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, रेयर अर्थ कॉरिडोर, केमिकल पार्क, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक टूल रूम जैसे नए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को खास प्रोत्साहन दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्ट टैक्स (जैसे इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स) की वृद्धि नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ से तेज रहने की उम्मीद है, जबकि इनडायरेक्ट टैक्स की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है। कुल मिलाकर, ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू में सालाना करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य जीडीपी का 4.3 प्रतिशत तय किया है, जबकि वित्त वर्ष 2026 के लिए यह 4.4 प्रतिशत अनुमानित है। तो वहीं, नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा गया है।
--आईएएनएस
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ये तेजस्वी यादव को क्या हो गया, आखिर विधानसभा व्हीलचेयर पर क्यों पहुंचे?
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन उस वक्त सबकी निगाहें एक ही ओर टिक गईं, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर सत्र में पहुंचे. आमतौर पर सक्रिय और ऊर्जा से भरपूर दिखने वाले तेजस्वी को इस हालत में देखकर सदन में मौजूद विधायकों, मीडिया और आम लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे. सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं.
क्या है व्हीलचेयर पर आने की वजह?
तेजस्वी यादव के व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचने को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगने लगी थीं. हालांकि, बाद में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से इस पर स्थिति साफ की गई. पार्टी ने बताया कि तेजस्वी यादव के पैर के नाखून में गंभीर चोट लगी है और नाखून उखड़ गया है, जिसकी वजह से उन्हें चलने-फिरने में परेशानी हो रही है. डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें पैर पर अधिक दबाव न डालने को कहा गया है.
खुद तेजस्वी यादव ने दी सफाई
व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचने के बाद तेजस्वी यादव ने खुद अपनी तबीयत को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, 'नाखून निकल गया है। कभी-कभी ऐसी चीजें हो जाती हैं.' उनके इस संक्षिप्त बयान से साफ हो गया कि मामला किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक सामान्य लेकिन दर्दनाक चोट के कारण उन्हें यह एहतियात बरतनी पड़ी.
#WATCH | Patna | Bihar Assembly LoP Tejashwi Yadav brought to the Legislative Assembly budget session on a wheelchair with a visible injury on his left toe.
— ANI (@ANI) February 2, 2026
He says, "The nail came off... These things happen sometimes..." pic.twitter.com/lVXp5D0pWC
चोट के बावजूद सत्र में मौजूद रहे
पैर में चोट के बावजूद तेजस्वी यादव का बजट सत्र में शामिल होना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रहा. विपक्ष के नेता होने के नाते उन्होंने यह संदेश दिया कि जिम्मेदारियों से पीछे हटना उनकी आदत नहीं है. व्हीलचेयर पर होने के बावजूद उन्होंने सत्र की कार्यवाही में रुचि दिखाई और सरकार को घेरने की रणनीति पर सक्रिय नजर आए.
विपक्ष की भूमिका निभाने पर जोर
तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं का कहना है कि चोट के बावजूद सत्र में पहुंचना यह दर्शाता है कि वे बजट और राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. RJD नेताओं ने इसे राजनीतिक जिम्मेदारी और जुझारूपन का उदाहरण बताया.
सोशल मीडिया पर भी रही चर्चा
तेजस्वी यादव की व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं. जहां कुछ लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की, वहीं कई समर्थकों ने उनके हौसले की सराहना की. कुल मिलाकर, यह मामला स्वास्थ्य से ज्यादा तेजस्वी यादव की राजनीतिक सक्रियता और जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है.
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