इंदौर में गांजा सप्लाई चेन का खुलासा, तस्कर की गिरफ्तारी के बाद बड़वानी से दो आरोपी पकड़े
इंदौर में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मारीमाता चौराहे से एक तस्कर को 4 किलो 65 ग्राम गांजे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने नशे के पूरे नेटवर्क और गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य लोगों के राज उगल दिए। इसके बाद पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई।
पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बड़वानी में दबिश देकर गांजा सप्लाई करने वाले दो और बड़े आरोपियों को धर दबोचा। इस तरह पुलिस ने शहर में नशे का जाल फैलाने वाली सप्लाई चेन की एक अहम कड़ी को तोड़ दिया है। क्राइम ब्रांच की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के नशा तस्करों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
पूछताछ के बाद बड़वानी से पकड़े गए दो मुख्य सप्लायर
मामले की जानकारी देते हुए क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले तस्कर सागर गौड़ को पकड़ा गया था। जब उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, तो पुलिस ने उससे गांजे की खेप के बारे में पूछताछ की। आरोपी सागर की बताई बातों के आधार पर बड़वानी निवासी मोहन शर्मा और महेश सोलंकी का नाम सामने आया, जिन्हें पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने में जुटी हुई है। पुलिस का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि बड़वानी के ये सप्लायर गांजा कहां से लाते थे और इंदौर के अलावा किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।
पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी में पुलिस
इंदौर पुलिस का कहना है कि नशे के इस काले कारोबार की पूरी जड़ तक पहुंचा जाएगा और सप्लाई चेन से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। बड़वानी के अलावा दूसरे जिलों में फैले इनके साथियों की भी तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने और कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।
शकील अंसारी की रिपोर्ट
धान-ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए अबतक 3 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन, लास्ट डेट नजदीक, जानें प्रक्रिया-नियम
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। अबतक 3 लाख 5 हजार 82 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें सबसे ज्यादा पंजीयन जबलपुर संभाग से हुए हैं। यहां 1 लाख 47 हजार 824 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा नर्मदापुरम में 16 हजार 398, भोपाल में 8 हजार 599, रीवा में 94 हजार 384, शहडोल में 21 हजार 456 और सागर संभाग में 16 हजार 155 किसानों ने पंजीयन कराया है।
जिन किसानों ने अबतक पंजीयन नहीं कराया है वे 10 अक्टूबर तक करा सकते हैं। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गये हैं। ध्यान रहे आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही एक रुपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।
किसान इन केंद्रों पर फ्री में करा सकते हैं पंजीयन
पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर उपलब्ध है। सहकारी समितियों व सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र से भी कर सकते हैं।
इन केंद्रों पर 50 रुपए शुल्क के साथ होगा पंजीयन
पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा।
किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
पंजीयन कराने से पहले किसान जान लें ये प्रमुख बातें
- पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा।
- किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।
- भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।
- किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।
- किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।
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