नोबेल मेडिसिन पुरस्कार का कुछ देर में ऐलान:वजन घटाने वाली दवा से नींद और जीन एडिटिंग तक, 5 बड़े शोध चर्चा में
2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा आज से शुरू हो रही है। सबसे पहले चिकित्सा यानी मेडिसिन के क्षेत्र के विजेता का नाम सामने आएगा। स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली कुछ ही देर में इस साल के विजेता या विजेताओं का ऐलान करेगी। यह पुरस्कार ऐसे वैज्ञानिकों को दिया जाता है, जिन्होंने मानव स्वास्थ्य और बीमारियों को समझने, उनके इलाज या चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया हो। GLP-1 को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा नोबेल समिति पहले से यह नहीं बताती कि किन लोगों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। हालांकि इस साल मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार के लिए GLP-1 पर हुए शोध को सबसे ज्यादा चर्चा मिल रही है। यह वही हार्मोन है, जिस पर आधारित दवाओं ने मोटापा और डायबिटीज के इलाज में बड़ा बदलाव किया है। ओजेम्पिक और वेगोवी जैसी दवाएं इसी शोध से जुड़ी हैं। इसके अलावा कैंसर के इलाज, जीन एडिटिंग, इम्यून सिस्टम और उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारियों पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों के नाम भी चर्चा में हैं। 5 वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में 1. स्वेतलाना मोइसोव: वजन घटाने वाली दवाओं की नींव स्वेतलाना मोइसोव का नाम जीएलपी-1 हार्मोन की खोज और उसके काम को समझने से जुड़ा है। उनकी रिसर्च ने यह पता लगाने में मदद की कि जीएलपी-1 का कौन सा हिस्सा शरीर में सबसे ज्यादा असर करता है। जीएलपी-1 शरीर में शुगर और भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसी शोध ने आगे चलकर ऐसी दवाओं का रास्ता खोला, जिनका इस्तेमाल मोटापे और डायबिटीज के इलाज में किया जा रहा है। मोइसोव के साथ डैनियल ड्रकर और जेन्स जूल होल्स्ट के नाम भी इसी काम के लिए लगातार चर्चा में हैं। 2. डैनियल ड्रकर: जीएलपी-1 को इलाज तक पहुंचाने वाला शोध डैनियल ड्रकर ने जीएलपी-1 के शरीर पर होने वाले असर को समझने में अहम काम किया। उनकी रिसर्च से यह समझने में मदद मिली कि यह हार्मोन इंसुलिन, ब्लड शुगर और भूख को कैसे प्रभावित करता है। उनके काम ने जीएलपी-1 को केवल एक हार्मोन की खोज से आगे बढ़ाकर डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की दिशा में पहुंचाने में मदद की। इसी वजह से उनका नाम भी इस साल की चर्चाओं में है। 3. डेविड लियू: डीएनए में सटीक बदलाव डेविड लियू का नाम जीन एडिटिंग के क्षेत्र में उनके काम के कारण चर्चा में है। उन्होंने ऐसी तकनीक विकसित की, जिससे डीएनए में मौजूद किसी खास हिस्से को ज्यादा सटीक तरीके से बदला जा सकता है। उनकी बनाई बेस एडिटिंग और प्राइम एडिटिंग तकनीकों का मकसद डीएनए में होने वाले गलत बदलावों को ठीक करना है। इन तकनीकों पर आनुवंशिक बीमारियों के इलाज के लिए काम चल रहा है। हालांकि डेविड लियू का नाम मेडिसिन के साथ-साथ केमिस्ट्री नोबेल की चर्चाओं में भी आता है। क्लैरिवेट ने उन्हें 2026 की केमिस्ट्री श्रेणी के साइटेशन लॉरेट में शामिल किया है। इसलिए उन्हें केवल मेडिसिन के दावेदार के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा। 4. डेनिस स्लैमोन: कैंसर की दवा डेनिस स्लैमोन का नाम कैंसर के इलाज में उनके बड़े योगदान के कारण चर्चा में है। उन्होंने स्तन कैंसर में एचईआर2 नाम के एक जीन की भूमिका को समझने में अहम काम किया। इसके बाद उनके शोध और क्लिनिकल ट्रायल से हर्सेप्टिन जैसी लक्षित दवा के विकास का रास्ता खुला। यह दवा खास तरह के स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होती है और इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाई। 2026 में स्लैमोन को कैंसर रिसर्चर टोनी हंटर के साथ अल्बानी प्राइज इन मेडिसिन एंड बायोमेडिकल रिसर्च भी मिला है। दोनों को कैंसर की ऐसी खोजों के लिए सम्मानित किया गया, जिनसे कई तरह के कैंसर के इलाज में मदद मिली। 5. जोएल हैबेनर: जीएलपी-1 की शुरुआती खोज जोएल हैबेनर का नाम जीएलपी-1 की शुरुआती खोज से जुड़ा है। उन्होंने उस जीन पर काम किया, जिससे जीएलपी-1 हार्मोन के बारे में वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। उनके शोध ने आगे चलकर जीएलपी-1 आधारित दवाओं की नींव तैयार करने में मदद की। हालांकि, हैबेनर का दिसंबर 2025 में निधन हो गया था। इसलिए उन्हें 2026 के नोबेल पुरस्कार का संभावित विजेता नहीं माना जा सकता, क्योंकि नोबेल पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दिया जाता। उनका नाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जीएलपी-1 की कहानी में उनका वैज्ञानिक योगदान बड़ा था।
Explainer: टीवी स्टार्स के लिए क्यों जरूरी हो गए हैं रियलिटी शोज? जानें पर्दे के पीछे की पूरी रणनीति
TV Stars Reality Shows: आजकल टीवी की दुनिया में एक ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ रहा. कई स्टार्स सीरियल में सालों तक काम करने के बाद रियलिटी शो में पहुंच रहे हैं, तो कोई एक रियलिटी शो करने के बाद दूसरे शो का हिस्सा बन रहा है. 'बिग बॉस', 'खतरों के खिलाड़ी', 'लॉक अप', 'राइज एंड फॉल' और 'रोडीज' जैसे शोज ने कई टीवी कलाकारों को एक अलग पहचान दिलाई है. हाल ही में अविनाश मिश्रा ने 'खतरों के खिलाड़ी 15' की ट्रॉफी जीतकर एक बार फिर इस ट्रेंड को चर्चा में ला दिया है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर टीवी स्टार्स के लिए रियलिटी शो इतने जरूरी क्यों हो गए हैं?
रियल पर्सनैलिटी आती है सामने
टीवी सीरियल में एक्टर ज्यादातर एक किरदार में नजर आता है. ऐसे में दर्शक उसे उसी नाम और उसी छवि से पहचानने लगते हैं. कई पॉपुलर स्टार्स है जिन्हें आज भी उन्हें पॉपुलर रोल की वजह से ही लोग पहचानते हैं. लेकिन रियलिटी शो में एक्टर को अपने रियल पर्सनैलिटी सामने लाने का मौका मिलता है. जैसे 'बिग बॉस' में कंटेस्टेंट कई हफ्तों तक कैमरों के बीच रहते हैं. उनके गुस्से, दोस्ती, मजाक, लड़ाई और इमोशनल साइड सब कुछ दर्शकों के सामने आ जाती है.
रियलिटी शो से बनी रहती है चर्चा
टीवी इंडस्ट्री में एक्टर्स के लिए एक बड़ी चुनौती ये भी होती है कि दो प्रोजेक्ट्स के बीच उनका स्क्रीन से गायब होना आम बात है. किसी शो के खत्म होने के बाद एक्टर के पास तुरंत दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट हो, ये जरूरी नहीं है. ऐसे समय में रियलिटी शो एक्टर को लगातार स्क्रीन पर बनाए रखता है. जैसे एक्टर करणवीर बोहरा ने कई टीवी प्रोजेक्ट्स में काम किया, लेकिन 'बिग बॉस 18' जीतने के बाद उनकी पॉपुलैरिटी में एक नया उछाल आया. इसी तरह रूबिना दिलैक ने भी 'बिग बॉस 14' जीतने के बाद अपनी पॉपुलैरिटी को एक अलग स्तर पर पहुंचाया.
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ब्रांड्स के लिए भी बढ़ती है वैल्यू
किसी स्टार की पॉपुलैरिटी बढ़ने का सीधा असर उसके ब्रांड वैल्यू पर भी पड़ता है. जब कोई कलाकार रियलिटी शो में लगातार चर्चा में रहता है, तो सोशल मीडिया पर उसके फॉलोअर्स और एगेंटमेंट भी बढ़ जाती है. ब्रांड्स ऐसे चेहरों को पसंद करते हैं जिनकी ऑडियंस से सीधी कनेक्ट हो, और यही वजह है कि रियलिटी शो के बाद कई एक्टर्स को एड, सोशल मीडिया प्रमोशन, इवेंट्स और दूसरे कॉमरशियल प्रोजेक्ट मिलने के मौके बढ़ जाते हैं.
इमेज बदलने का मिलता है मौका
बता दें, टीवी शोज में सेलेब्स की एक इमेज बनकर रह जाती है. दर्शक उसे उसी रोल के लिए याद रखने लगते हैं. लेकिन रियलिटी शो में एक्टर को अपनी असली पर्सनैलिटी दिखाने का मौका मिलता है. इन शोज में लोग उसके मजाकिया अंदाज, गुस्से, सोच और दूसरे कंटेस्टेंट्स के साथ व्यवहार को करीब से देखते हैं. बिग बॉस जैसे शोज में कलाकारों की हर तरह की पर्सनैलिटी देखने को मिलती है. तो वहीं, 'खतरों के खिलाड़ी' में कलाकार सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि अपनी फिटनेस, हिम्मत और डर से लड़ने की क्षमता भी दिखाते हैं.
रियलिटी शो में जाना हमेशा फायदेमंद नहीं
वहीं, आपको बता दें कि रियलिटी शो में किसी कलाकार की पॉपुलैरिटी तो बढ़ती है. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि उनके निगेटिव नेचर की वजह से ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ता है. कईयों की तो छवि खराब भी हो सकती है. खासकर 'बिग बॉस' जैसे शोज में कंटेस्टेंट की हर बात पर लोगों की नजर रहती है. घर में हुई छोटी सी बहस या किसी के साथ गलत व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है. इससे कंटेस्टेंट को अच्छी और बुरी, दोनों तरह की चर्चा मिलती है.
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खुल सकते हैं करियर के नए रास्ते
रियलिटी शो में मिलने वाली पहचान का फायदा कलाकारों को आगे भी मिलता है. शो के बाद उन्हें टीवी के अलावा OTT, फिल्मों, म्यूजिक वीडियो और होस्टिंग जैसे कामों के मौके मिलते हैं. प्रिंस नरूला ने कई रियलिटी शोज में अपनी पहचान बनाई और उन्हें टीवी के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी काम किया. इसी तरह कई दूसरे स्टार्स ने भी रियलिटी शो के जरिए अपनी पहचान को आगे बढ़ाया है. हालांकि, हर कंटेस्टेंट को शो के बाद फिल्म या ओटीटी में बड़ा मौका मिले, ये जरूरी नहीं है.
इन बड़े स्टार्स ने कई रियलिटी शोज किए
बता दें, कई पॉपुलर टीवी स्टार्स है जिन्होंने एक नहीं कई रियलिटी शोज में हिस्सा लिया है. हिना खान ने 'खतरों के खिलाड़ी 8' और 'बिग बॉस 11' में हिस्सा लिया था. प्रिंस नरूला ने 'रोडीज', 'स्प्लिट्सविला', 'बिग बॉस 9' और 'नच बलिए 9' जैसे शोज किए. रुबीना दिलैक ने 'बिग बॉस 14' जीता था. इसके बाद वह 'खतरों के खिलाड़ी में भी नजर आईं. ऐसे ही तेजस्वी प्रकाश, शमिता शेट्टी, करिश्मा तन्ना, अविनाश मिश्रा, गौतम गुलाटी, प्रियंका चाहर चौधरी जैसे कई स्टार्स को बार-बार रियलिटी शोज में देखा जा चुका है.
FAQs
1. टीवी स्टार्स रियलिटी शो क्यों करते हैं?
रियलिटी शो से स्टार्स को ज्यादा पॉपुलैरिटी और नई ऑडियंस मिलती है.
2. कौन से रियलिटी शो टीवी स्टार्स के बीच ज्यादा पॉपुलर हैं?
'बिग बॉस', 'खतरों के खिलाड़ी', 'रोडीज', 'लॉक अप' और 'राइज एंड फॉल' जैसे शो पॉपुलर हैं.
3. क्या रियलिटी शो से स्टार्स की ब्रांड वैल्यू बढ़ती है?
शो में चर्चा मिलने से सोशल मीडिया फॉलोइंग और ब्रांड्स के साथ काम के मौके बढ़ते हैं.
4. क्या रियलिटी शो से एक्टर अपनी इमेज बदल सकता है?
शो में दर्शकों को उसकी असली पर्सनैलिटी देखने का मौका मिलता है और ऐसे में इमेज बदलती है.
5. रियलिटी शो करने का नुकसान क्या है?
शो में किसी स्टार का गलत बिहेवियर उसे ट्रोलर्स के निशाने पर ले आता है.
6. किन टीवी स्टार्स ने कई रियलिटी शो किए हैं?
हिना खान, प्रिंस नरूला, रुबीना दिलैक, तेजस्वी प्रकाश, शमिता शेट्टी और करिश्मा तन्ना जैसे स्टार्स कई रियलिटी शोज कर चुके हैं.
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