पिछले एक दशक में कला की जगह धीरे-धीरे मनोरंजन लेता जा रहा है : रब्बी शेरगिल
मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। सिंगर और गीतकार रब्बी शेरगिल अपने अलग तरह के संगीत के लिए जाने जाते हैं। 'बुल्ला की जाना,' 'तेरे बिन,' 'छल्ला,' और 'हीर' जैसे गानों ने उन्हें संगीत की दुनिया में एक अलग पहचान दी। करीब एक दशक पहले रब्बी शेरगिल ने कहा था कि कला धीरे-धीरे अपनी जगह खो रही है और उसकी जगह मनोरंजन ले रहा है। अब इतने साल बाद भी उन्हें लगता है कि हालात में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आया है।
सोना करीब 0.5 प्रतिशत फिसला, चांदी 2.27 लाख रुपए प्रति किलो के पार
सोना करीब 0.5 प्रतिशत फिसला, चांदी 2.27 लाख रुपए प्रति किलो के पार
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama







