आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू, ब्याज दरों पर 7 अक्टूबर को होगा ऐलान
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई है। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहने से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
ब्याज दरों की समीक्षा के लिए की जा रही इस बैठक के फैसलों का ऐलान 7 अक्टूबर को आईबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की ओर से किया जाएगा।
एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या केंद्रीय बैंक फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाएगा या फिर इसे 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखेगा।
अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि इस बैठक में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला शुरू करेगा।
बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) के अनुसार, एनर्जी की ज्यादा कीमतें, खाने-पीने की चीजीं में महंगाई और कीमतों पर बढ़ते दबाव के कारण, पहले के अनुमान के उलट दिसंबर के बजाय अक्टूबर में ब्याज दरों में 25-आधार अंक की बढ़ोतरी हो सकती है। इन हालात से सख्त पॉलिसी की जरूरत और मजबूत होती है।
बोफा ने कहा, लगभग दो साल तक मॉनेटरी सपोर्ट (ब्याज दरों में कमी) देने के बाद, ऐसा लगता है कि आरबीआई अक्टूबर की एमपीसी बैठक में पॉलिसी सपोर्ट को धीरे-धीरे कम करने के लिए शुरुआती कदम उठा सकता है। इस कारण अब हमारा मानना है कि आरबीआई अक्टूबर की एमपीसी बैठक में दरों में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी करेगा।
एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े जोखिम और ग्लोबल स्तर पर जोखिमों के री-प्राइसिंग को देखते हुए, देर करने के बजाय पहले से कदम उठाना समझदारी होगी।
महंगाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जुलाई में सीपीआई महंगाई दर 4.45 प्रतिशत थी, जो अगस्त में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई। अल-नीनो की मजबूत स्थिति और अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश रबी की फसल के उत्पादन के लिए और जोखिम पैदा कर सकती है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, महंगाई और दुनिया भर में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास ब्याज दरों को स्थिर रखने की गुंजाइश कम हो गई है।
--आईएएनएस
एबीएस
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Stock Market Today: मजबूत वैश्विक संकेतों से ग्रीन जोन में खुला शेयर बाजार, पीएसयू स्टॉक्स में खरीदारी
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ खुला. सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 435 अंक या 0.61 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,345 और निफ्टी 110 अंक या 0.49 प्रतिशत की मजबूती के साथ 22,532 पर था.
शुरुआती कारोबार में पीएसयू स्टॉक्स में खरीदारी देखी जा रही है. सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी पीएसई टॉप गेनर्स थे. निफ्टी एनर्जी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी एफएमसीजी हरे निशान में थे.
दूसरी तरफ, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, निफ्टी आईटी और निफ्टी कंजप्शन लाल निशान में थे.
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मजबूती के साथ कारोबार हो रहा था. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 426 अंक या 0.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ 59,158 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 138.55 अंक या 0.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,197 पर था.
बाजार जानकारों ने कहा कि बाजार अभी एक सपोर्ट जोन के बहुत करीब हैं, जो 21,743 और 22,182 से बना है. ये क्रमशः 2025 और 2026 की गिरावट के बाद का निचला स्तर हैं, जो दोनों अप्रैल के महीनों में देखे गए थे. इस सपोर्ट जोन ने पिछली दो बार बड़ी गिरावट को पलटने में मदद की है, इसलिए हमें उम्मीद है कि इस बार भी ऐसा ही होगा.
दूसरी ओर, अगर यह जोन टूटता है, तो कोविड-19 के समय से चल रही तेजी का अपट्रेंड खत्म हो सकता है और इंडेक्स 19,000 और 16,700 के स्तर तक गिर सकता है. ये कोविड के निचले स्तर से क्रमशः 38 प्रतिशत और 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट लेवल हैं.
ज्यादातर एशियाई बाजारों में मजबूती के साथ कारोबार हो रहा था. टोक्यो, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में थे. वहीं, हांगकांग लाल निशान में था. अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान में बंद हुए थे, जिसमें डाओ जोन्स 0.49 प्रतिशत की मजबूती के साथ और नैस्डैक 1.19 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ.
स्रोत- आईएएनएस
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