क्या सुप्रीम कोर्ट CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाएगी? आज की सुनवाई पर टिकी निगाहें
Supreme Court CEC SIR Hearing: देश की शीर्ष अदालत में आज भारतीय लोकतंत्र की सबसे अहम संस्थाओं में से एक चुनाव आयोग से जुड़े बेहद संवेदनशील मामले की सुनवाई होने जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 5 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज के तौर-तरीकों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के नियमन से संबंधित दो अलग-अलग याचिकाओं पर विचार किया जाएगा. इस मामले में दायर याचिकाओं में चुनाव आयोग के शीर्ष स्तर पर मनमाने तरीके से काम करने का गंभीर आरोप लगाया गया है.
साथ ही अदालत से इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल करने के लिए एक विशेष जांच दल यानी SIT गठित करने की अपील भी की गई है. दूसरी याचिका में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उसे पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित करने की मांग रखी गई है. इस बेहद अहम और संवेदनशील कानूनी मामले की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की विशेष तीन सदस्यीय पीठ करने जा रही है.
याचिका में उठाए गए सवाल और आयोग के भीतर का मतभेद
पटना निवासी राकेश कुमार सिंह की ओर से अदालत के सामने पेश की गई याचिका में आयोग के अंदरूनी कामकाज को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं. याचिका में कहा गया है कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और बाकी दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बीच गंभीर मतभेद उभरकर सामने आए हैं. याचिकाकर्ता का तर्क है कि आयोग के भीतर अहम विषयों पर सहमति बनाने के बजाय अन्य आयुक्तों की आपत्तियों को अनदेखा किया जा रहा है.
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324(1) का विशेष तौर पर हवाला देते हुए याचिका में यह स्पष्ट किया गया है कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराने, मतदाता सूची की निगरानी करने और चुनावी तंत्र के संचालन का अधिकार किसी एक व्यक्ति या सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त के पास नहीं है. संविधान के तहत यह दायित्व पूरे बहु-सदस्यीय चुनाव आयोग को सामूहिक रूप से सौंपा गया है, इसलिए फैसले भी सबकी सहमति और विचार-विमर्श से होने चाहिए.
अदालत से निलंबन और अंतरिम व्यवस्था की बड़ी मांग
अदालत में दायर इस अर्जी के जरिए सुप्रीम कोर्ट से कई कड़े और बड़े निर्देश देने की गुहार लगाई गई है. याचिकाकर्ता की सबसे बड़ी मांग यह है कि जब तक इस पूरे विवाद की अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कामकाज देखने और अपने पद पर बने रहने से रोका जाए. अर्जी में कहा गया है कि मामले के निपटारे तक चुनाव आयोग के रोजमर्रा के सभी काम और महत्वपूर्ण निर्णय बाकी दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपसी सहमति और तालमेल से चलाए जाएं.
इसके अलावा, याचिका में यह भी सुझाव रखा गया है कि भविष्य में इस पद पर होने वाली नियुक्तियों के लिए एक पारदर्शी समिति की सलाह ली जाए, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश को अनिवार्य तौर पर शामिल किया जाए. याचिकाकर्ता ने जोर देकर कहा है कि आयोग के बहु-सदस्यीय स्वरूप की गरिमा और निष्पक्षता को बचाने के लिए सुनवाई जारी रहने तक ज्ञानेश कुमार को पद से निलंबित कर दिया जाना बेहद जरूरी है.
आयोग की सफाई और याचिका में शामिल पक्षकार
अपने ऊपर उठ रहे तीखे सवालों और आलोचनाओं के बीच चुनाव आयोग ने भी इस विवाद पर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है. आयोग का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक और स्वतंत्र संस्था में गंभीर मुद्दों पर चर्चा के दौरान अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय या दृष्टिकोण होना एक बहुत ही सामान्य बात है. आयोग ने साफ कहा है कि उसके द्वारा जारी किए गए हर आदेश और नियम को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है. आयोग के सभी दिशा-निर्देश और निर्णय पूरी तरह से तय कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों के अनुसार ही लिए जाते हैं, इसलिए इसमें किसी भी तरह की मनमानी का सवाल ही नहीं उठता है.
इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए याचिका में केंद्रीय कानून मंत्रालय, चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मनीष गर्ग को पक्षकार बनाया गया है. वकील चांद कुरैशी के माध्यम से शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा पेश की गई इस याचिका में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा लिए गए कई कदम सामूहिक रूप से निर्णय लेने की स्थापित कानूनी परंपरा और नियमों का उल्लंघन करते हैं. अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी हैं कि अदालत आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और एसआईटी जांच की मांग पर क्या दिशा-निर्देश जारी करती है.
'उसका शरीर टर्न होता है बॉल नहीं...' रवि बिश्नोई पर पूर्व क्रिकेटर का बयान वायरल, उनके खेल पर उठाए गंभीर सवाल
Kris Srikkanth on Ravi Bishnoi : इंडियन क्रिकेट टीम के स्पिन गेंदबाज रवि बिश्नोई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. वो टीम इंडिया के साथ काफी लंबे समय से बने हुए हैं. बिश्नोई को जून में टीम इंडिया एक बार फिर से शामलि किया गाय था. तब से वो टीम के साथ लगातार बने हुए है लेकिन वो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं. बिश्नोई की बॉल ज्यादा टर्न नहीं करती है, वो सिर्फ गुगली डालती है, जिसके चलते बल्लेबाज कम ही परेशान होते हैं.
रवि बिश्नोई को हाल ही में एशियन गेम्स 2026 में खेलते हुए देखा गया था. वो भारत की गोल्ड मेडल टीम का हिस्सा थे. बिश्नोई को एशियन गेम्स 2026 में 2 मैचों में 1 भी विकेट नहीं मिला. पाकिस्तान के खिलाफ 3 ओवर में उन्होंने कुल 33 रन खर्च कर डाले. उनका प्रदर्शन पिछले कुछ समय में बहुत निराशाजनक रहा है. अब उन पर पूर्व भारतीय क्रिकेट कृष्णमाचारी श्रीकांत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने क्या कहा है, आइए जानते हैं.
???? Frames that become ???????????????????????????????????? ???????????????????????? ????#TeamIndia celebrate with the prestigious #AsianGames Gold Medal ???? pic.twitter.com/dKGxw2xJIq
— BCCI (@BCCI) October 3, 2026
रवि बिश्नोई पर श्रीकांत का बड़ा बायन
क्रिस श्रीकांत ने कहा कि, 'अगर वह टर्निंग विकेट पर भी बॉल को टर्न नहीं करा सकता तो वह कैसा स्पिनर है? लेकिन रवि बिश्नोई के लिए सिर्फ उसका शरीर टर्न करता है, और बॉल कभी टर्न नहीं होती. वह अकेला ऐसा बॉलर है, जो रैंक टर्नर पर लेग-स्पिनर के तौर पर बॉल को टर्न नहीं करा सकता. उसने बॉल को एक इंच भी टर्न नहीं कराया. यह कैसे हो सकता है? बिश्नोई के साथ तो यह एक आर्ट है'.
Kris Srikkanth said : "What kind of a spinner is he if he can't even turn the ball on a turning wicket? But for Ravi Bishnoi, only his body turns, and the ball never turns. He's the only bowler who can't turn the ball as a leg-spinner when on a rank turner. He didn't even turn… pic.twitter.com/3aSbfRNMCG
— Vipin Tiwari (@Vipintiwari952) October 4, 2026
रवि बिश्नोई बॉल को ज्यादा टर्न नहीं करता है. उनकी बॉल स्पिन भी बहुत कम होती है. वो सिर्फ गुगली पर निर्भर रहे हैं, जिसके चलते उनकी पिटाई बहुत होती है और विकेट उनको कम मिलते हैं. ऐसी के चलते उन पर और टीम इंडिया में बिश्नोई की जगह पर सवाल उठते रहते हैं. अब बिश्नोई भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज में खेलते हुए नजर आएंगे.
रवि बिश्नोई का क्रिकेट करियर
रवि बिश्नोई ने साल 2022 में भारत के लिए अपना टी20 डेब्यू किया था. तब से अब तक बिश्नोई 54 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 43 पारियों कुल 71 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उन्होंने 21.0 की औसत और 7.59 इकॉनोमी के साथ 1493 रन खर्च किए हैं. उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/13 रहा है. उन्होंने अपने टी20 करियर में 2 बार चार विकेट हॉल भी हासिल किया है.
भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज का शेड्यूल
| तारीख | मैच | समय (IST) | वेन्यू |
|---|---|---|---|
| 6 अक्टूबर 2026 | 1st T20I | शाम 7:00 बजे | लखनऊ |
| 9 अक्टूबर 2026 | 2nd T20I | शाम 7:00 बजे | रांची |
| 11 अक्टूबर 2026 | 3rd T20I | शाम 7:00 बजे | इंदौर |
| 14 अक्टूबर 2026 | 4th T20I | शाम 7:00 बजे | हैदराबाद |
| 17 अक्टूबर 2026 | 5th T20I | शाम 7:00 बजे | बेंगलुरु |
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