15 की उम्र में शुरू किया सफर, गायकी से विदेशों में भी बनाई पहचान, जानें कौन थे 'ध्रुपद सम्राट' राम चतुर मलिक
भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में पंडित राम चतुर मलिक का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. महज 15 साल की उम्र में पहली बार मंच पर अपनी गायकी पेश करने वाले राम चतुर मलिक ने आगे चलकर ध्रुपद-धमार गायन में ऐसी पहचान बनाई कि उनकी आवाज दरभंगा के राजदरबार से निकलकर इंग्लैंड और फ्रांस तक पहुंची. उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें आकाशवाणी का सर्वोच्च 'टॉप ग्रेड' बिना किसी ऑडिशन के ही दे दिया गया था.
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