Union Budget 2026: बांग्लादेश और मालदीव की सहायता राशि में कटौती, चाबहार बंदरगाह की फंडिंग रोकी
Union Budget 2026: भारत सरकार के केंद्रीय बजट का ऐलान हो गया है. संसद में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 की घोषणा की. भारत ने इस साल अपने बजट में बांग्लादेश को दी जाने वाले अपनी आर्थिक सहायता को घटा दिया है, जो पिछली आर्थिक सहायता का आधा है. ईरान के चाबहार बंदरगाह परियजोना के लिए राशि आवंटित नहीं की गई है. आसान भाषा में बताएं तो चाबहार बंदरगाह परियोजना की फंडिंग भारत सरकार ने रोक दी है, जो सबसे हैरानी वाला विषय है.
इस बजट में बांग्लादेश को 60 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है, जबकि पिछले बजट में 120 करोड़ रुपये बांग्लादेश के लिए आवंटित किए गए थे. बांग्लादेश के लिए घटाई गई आर्थिक सहायता को मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार, शेख हसीना के इस्तीफे और दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास से जोड़कर देखा जा रहा है.
भारत ने अपने कुछ मित्र देशों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का बजट 5,686 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले बजट (5,483 करोड़ रुपये) से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है.
चाबहार पोर्ट के लिए कोई आवंटन नहीं
भारत ने 2024-25 में चाबहार बंदरगाह के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. 2025-26 के बजट में पहले सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये तय किए लेकिन बाद में इसे 400 करोड़ कर दिए थे लेकिन इस साल बंदरगाह के लिए एक भी रुपये जारी नहीं किए गए.
इन देशों को मिलेगी इतनी सहायता राशि
बांग्लादेश और चाबहार बंदरगाह के उलट भारत से सहायता पाने वाले देशों में भूटान सबसे पर है. इस बार भूटान के लिए आवंटन करीब छह प्रतिशत बढ़ाकर 2,289 करोड़ रुपये कर दिया गया है. नेपाल को 800 रुपये दिए गए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, श्रीलंका को 400 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. केंद्रीय बजट में मालदीव की सहायता राशि में आठ प्रतिशत की कटौती की गई है. 550 करोड़ रुपये मालदीव के लिए आवंटित किए गए हैं. वहीं मॉरीशस के आर्थिक सहायता में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. अफगानिस्तान को 150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे और म्यांमार को 300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
भारत लंबे समय से वेनेजुएला से तेल खरीद रहा है: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को वेनेजुएला से कच्चे तेल की भारत की दीर्घकालिक खरीद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला द्वारा उत्पादित भारी तेल को संसाधित करने में सक्षम हैं।
हाल ही में संपन्न हुए इंडिया एनर्जी वीक 2026 के बाद राष्ट्रीय राजधानी में आईएएनएस से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि वेनेजुएला सहित कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और इस बात पर जोर दिया कि वेनेजुएला के तेल के साथ भारत का संबंध कई वर्षों पुराना है।
उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 के संदर्भ में भारत के ऊर्जा क्षेत्र के बारे में भी बात की।
उन्होंने बजट को बेहद सकारात्मक और भविष्य-उन्मुख बताते हुए कहा कि इससे न केवल भारत की मौजूदा 4.2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की विकास गति में तेजी आएगी, बल्कि ऊर्जा परिवर्तन में भी सहयोग मिलेगा, जो उनके मंत्रालय का एक प्रमुख लक्ष्य है।
उन्होंने बजट में उन प्रावधानों की ओर इशारा किया जिनसे खनन में शामिल अपस्ट्रीम कंपनियों और पेट्रोकेमिकल क्षमताओं वाली एकीकृत रिफाइनरियों का संचालन करने वाली डाउनस्ट्रीम कंपनियों दोनों को लाभ होगा।
महत्वपूर्ण खनिजों के बारे में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि इनके विकास की जिम्मेदारी केवल उनके मंत्रालय की नहीं है।
उन्होंने आईएएनएस को बताया कि कई मंत्रालय, विशेष रूप से ऊर्जा से जुड़े मंत्रालय, भारत में अन्वेषण और खोज को बढ़ावा देने के प्रयासों में लगे हुए हैं, और सरकारी स्वामित्व वाली ऑयल इंडिया लिमिटेड इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से भाग ले रही है।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने आगे कहा कि हाल के बजट उपायों से अन्वेषण गतिविधियों को और गति मिलेगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक रिफाइनरियां अब केवल कच्चे तेल के शोधन के लिए ही नहीं बनाई जातीं, बल्कि एकीकृत पेट्रोकेमिकल उत्पादन और अन्य उपयोगों के लिए भी डिजाइन की जाती हैं, और बजट में इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने से उद्योग को स्वच्छ ऊर्जा की ओर वैश्विक बदलाव के अनुकूल ढलने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
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