अबू धाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर में स्मित मच्छार के लिए विशेष प्रार्थना, भारतीय दूतावास ने कहा- उनकी हालत में सुधार हो रहा है
फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना को लेकर अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर में विशेष प्रार्थना की गई. इस बीच, भारतीय दूतावास ने रविवार को पुष्टि की कि कैप्टन मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है और वह अच्छी स्थिति में हैं.
बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अबू धाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर में स्वामियों और श्रद्धालुओं ने कैप्टन स्मित मच्छार के लिए प्रार्थना की और उनके असाधारण साहस तथा बहादुरी का सम्मान किया."
यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने बीएपीएस की पोस्ट साझा करते हुए अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, "कैप्टन स्मित के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थनाएं जारी हैं. वह अच्छी तरह स्वस्थ हो रहे हैं और उनका मनोबल भी अच्छा है. दूतावास स्थानीय अधिकारियों और परिवार के संपर्क में है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है."
बीएपीएस खाड़ी देश में निर्मित पहला हिंदू मंदिर
बीएपीएस हिंदू मंदिर खाड़ी देश में निर्मित पहला हिंदू मंदिर है. फरवरी 2024 में उद्घाटन के बाद से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं. मंदिर ने अपने पहले वर्ष में करीब 22 लाख आगंतुकों का स्वागत किया. इससे पहले शनिवार को दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद ने अस्पताल में कैप्टन मच्छार से मुलाकात की और उनके साहस की सराहना की.
हमदान बिन मोहम्मद ने एक्स पर लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति चिंता की सर्वोच्च भावना का परिचय दिया. उन्होंने कहा कि यूएई के नेतृत्व और उनकी ओर से मच्छार को पूरा सम्मान और प्रशंसा प्राप्त है. उन्होंने कहा कि यूएई को गर्व है कि कैप्टन मच्छार देश की टीम और उसकी कहानी का हिस्सा हैं तथा वह यूएई के करुणा, शांति और जीवन के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
PM मोदी ने फोन पर की बातचीत
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी. प्रधानमंत्री ने मिड-एयर घटना के दौरान उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की थी. इस घटना में उन्होंने 170 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत की शुरुआत कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य के बारे में पूछकर की और कहा कि पूरा देश उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा, "पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है. आपके लिए और आपके स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय जाप किया जा रहा है. आपके साहस, सूझबूझ और संयम ने कई लोगों की जान बचाई. देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय वे लोग नहीं हैं जो जान लेते हैं, बल्कि वे हैं जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं."
जानें क्या है पूरा मामला
भारतीय मूल के फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन स्मित मच्छार 30 सितंबर को दुबई से इजरायल जा रही उड़ान में हुई एक मिड-एयर घटना के दौरान घायल हो गए थे. कॉकपिट में हुई घटना के दौरान एक अन्य पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा.
कैप्टन मच्छार ने हमलावर का बहादुरी से मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू कर लिया. हमलावर के काबू में आने के बाद गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को स्थिर किया गया और विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई.
रांची में खेलो झारखंड की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता शुरू, 368 से ज्यादा छात्र लेंगे हिस्सा
रांची में राज्य स्तरीय खेलो झारखंड अंडर-17 प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई है. शनिवार को खेलगांव स्थित खेल परिसर, होटवार में प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया. राज्य के अलग-अलग जिलों के सरकारी स्कूलों से आए 368 से अधिक छात्र इसमें हिस्सा ले रहे हैं. प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है.
प्रतियोगिता का आयोजन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से किया जा रहा है. इसमें हॉकी, एथलेटिक्स, खो-खो, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल समेत कई खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं. अलग-अलग जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है.
खेल बच्चों में अनुशासन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं- रंजन
उद्घाटन के दौरान झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन ने खिलाड़ियों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, फिटनेस और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर खेल मंच उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाना है. ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे उन्हें जिला स्तर से आगे राज्य स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलता है.
झारखंड ओलंपिक संघ के महासचिव मधुकांत पाठक ने भी स्कूल और विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों को और मजबूत करने की जरूरत बताई. उन्होंने अच्छे प्रशिक्षकों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण बताया. उनका कहना था कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए.
खेलो झारखंड जैसे आयोजनों से स्कूल स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को पहचानने में मदद मिल सकती है. प्रतियोगिता से निकलने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का रास्ता भी खुलता है.
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