विदेश में करना चाहते हैं पढ़ाई, जानें ऐसे स्टूडेंट्स के लिए बजट में क्या खास?
Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए मध्यम वर्ग और अभिभावकों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड ऑन सोर्स (TCS) को कम करने का फैसला किया है. यह फैसला उन परिवारों के लिए खास मायने रखता है, जिनके बच्चे विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं या जिन्हें विदेश में इलाज कराना पड़ता है.
शिक्षा और स्वास्थ्य पर TCS घटाकर 2 फीसदी
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए लगने वाला TCS अब 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. यह टैक्स 10 लाख रुपये से अधिक की रकम विदेश भेजने पर लगाया जाता है. इस बदलाव से पेरेंट्स और मरीजों को हजारों रुपये की सीधी बचत होगी.
TCS कम होने से कितनी होगी बचत?
पहले अगर कोई व्यक्ति विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए 20 लाख रुपये भेजता था, तो उसे 5% के हिसाब से 1 लाख रुपये TCS देना पड़ता था. अब नई दर के तहत 2% यानी सिर्फ 40 हजार रुपये देने होंगे. इस तरह सीधे 60 हजार रुपये की बचत होगी. हालांकि, इसके लिए पैन कार्ड देना जरूरी होगा, बिना पैन के TCS की दर अधिक हो सकती है.
विदेश में इलाज अब होगा थोड़ा किफायती
बजट 2026 में इलाज के लिए विदेश भेजी जाने वाली रकम पर भी TCS घटाने का ऐलान किया गया है. इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विदेश जाने वाले मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी और मेडिकल टूरिज्म से जुड़ी परेशानियां कुछ हद तक कम होंगी.
विदेश यात्रा करने वालों को भी राहत
सिर्फ पढ़ाई और इलाज ही नहीं, बल्कि विदेश यात्रा और हॉलिडे पैकेज पर लगने वाले खर्च पर भी TCS घटाया गया है. इससे विदेश घूमने के शौकीनों को यात्रा थोड़ी सस्ती पड़ेगी और ट्रैवल इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
GDP और वित्तीय स्थिति पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?
वित्त मंत्री ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2026–27 में ऋण-से-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6% रहने का अनुमान है. राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहेगा. गैर-ऋण प्राप्तियां 36.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. छोटे व्यापारियों और फ्रीलांसर्स के लिए आसान नियम.
बजट में छोटे व्यापारियों, आउटसोर्सिंग एजेंसियों और फ्रीलांस प्रोफेशनल्स के लिए टैक्स नियमों को सरल बनाने की भी बात कही गई है, जिससे कारोबार करना आसान होगा.
कुल मिलाकर बजट 2026–27 का यह फैसला मध्यम वर्ग, छात्रों और मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. TCS में कटौती से विदेश में पढ़ाई, इलाज और यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और किफायती हो जाएगी.
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महाराष्ट्र को केंद्रीय करों से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे: मुख्यमंत्री फडणवीस
मुंबई, 1 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय करों से महाराष्ट्र को 98,306 करोड़ रुपए मिलेंगे और इसके अलावा, बजट के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 12,355 करोड़ रुपए विभिन्न परियोजनाओं के लिए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इसलिए, महाराष्ट्र को लगभग 1 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर से जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि पुणे-हैदराबाद कॉरिडोर से मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र को बहुत लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), पुणे महानगर क्षेत्र और नागपुर महानगर क्षेत्र के विकास केंद्रों को लाभ पहुंचाने के लिए 5 वर्षों में विकास केंद्रों के लिए 5000 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे।
फडणवीस ने कहा कि 12,355 करोड़ रुपए की कुल धनराशि में से महाराष्ट्र ग्रामीण सड़क परियोजना को 378.38 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र कृषि व्यवसाय परियोजना को 167.28 करोड़ रुपए, समावेशी विकास के लिए आर्थिक क्लस्टर को 283.77 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र तृतीयक देखभाल और चिकित्सा शिक्षा विकास कार्यक्रम को 385.78 करोड़ रुपए, लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की सौर ऊर्जा को 207.10 करोड़ रुपए, कृषि और ग्रामीण परिवर्तन परियोजना को 646.24 करोड़ रुपए, मानव विकास के लिए कौशल और व्यावहारिक ज्ञान परियोजना को 313.65 करोड़ रुपए, जिलों में संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए 240.90 करोड़ रुपए, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर को 6103 करोड़ रुपए, मुंबई मेट्रो को 1702 करोड़ रुपए, एमयूटीपी 3 को 462 करोड़ रुपए, एमएमआर में हरित गतिशीलता को 155.32 करोड़ रुपए, समृद्धि राजमार्ग पर आईटीएस को 680.79 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल मुंबई और पुणे के लिए प्रारंभिक आंकड़े हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और सिंचाई के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद, महिलाओं के लिए अलग मॉल और औद्योगिक अवसर सृजित करने की योजना बहुत महत्वपूर्ण है।
--आईएएनएस
एमएस/
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