जिम्बाब्वे में हेलिकॉप्टर क्रैश, चर्चित बिजनेसमैन समेत 6 की मौत:पत्नी भी साथ थीं, राष्ट्रपति के करीबी चिवायो महंगी कारों-हेलिकॉप्टरों के शौकीन थे
जिम्बाब्वे के मरोनडेरा इलाके में बुधवार शाम एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इसमें सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। मरने वालों में जिम्बाब्वे के चर्चित बिजनेसमैन विकनेल चिवायो और उनकी पत्नी लूसी मुतेके भी शामिल हैं। 43 साल के चिवायो को जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति एमर्सन मनांगाग्वा का करीबी माना जाता था। हादसे में मारे गए बाकी लोगों की पहचान सामने नहीं आई है। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी भी जानकारी नहीं है। पुलिस और संबंधित अधिकारी इसकी जांच करेंगे। जिम्बाब्वे के चर्चित कारोबारी थे चिवायो विकनेल चिवायो जिम्बाब्वे के चर्चित कारोबारी थे। वे इंट्राट्रेक जिम्बाब्वे के संस्थापक थे। कंपनी ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम करती है। चिवायो कई बड़े नेताओं से मुलाकात के लिए भी चर्चा में रहे। वे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो, तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन और इस्वातिनी के किंग मस्वाती तृतीय से मिल चुके थे सरकारी ठेकों से जुड़े विवाद में नाम आया चिवायो की कंपनी को जिम्बाब्वे में कई सरकारी प्रोजेक्ट मिले थे। इनमें ग्वांडा सोलर प्रोजेक्ट प्रमुख था। यह करीब 100 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को लेकर काम में देरी और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवाद हुए। कंपनी और सरकार के बीच मामला अदालत तक भी पहुंचा। चिवायो के कारोबार और सरकारी ठेकों को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया था। आलीशान जिंदगी के लिए भी मशहूर थे चिवायो सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल की तस्वीरें शेयर करते थे। वे महंगी कारों, प्राइवेट जेट और हेलिकॉप्टरों के साथ तस्वीरें पोस्ट करते थे। वे पत्नी लूसी के साथ यात्राओं की तस्वीरें भी शेयर करते थे। कई मौकों पर मशहूर हस्तियों, धार्मिक नेताओं और दूसरे लोगों को महंगी गाड़ियां और कैश गिफ्ट देने को लेकर भी चर्चा में रहे। चिवायो की दो पुरानी तस्वीरें… ------------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… इजराइल जा रही फ्लाइट क्रैश कराने की कोशिश:पायलट को चाकू मारा, 17 हजार फीट नीचे आया विमान; फाइटर जेट की निगरानी में इमरजेंसी लैंडिंग दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई। को-पायलट ने साथी पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। दूसरे पायलट और कुछ यात्रियों ने हाथापाई कर उसे रोक लिया। पूरी खबर पढ़ें…
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की, 9 की मौत:इसमें बच्चे-महिलाएं भी शामिल; यह इस साल का 11वां हमला, अब तक 800 लोगों की मौत
पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांत में एयरस्ट्राइक की। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 9 लोगों की मौत और 11 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसकी जानकारी दी है। रॉयटर्स के मुताबिक उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हमलों में दोनों प्रांतों में 3 घर तबाह हुए हैं। पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर ये 11वां हमला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में अब तक करीब 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान का दावा- आतंकी ठिकानों पर हमला किया, 22 लड़ाके मरे पाकिस्तान का दावा है कि गुरुवार को उसने अफगानिस्तान में दो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें कम से कम 22 लड़ाके मारे गए। हालांकि जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा की पाकिस्तान ने नागरिक इलाकों पर हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने गलत किया है। यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता। अफगानिस्तान ने कहा- पाकिस्तान सब्र का इम्तिहान न ले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तालिबान सरकार के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को अफगानों के सब्र का इम्तिहान न लेने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान का इतिहास याद रखना चाहिए, जहां सोवियत संघ और अमेरिका जैसी बड़ी ताकतें भी युद्ध के बाद सफल नहीं हो सकीं। पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव बढ़ा पाकिस्तान का कहना है कि हाल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों ने अफगानिस्तान के पक्तिया और नंगरहार प्रांतों से पाकिस्तान में घुसपैठ की कोशिश की। इसके बाद सीमा पर दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी हुई। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान से ड्रोन भी भेजे गए, जबकि तालिबान सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया। पाकिस्तान ने सोमवार को भी अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। इन हमलों में पाक ने 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था। पाकिस्तान TTP को ‘फितना-उल-खवारिज’ कहता है। TTP और अफगान तालिबान अलग संगठन हैं। हालांकि, दोनों के बीच गठजोड़ है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने बांग्लादेश जा रहा न्यूक्लियर फ्यूल रोका: रूसी प्लेन को एयरस्पेस नहीं दिया पाकिस्तान ने बिजली संकट झेल रहे बांग्लादेश का परमाणु ईंधन अपने आसमान से नहीं गुजरने दिया। यह ईंधन रूसी विमान में था, जो बांग्लादेश के रूपपुर प्लांट में इस्तेमाल होना था। पूरी खबर पढ़ें…
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