Wasim Jaffer का दावा Virat Kohli के बाद ODI में No 3 पर Tilak Varma बनेंगे मजबूत विकल्प
भारतीय क्रिकेट टीम में विराट कोहली के बाद नंबर 3 की जिम्मेदारी किस बल्लेबाज को मिलेगी, इसे लेकर अभी से चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि तिलक वर्मा इस भूमिका के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकते हैं। उनका कहना है कि तिलक में अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी करने और परिस्थिति के हिसाब से अपना खेल बदलने की अच्छी क्षमता है।
बता दें कि विराट कोहली ने साफ कर दिया है कि 2027 का वनडे विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। ऐसे में भारतीय टीम को लंबे समय से नंबर 3 पर बल्लेबाजी कर रहे कोहली का विकल्प तैयार करना होगा। कोहली ने इस स्थान पर करीब 15 साल तक टीम को मजबूती दी है और उनके जाने के बाद शीर्ष क्रम में एक बड़ी जगह खाली होने वाली है।
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर तिलक वर्मा की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि तिलक पहले नंबर 3 पर शतक लगा चुके हैं और इसके बाद टी20 क्रिकेट में नंबर 5 और नंबर 6 पर भी अच्छी तरह से बल्लेबाजी कर चुके हैं। जाफर के मुताबिक, एक बल्लेबाज के लिए अलग-अलग क्रम पर सफलतापूर्वक खेलना बड़ी खूबी है और तिलक में यह क्षमता नजर आती है।
गौरतलब है कि जाफर ने भारतीय टीम के भविष्य के शीर्ष क्रम को लेकर एक और संभावना भी सामने रखी है। उनका मानना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के जाने के बाद भारत के शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी बढ़ सकती है। रोहित शर्मा की जगह यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाज के रूप में देखा जा सकता है, जबकि कोहली की जगह तिलक वर्मा जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज को मौका मिल सकता है।
जाफर ने तिलक की प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बल्लेबाजी का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, तिलक का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में औसत करीब 55 का है और वह तीनों प्रारूपों में आसानी से अपनी जगह बनाने की क्षमता रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत देता है कि उनके पास लंबी पारी खेलने की तकनीक भी मौजूद है।
हालांकि, तिलक के सामने सबसे बड़ी चुनौती वनडे क्रिकेट में अनुभव की कमी है। उन्होंने भारत के लिए अब तक केवल 4 वनडे मुकाबले खेले हैं। इनमें उन्होंने 2 बार नंबर 3, जबकि 1-1 बार नंबर 4 और नंबर 5 पर बल्लेबाजी की है। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल 68 रन बनाए हैं और उनका औसत 22.67 रहा है।
तिलक का आखिरी वनडे मुकाबला दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था। उसी सीरीज में रुतुराज गायकवाड़ ने नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक भी लगाया था। ऐसे में नंबर 3 के लिए तिलक अकेले दावेदार नहीं होंगे और टीम प्रबंधन को आने वाले समय में कई खिलाड़ियों को आजमाने का मौका मिल सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कोहली की जगह भरना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा। नंबर 3 पर भारत को सिर्फ रन बनाने वाला खिलाड़ी नहीं, बल्कि दबाव में पारी संभालने और जरूरत के मुताबिक तेजी से रन बनाने वाला बल्लेबाज चाहिए। कोहली ने वर्षों तक यह भूमिका निभाई है और उनके जाने के बाद टीम को ऐसा विकल्प तैयार करना होगा जो लंबे समय तक इस जिम्मेदारी को निभा सके।
ऐसे में तिलक वर्मा के लिए आने वाले वनडे मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर वह घरेलू क्रिकेट और सीमित मौकों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो 2027 विश्व कप के बाद भारतीय वनडे टीम में नंबर 3 की जगह के लिए उनका दावा मजबूत हो सकता है।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के प्रमुख ने स्वच्छता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) के निदेशक पीके प्रजापति ने रविवार को कहा कि स्वच्छता और साफ-सफाई हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
2 अक्टूबर को स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रजापति ने बताया कि एआईआईए के भाग लेने वाले सदस्यों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।
अभियान के तहत, एआईआईए परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया और संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने, अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जिम्मेदार होने और स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण को बनाए रखने में योगदान देने की शपथ ली। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
एआईआईए के स्वास्थ्यवृत्त और योग विभाग द्वारा आयोजित यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता में सभा, स्वच्छ भारत, विकसित भारत विषय के तहत चलाया गया।
अभियान का उद्देश्य संस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।
समापन दिवस पर, कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय की डीन और निदेशक मंजुषा राजगोपाला, डीन रिसर्च राजगोपाला, एएमएस राजा राम महतो और संस्थान के संकाय सदस्य उपस्थित थे।
पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान में संकाय सदस्यों, पीएचडी शोधार्थियों, स्नातकोत्तर शोधार्थियों, कर्मचारियों, रोगियों और उनके परिचारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
अभियान के दौरान, अस्पताल के प्रतीक्षा क्षेत्रों में रोगियों और उनके परिचारकों के लिए अपशिष्ट पृथक्करण, घरेलू खाद निर्माण, रिड्यूस-रियूज-रीसाइक्ल (3आर) और एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
श्रमदान गतिविधियों के अंतर्गत, संस्थान के कार्यालय परिसर और आंतरिक क्षेत्रों की सफाई की गई, जिससे स्वैच्छिक सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बल मिला।
स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए परिसर के अंदर और आसपास के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान भी चलाए गए।
--आईएएनएस
एमएस/
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