Germany के चांसलर Friedrich Merz ने Ukraine को दिया 1.3 अरब यूरो का नया पैकेज
कीव, चार अक्टूबर (एपी) जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने रविवार को कीव की यात्रा के दौरान यूक्रेन के लिए 1.3 अरब यूरो (1.5 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक के नए सहायता पैकेज की घोषणा की। रूस द्वारा यूक्रेन के शहरों पर हमले तेज किये जाने के बीच यह घोषणा की गयी। रूस ने हवाई हमले तेज करते हुए यूक्रेन के विभिन्न शहरों को ऐसी बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट इंजन वाले ड्रोन से निशाना बनाया है, जिन्हें रोकना मुश्किल है।
वहीं, यूक्रेन रूस के तेल उद्योग और कारखानों को निशाना बना रहा है। मर्ज ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस सहायता पैकेज में करीब एक अरब यूरो (1.1 अरब अमेरिकी डॉलर) की सैन्य सहायता शामिल है। उन्होंने कहा, “इस सहायता में लंबी दूरी तक हमला करने वाले हथियार, लड़ाकू ड्रोन और उपग्रह तकनीक शामिल हैं, ताकि यूक्रेन रूसी मिसाइल प्रक्षेपण केंद्रों को भी निशाना बना सके।’’ चांसलर ने कहा कि जर्मनी सर्दियों से पहले यूक्रेन को करीब 35 करोड़ यूरो (39.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की ऊर्जा सहायता भी दे रहा है, इसमें जनरेटर, विद्युत उपकेंद्र और मरम्मत कार्य के लिए सहायता शामिल है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि दोनों देशों ने 8.5 अरब यूरो (9.6 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक मूल्य के 15 समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए हैं, इनमें ज्यादातर सुरक्षा सहयोग, हथियारों के उत्पादन एवं खरीद से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, दोनों देशों ने ड्रोन रोधी संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने के लिए भी एक समझौता किया है। इससे पहले मर्ज ने कहा था कि चांसलर बनने के बाद अपनी दूसरी यूक्रेन यात्रा के दौरान वह जर्मनी की ओर से यूक्रेन के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए कीव आए हैं।
जर्मनी यूक्रेन को सबसे अधिक सहायता देने वाला देश है। युद्ध शुरू होने के बाद से जर्मनी ने यूक्रेन को 43.3 अरब यूरो (48.8 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक की सहायता के साथ उपकरण और हथियार भेजे हैं। उन्होंने रविवार को एक बयान में कहा, ‘‘अगर रूस को नहीं रोका गया, तो जल्द ही वह हमारे खिलाफ भी हो जाएगा।’’ मर्ज ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से कहा, ‘‘आप हमारी मदद पर भरोसा करना जारी रख सकते हैं।
Wasim Jaffer का दावा Virat Kohli के बाद ODI में No 3 पर Tilak Varma बनेंगे मजबूत विकल्प
भारतीय क्रिकेट टीम में विराट कोहली के बाद नंबर 3 की जिम्मेदारी किस बल्लेबाज को मिलेगी, इसे लेकर अभी से चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि तिलक वर्मा इस भूमिका के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकते हैं। उनका कहना है कि तिलक में अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी करने और परिस्थिति के हिसाब से अपना खेल बदलने की अच्छी क्षमता है।
बता दें कि विराट कोहली ने साफ कर दिया है कि 2027 का वनडे विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। ऐसे में भारतीय टीम को लंबे समय से नंबर 3 पर बल्लेबाजी कर रहे कोहली का विकल्प तैयार करना होगा। कोहली ने इस स्थान पर करीब 15 साल तक टीम को मजबूती दी है और उनके जाने के बाद शीर्ष क्रम में एक बड़ी जगह खाली होने वाली है।
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर तिलक वर्मा की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि तिलक पहले नंबर 3 पर शतक लगा चुके हैं और इसके बाद टी20 क्रिकेट में नंबर 5 और नंबर 6 पर भी अच्छी तरह से बल्लेबाजी कर चुके हैं। जाफर के मुताबिक, एक बल्लेबाज के लिए अलग-अलग क्रम पर सफलतापूर्वक खेलना बड़ी खूबी है और तिलक में यह क्षमता नजर आती है।
गौरतलब है कि जाफर ने भारतीय टीम के भविष्य के शीर्ष क्रम को लेकर एक और संभावना भी सामने रखी है। उनका मानना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के जाने के बाद भारत के शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी बढ़ सकती है। रोहित शर्मा की जगह यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाज के रूप में देखा जा सकता है, जबकि कोहली की जगह तिलक वर्मा जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज को मौका मिल सकता है।
जाफर ने तिलक की प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बल्लेबाजी का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, तिलक का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में औसत करीब 55 का है और वह तीनों प्रारूपों में आसानी से अपनी जगह बनाने की क्षमता रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत देता है कि उनके पास लंबी पारी खेलने की तकनीक भी मौजूद है।
हालांकि, तिलक के सामने सबसे बड़ी चुनौती वनडे क्रिकेट में अनुभव की कमी है। उन्होंने भारत के लिए अब तक केवल 4 वनडे मुकाबले खेले हैं। इनमें उन्होंने 2 बार नंबर 3, जबकि 1-1 बार नंबर 4 और नंबर 5 पर बल्लेबाजी की है। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल 68 रन बनाए हैं और उनका औसत 22.67 रहा है।
तिलक का आखिरी वनडे मुकाबला दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था। उसी सीरीज में रुतुराज गायकवाड़ ने नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए शतक भी लगाया था। ऐसे में नंबर 3 के लिए तिलक अकेले दावेदार नहीं होंगे और टीम प्रबंधन को आने वाले समय में कई खिलाड़ियों को आजमाने का मौका मिल सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कोहली की जगह भरना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा। नंबर 3 पर भारत को सिर्फ रन बनाने वाला खिलाड़ी नहीं, बल्कि दबाव में पारी संभालने और जरूरत के मुताबिक तेजी से रन बनाने वाला बल्लेबाज चाहिए। कोहली ने वर्षों तक यह भूमिका निभाई है और उनके जाने के बाद टीम को ऐसा विकल्प तैयार करना होगा जो लंबे समय तक इस जिम्मेदारी को निभा सके।
ऐसे में तिलक वर्मा के लिए आने वाले वनडे मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर वह घरेलू क्रिकेट और सीमित मौकों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो 2027 विश्व कप के बाद भारतीय वनडे टीम में नंबर 3 की जगह के लिए उनका दावा मजबूत हो सकता है।
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