केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट में चेन्नई के लिए हाई स्पीड रेल लिंक, पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई में पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ पर्वतीय मार्ग और एक ‘दुर्लभ खनिज गलियारे’ समेत तमिलनाडु के लिए कई योजनाओं की घोषणा की।
उन्होंने पुलिकट झील के किनारे पक्षी अवलोकन पथों का निर्माण और आदिचनल्लूर के पुरातात्विक स्थल को एक जीवंत, अनुभव जन्य सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित करने जैसी अन्य घोषणाएं भी कीं।
मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, ‘‘हम शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे जो विकास को जोड़ने वाले ‘कनेक्टर’ के रूप में काम करेंगे तथा हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरु उनमें शामिल होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रेयर अर्थ पर्मानेंट मैग्नेट लिए एक योजना नवंबर 2025 में शुरू की गई थी।
अब हम खनिज समृद्ध राज्यों--ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान एवं विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित दुर्लभ खनिज गलियारे स्थापित करने में सहायता देने का प्रस्ताव करते हैं।’’
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में विश्व स्तरीय ‘ट्रेकिंग और हाइकिंग’ अनुभव प्रदान करने की क्षमता और अवसर मौजूद हैं इसलिए, पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई में पर्यावरण के अनुकूल पर्वतीय मार्ग विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि साथ ही, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में पुलिकट झील के किनारे पक्षी अवलोकन मार्ग भी विकसित किए जाएंगे।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे विकसित भारत 2047 के लिए 'संकल्प से सिद्धि' बताया। नितिन नबीन ने विनिर्माण क्षेत्र में प्रस्तावित योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनसे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं कर्तव्य भवन में तैयार किए गए बजट का स्वागत करता हूं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नौवीं बार बजट पेश करना भाजपा की नीतिगत स्थिरता और सुशासन को दर्शाता है। यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता के विश्वास का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी का 'सबका साथ, सबका विकास' का सिद्धांत इस बजट में झलकता है। साथ ही, यह विकसित भारत 2047 के लिए 'संकल्प से सिद्धि' वाला बजट है।
नितिन नबीन ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद, भारत 7 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है। यह दर्शाता है कि हमने अपने जीडीपी को कैसे मजबूत किया है और मुद्रास्फीति को कैसे नियंत्रित किया है। बजट में गहराई है। यह युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट है। विनिर्माण इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। सेमीकंडक्टर में 40,000 करोड़ रुपये और बायो फार्मा में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश इस सोच को दर्शाता है कि हम रोजगार के नए अवसरों की ओर अग्रसर हैं।
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 40,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 की शुरुआत की घोषणा की, जिसका उद्देश्य देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उपकरण और सामग्री का उत्पादन करना, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा का डिजाइन तैयार करना और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है। विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए, वित्त मंत्री ने बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल और महत्वपूर्ण खनिजों के निर्माण में उपयोग होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क छूट का प्रस्ताव रखा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर मूल सीमा शुल्क छूट को 2035 तक बढ़ाने और इसे सभी परमाणु संयंत्रों के लिए, उनकी क्षमता की परवाह किए बिना, विस्तारित करने का प्रस्ताव करती हूं। वित्त मंत्री ने आगे कहा, “मैं बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर दी जाने वाली मूल सीमा शुल्क छूट को बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर भी लागू करने का प्रस्ताव करता हूं। मैं सौर कांच के निर्माण में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर मूल सीमा शुल्क छूट देने का प्रस्ताव करता हूं। भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं के आयात पर भी मूल सीमा शुल्क छूट देने का प्रस्ताव है।”
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