खटीमा एकलव्य विद्यालय के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा : जुएल ओराम
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद किया और जनजातीय समाज के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जनजातीय मामलों के लिए पृथक मंत्रालय का गठन किया गया. इसका उद्देश्य थारू, बोक्सा, जौनसारी सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना था. भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन वर्ष 1999 में हुआ था.
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है. उन्होंने घोषणा की कि खटीमा स्थित एकलव्य विद्यालय के विस्तार एवं सुविधाओं के लिए भारत सरकार लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
निर्धारित क्षमता भी 480 विद्यार्थियों की है
उन्होंने बताया कि लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा. विद्यालय में 240 बालकों और 240 बालिकाओं सहित कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी. एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की निर्धारित क्षमता भी 480 विद्यार्थियों की है.
केंद्रीय मंत्री ने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के अन्य स्थानों, जिनमें बाजपुर, चकराता तथा देहरादून का कालसी क्षेत्र शामिल हैं, में भी ऐसे विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं.
श्री जुएल ओराम ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र की जनजातीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा.
जनजातीय संस्कृति और सीएम धामी के नेतृत्व की सराहना: किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी सहित विभिन्न जनजातीय समुदाय निवास करते हैं, जिनकी विशिष्ट संस्कृति और परंपराएं राज्य की पहचान को समृद्ध बनाती हैं.
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं, भूस्खलन और अन्य विपरीत परिस्थितियों के दौरान उन्होंने विभिन्न चुनौतियों का सामना किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा जनसेवक सदियों में मिलता है.
श्री रिजिजू ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में जनजातीय समाज के कल्याण और उनकी पहचान को नई प्राथमिकता मिली है. स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देते हुए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई. उन्होंने कहा कि पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से विकास की पहुंच दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और मिजोरम सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों एवं कलाकारों का अभिनंदन किया. उन्होंने सभी समुदायों से अपनी सांस्कृतिक विरासत, पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनजातीय समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया.
विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने प्रस्तुत कीं सांस्कृतिक झलकियां
उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी-अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, संगीत एवं कला की प्रस्तुतियां दीं. कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और लोक प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं.
कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास ने उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए आयोजन के लिए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, कलाकारों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, श्री प्रदीप बत्रा, खजान दास, राम सिंह कैड़ा, श्री भरत सिंह चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार, विधायक श्रीमती सरिता आर्या, दर्जा राज्यमंत्री श्री गीता राम गौड़, श्री रणजीत सिंह नामधारी, श्री विनय रुहेला, मोहनी पोखरिया, श्री गम्भीर सिंह धामी, श्रीमती फरजाना बेगम, किशन सिंह किन्ना, श्री उत्तम दत्ता, श्रीमती लीलावती राणा, ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल सहित जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय गणपति एवं अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे.
CM धामी ने बुलाई कैबिनेट बैठक, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार और पैन वेरिफिकेशन समेत कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रीमण्डल की बैठक एन.एच.पी.सी. बनबसा चम्पावत में आयोजित की गई. मंत्रिमण्डल की बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया.
1. मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण के परीक्षण तथा नोडल कार्यालय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखण्ड के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के गठन तथा इसके लिए 06 पदों की स्वीकृति प्रदान की.
2. मंत्रिमंडल ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों/कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने, जनपद नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों/कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने तथा जनपद देहरादून के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी. संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए विस्तारित किया जाएगा तथा इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार किया जाएगा.
3. मंत्रिमंडल ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण हेतु हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि अवमुक्त किए जाने को मंजूरी दी. यह धनराशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण एवं अन्य निर्धारित कार्यों पर व्यय की जाएगी.
4. मंत्रिमंडल ने स्टाम्प एवं निबन्धन विभागन्तर्गत संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित लेन-देन में क्रेता-विक्रेता एवं अन्य संबंधित पक्षकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए PAN के सत्यापन (PAN Verification) की व्यवस्था लागू किए जाने को मंजूरी दी. इससे गलत अथवा फर्जी PAN के उपयोग में कमी लाने तथा आयकर विभाग को की जाने वाली रिपोर्टिंग में डेटा की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी.
5. मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी. संशोधित प्रावधानों के तहत 01 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है. आपदा एवं सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा.
6. मंत्रिमंडल ने वन विभाग के विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी. इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाते हुए मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊँ, उत्तराखण्ड, नैनीताल एवं मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, उत्तराखण्ड, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा. इससे वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी तात्कालिक परिस्थितियों में कार्यवाही में तेजी आएगी.
7. मंत्रिमंडल ने छठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी दी. आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में संस्तुतियां प्रस्तुत की हैं.
8. मंत्रिमंडल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधानों को लागू करने हेतु अधिसूचना जारी किए जाने को मंजूरी दी. इसके तहत निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देने के पश्चात किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित मामले के लिए सहायक लोक अभियोजक नियुक्त किया जा सकेगा.
9. मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी. इसमें कर्मचारियों की चल-अचल एवं बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों एवं अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन किया जाएगा. नियम 15 में विद्यमान हिन्दी अनुवाद संबंधी त्रुटि का भी निराकरण किया जाएगा.
10. मंत्रिमंडल ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के लागू होने के क्रम में सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता की परिवर्तित धाराओं के अनुरूप आवश्यक संशोधन किए जाने को मंजूरी दी.
11. राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 का प्रख्यापन को मंत्रिमण्डल ने दी मंजूरी. मंत्रिमंडल ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान की. संशोधन के तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाया जाएगा. साथ ही, उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के दृष्टिगत साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की जाएगी.
12. मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) (संशोधन) विनियम, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी. इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पद को लोक सेवा आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा, क्योंकि सेवा नियमावली के अनुसार यह राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद है.
13. मंत्रिमंडल ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखण्ड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी. इसके तहत 08 आरक्षी ना.पु., 01 आरक्षी डाक रनर तथा 02 आरक्षी चालक सहित कुल 11 पद समर्पित किए जाएंगे. इसके साथ ही मुख्य आरक्षी ना.पु. के 05 पद बढ़ाने तथा अपर उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के 03, मुख्य आरक्षी डाक रनर के 01, मुख्य आरक्षी चालक के 01 एवं अपर उपनिरीक्षक चालक के 01 नवीन पद सहित कुल 06 नवीन पद सृजित किए जाएंगे.
14. नियोजन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम की धारा 49 के अंतर्गत अनुसूची-3 में संशोधन के प्रस्ताव को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया. संशोधन के तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसम्पत्तियों के विनिवेश/मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है.
15. मंत्रिमंडल ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक अथवा अपर्याप्त हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरसित करते हुए राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखण्ड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी दी.
16. मंत्रिमंडल ने कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान वर्तमान सीबीडीसी/ई-रूपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड/लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से डीबीटी द्वारा किए जाने को मंजूरी दी.
17. मंत्रिमंडल ने पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों में आपसी समन्वय, पर्यवेक्षण, एकरूपता तथा प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक का एक नवीन पद सृजित किए जाने को मंजूरी दी. इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण तथा केंद्र एवं राज्य की योजनाओं के बेहतर अभिसरण में सहायता मिलेगी.
18. मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता एवं उद्यमिता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 संचालित किए जाने को मंजूरी दी. योजना का लाभ राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा. योजना पर पांच वर्षों में लगभग ₹200 करोड़ व्यय किए जाएंगे.
19. निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी मानकों में संशोधन मंत्रिमंडल ने राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु निर्धारित नीति एवं मानकों में संशोधन को मंजूरी दी. संशोधित व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर तथा मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पृथक मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे.
20. मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी जनपद की तहसील नरेन्द्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी. कार्यालय के क्षेत्राधिकार में तहसील नरेन्द्रनगर के 98 तथा उप तहसील पावकी देवी के 35, कुल 133 राजस्व ग्राम सम्मिलित होंगे. इससे क्षेत्रीय जनता को पंजीकरण संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी.
21. मंत्रिमंडल ने न्यायाधिकरण, देहरादून के आदेश एवं निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की संस्तुति के दृष्टिगत शासनादेश दिनांक 07 जनवरी, 2022 द्वारा गठित सौन्दर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित किए जाने को मंजूरी दी.
22. मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में संशोधन किए जाने को मंजूरी दी. इसका उद्देश्य समय-समय पर संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी, सुचारू एवं पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु प्रक्रिया एवं प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करना है.
23. मंत्रिमंडल ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कार्मिकों की भर्ती एवं सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए उत्तराखण्ड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी.
24. मंत्रिमंडल ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेन्ट, जूनियर रेजिडेन्ट एवं डेमोन्स्ट्रेटर की कमी को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के देय वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी प्रदान की.
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