बढ़ती बॉन्ड यील्ड से शेयर बाजार पर बढ़ा दबाव, एआई निवेश चक्र की मजबूती पर टिकी निवेशकों की नजर: जेफरीज
मुंबई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी रणनीतिकार क्रिस वुड ने कहा है कि अमेरिकी शेयर बाजार अब तक बढ़ती बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद मजबूत बना हुआ है। इसका मुख्य कारण मजबूत कॉरपोरेट आय और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ा निवेश उछाल रहा है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अब इक्विटी बाजारों के लिए जोखिम बढ़ने लगे हैं, क्योंकि बॉन्ड यील्ड ऐसे स्तरों पर पहुंच रही है जो शेयरों के वैल्यूएशन पर दबाव डाल सकते हैं।
अपने साप्ताहिक न्यूजलेटर ग्रीड एंड फियर में क्रिस वुड ने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हालिया तेजी शेयर बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम बिंदु बनती जा रही है। 10-वर्षीय अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड 5.34 प्रतिशत और 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.69 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो वर्ष 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर भारतीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारतीय शेयर बाजार लगातार आठवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ और अमेरिकी यील्ड में बढ़ोतरी निवेशकों की सतर्कता का एक प्रमुख कारण रही।
क्रिस वुड ने बताया कि ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी शेयर बाजारों में मिड-टर्म चुनावों से पहले कमजोरी देखने को मिलती है और उसके बाद रिकवरी आती है। लेकिन इस बार यह पैटर्न स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया है, जिसकी बड़ी वजह कंपनियों की उम्मीद से बेहतर कमाई रही है।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट आय में मजबूती का एक बड़ा कारण एआई आधारित पूंजीगत व्यय का मौजूदा चक्र है। प्रौद्योगिकी कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, जिससे उनकी आय और मुनाफे को समर्थन मिला है। इसी कारण अमेरिकी शेयर बाजार ऊंची ब्याज दरों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं।
हालांकि, अब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि एआई निवेश चक्र कितने समय तक जारी रह पाएगा। वुड का मानना है कि बाजार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनियां एआई पर किए जा रहे विशाल निवेश से पर्याप्त रिटर्न हासिल कर पाएंगी या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि एआई परियोजनाओं से अपेक्षित लाभ नहीं मिलता, तो मौजूदा निवेश चक्र की गति धीमी पड़ सकती है, जिसका असर तकनीकी कंपनियों की आय और शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।
क्रिस वुड ने एक दूसरी बड़ी चिंता की ओर भी इशारा किया। उनके अनुसार, जी7 देशों के सरकारी बॉन्ड बाजार संरचनात्मक मंदी के दौर में हैं। लगातार ऊंची बनी हुई बॉन्ड यील्ड वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों को और सख्त कर सकती है।
जब बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो निवेशकों के लिए फिक्स्ड इनकम एसेट्स अधिक आकर्षक हो जाते हैं। इससे इक्विटी बाजारों में निवेश का आकर्षण कम हो सकता है, विशेष रूप से तब जब बॉन्ड यील्ड में और बढ़ोतरी होती है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Jharkhand News: झारखंड पुलिस के जवानों को बड़ी राहत, 600 मामलों में 2.20 करोड़ की मदद मंजूर
Jharkhand News: जनता की सुरक्षा के लिए दिन-रात ड्यूटी करने वाले झारखंड पुलिस के जवानों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है. पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों और उनके आश्रितों की आर्थिक मदद के लिए बड़ी राशि जारी की है. झारखंड पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष के तहत 600 मामलों में कुल 2 करोड़ 20 लाख 45 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है. यह रकम बीमारी, इलाज और दूसरी जरूरी परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के काम आएगी.
600 मामलों में जारी हुई सहायता राशि
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी सूची में 600 मामलों का विवरण शामिल है. हर मामले में संबंधित पुलिसकर्मी का नाम, सहायता लेने का कारण और स्वीकृत राशि दर्ज की गई है. जरूरत के हिसाब से अलग-अलग मामलों में 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 3 लाख रुपये तक की मदद दी गई है. कुछ पुलिसकर्मियों या उनके परिजनों को 50 हजार रुपये, किसी को एक लाख, डेढ़ लाख और दो लाख रुपये तक की सहायता मिली है. वहीं गंभीर मामलों में तीन लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की गई है. सूची में कुछ आवेदन अभी ‘रिजेक्टेड’ और ‘पेंडिंग’ भी हैं.
गंभीर बीमारी और इलाज में मिलेगी राहत
पुलिसकर्मियों के लिए ड्यूटी के साथ परिवार की जिम्मेदारी निभाना भी चुनौतीपूर्ण होता है. परिवार में किसी सदस्य को गंभीर बीमारी होने या बड़े ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर इलाज का खर्च काफी बढ़ जाता है. ऐसे समय में कल्याण कोष से मिलने वाली आर्थिक मदद परिवारों का बोझ कम कर सकती है. सहायता राशि पुलिसकर्मियों के अलावा उनके माता-पिता, पत्नी, बच्चों और अन्य आश्रित परिजनों के इलाज के लिए भी दी गई है. सूची में कैंसर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी, ब्रेन ट्यूमर, ट्यूमर, गंभीर ऑपरेशन और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े कई मामले शामिल हैं.
10 हजार से 3 लाख रुपये तक की मदद
अलग-अलग बीमारियों और इलाज की जरूरत के अनुसार सहायता राशि तय की गई है. किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 3 लाख रुपये, कैंसर के इलाज के लिए 50 हजार रुपये और ब्रेन हेमरेज के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता दी गई है. ओपन हार्ट सर्जरी के लिए 1.50 लाख रुपये और हृदय रोग के इलाज के लिए 15 हजार से 70 हजार रुपये तक की राशि स्वीकृत हुई है. इसके अलावा हार्ट वाल्व सर्जरी के लिए 60 हजार रुपये, किडनी की पथरी के ऑपरेशन के लिए 10 हजार से 70 हजार रुपये और मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए 15 से 30 हजार रुपये की मदद दी गई है. ट्यूमर के इलाज के लिए 25 हजार और बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए 20 हजार से 1 लाख रुपये तक की सहायता दी गई है. स्पाइन सर्जरी के लिए 50 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं.
हादसे में घायल जवानों को भी मदद
ब्रेन ट्यूमर के इलाज के लिए 2 लाख रुपये, लिवर की बीमारी के लिए 30 हजार और हर्निया ऑपरेशन के लिए 10 से 30 हजार रुपये तक की सहायता दी गई है. घुटना प्रत्यारोपण के लिए 3 लाख रुपये तक की मदद स्वीकृत की गई है. मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और मिर्गी के इलाज के लिए 15 हजार रुपये की सहायता दी गई है. सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए 25 हजार से 2 लाख रुपये तक की राशि मंजूर की गई है. इससे मुश्किल समय में जवानों और उनके परिवारों को इलाज का खर्च उठाने में राहत मिलेगी.
सभी इकाइयों को भेजी गई सूची
पुलिस मुख्यालय ने स्वीकृत सहायता राशि की सूची सभी संबंधित इकाइयों को भेज दी है. निर्देश दिया गया है कि सूची की जानकारी संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंचाई जाए. स्थानांतरित पुलिसकर्मियों के मामले में उनके वर्तमान पदस्थापन वाले जिले या इकाई को सूचना देने को कहा गया है. यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी को एक से अधिक जगह से सहायता स्वीकृति हुई है, तो नियमानुसार न्यूनतम स्वीकृत राशि के भुगतान की व्यवस्था की जाएगी.
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