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AI कंपनियों की मांग से Hong Kong में शेयर बिक्री से रिकॉर्ड 47.5 Billion Dollar जुटाए गए

हांगकांग के शेयर बाजार में इस साल पूंजी जुटाने की रफ्तार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। खास बात यह है कि गर्मियों के महीनों में भी कंपनियां लगातार निवेशकों के पास पहुंचती रहीं। एआई से जुड़ी कंपनियों की बढ़ती जरूरतों ने इस तेजी को सबसे ज्यादा सहारा दिया है, हालांकि बाजार में हाल की गिरावट के कारण निवेशक अब पहले से ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार जुलाई से सितंबर के बीच हांगकांग में नए शेयर जारी करने, अतिरिक्त शेयर बेचने और बड़े सौदों के जरिए कंपनियों ने 47.5 अरब डॉलर जुटाए हैं। यह इस अवधि में अब तक की सबसे बड़ी रकम है। इसके साथ ही 2026 में हांगकांग में कुल पूंजी जुटाने का आंकड़ा 92 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया है। यह 2021 में बने 112.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड के काफी करीब है।

इस तेजी के पीछे एआई से जुड़े कारोबार को बड़ा कारण माना जा रहा है। चीन की कई कंपनियां इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार करने के लिए बड़ी रकम जुटा रही हैं। यही वजह है कि कुछ कंपनियां शेयर बिक्री के कुछ ही महीनों बाद दोबारा निवेशकों के पास पहुंच रही हैं।

अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग की 10.2 अरब डॉलर की अतिरिक्त शेयर बिक्री इस अवधि का सबसे बड़ा सौदा रही है। वहीं झोंगजी इनोलाइट ने करीब 8 अरब डॉलर जुटाए हैं, जो लगभग 7 साल में हांगकांग का सबसे बड़ा नया शेयर बाजार प्रवेश रहा है। एआई मॉडल बनाने वाली कंपनी जेड.एआई ने भी इस साल नए शेयर, अतिरिक्त शेयर बिक्री और परिवर्तनीय बांड के जरिए 9.6 अरब डॉलर जुटाए हैं।

गोल्डमैन सैक्स के एशिया शेयर पूंजी बाजार प्रमुख जेम्स वांग के अनुसार कंपनियां अब शेयर बिक्री पर लगी रोक की अवधि खत्म होते ही दोबारा पूंजी जुटा रही हैं। उनका मानना है कि एआई से जुड़ी कंपनियों के कारण यह रफ्तार अगले कुछ वर्षों तक बनी रह सकती है।

गौरतलब है कि यह तेजी सिर्फ हांगकांग तक सीमित नहीं रही है। जुलाई से सितंबर के बीच एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शेयर बिक्री 120 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गई है, जो 6 साल में इस अवधि का सबसे बड़ा आंकड़ा है। चीन में मेमोरी चिप बनाने वाली सीएक्सएमटी का 9.9 अरब डॉलर का शेयर बाजार प्रवेश देश के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सौदा रहा है।

भारत में भी शेयर बिक्री का बाजार तेजी से लौटा है। जुलाई से अब तक भारतीय कंपनियों और सरकार ने करीब 26 अरब डॉलर जुटाए हैं, जो किसी एक तिमाही का रिकॉर्ड है। भारतीय जीवन बीमा निगम में सरकार की 3.2 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बिक्री और भारतीय राष्ट्रीय शेयर बाजार का 2.4 अरब डॉलर का बहुप्रतीक्षित शेयर बाजार प्रवेश बड़े सौदों में शामिल रहे हैं।

हालांकि इस दौरान निफ्टी 50 अपने अगस्त के शुरुआती उच्च स्तर से करीब 9.5% नीचे आया है। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों के पास पर्याप्त पैसा होने से नए शेयरों की मांग बनी रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स भी निवेशकों से बातचीत कर रही है और नवंबर में उसका शेयर बाजार प्रवेश होने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, कमजोर बाजार प्रदर्शन ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। हांगकांग के जुलाई से हुए 10 सबसे बड़े सौदों में केवल 2 ही अपनी शुरुआती कीमत से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। शीन ग्लोबल होल्डिंग्स और लॉन्गसिस इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी हालिया कंपनियों के शेयर भी पहले दिन नीचे बंद हुए हैं।

ऐसे में साल के अंत तक निवेशक ज्यादा सोच-समझकर पैसा लगाने की संभावना जता रहे हैं। फिर भी बाजार में नए सौदों की बड़ी कतार बनी हुई है। फिलीपींस की मिंट और ऑस्ट्रेलिया की फर्मस ग्रिड जैसे बड़े शेयर बाजार प्रवेश आने वाले महीनों में निवेशकों का ध्यान खींच सकते हैं। जानकारों के मुताबिक अब असली सवाल यह है कि बड़ी संख्या में आने वाले इन सौदों में से किन कंपनियों को निवेशकों का भरोसा मिल पाता है।

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Bhadohi में बोले Yogi Adityanath, 2017 से पहले उप्र माफिया राज और अराजकता से था ग्रस्त

भदोही (उप्र), चार अक्टूबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि वर्ष 2017 में उनके सत्ता में आने से पहले राज्य अराजकता और माफिया राज के लिए बदनाम था तथा नीतिगत जड़ता के कारण यहां के कारीगरों के हाथ बंधे हुए थे। भदोही में ‘कारपेट एक्सपो मार्ट’ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के स्वर्ण जयंती संस्करण को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि तब तक राज्य ‘बीमारू’ अर्थव्यवस्था में बदल चुका था, क्योंकि ‘बीमारू मानसिकता’ वाली सरकारों के कारण यहां सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और बाजार की सुविधाओं का अभाव था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ वर्ष 2017 से पहले अराजकता, माफिया राज, गुंडागर्दी, कर्फ्यू और दंगे होते थे।

नीतिगत जड़ता थी, बाजार की सुविधाएं नहीं थीं, प्रौद्योगिकी नहीं थी और सरकार का कोई सहयोग नहीं था। कारीगरों को बिजली और सड़क तक की सुविधा नहीं मिलती थीं तथा सुरक्षा की स्थिति भी ठीक नहीं थी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थिति के कारण बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े कामगारों को आजीविका की तलाश में पलायन करना पड़ा, जबकि जो लोग यहीं रह गए उन्हें सुरक्षित माहौल के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को पूर्ववर्ती विपक्षी दलों की सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बीच के कालखंड में प्रदेश की ‘बीमारू’ मानसिकता की सरकारों ने इस राज्य को बीमारू बना दिया था।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘मुझे प्रसन्नता है कि इस वर्ष अपनी-अपनी प्रदर्शनी के साथ 227 से अधिक लोगों के अलावा 65 देशों के 450 से अधिक विदेशी खरीदार, इस अन्‍तरराष्‍ट्रीय प्रदर्शनी का हिस्सा बने हैं। इनमें से 106 खरीदार ‘ब्रिक्‍स’ देशों से संबंधित हैं।’’ उन्‍होंने राज्‍य के गौरवशाली अतीत की चर्चा करते हुए कहा, ‘‘हमारे उप्र के पास क्या नहीं था, उप्र असीमित उत्पादन का प्रदेश था, लेकिन बीच के कालखंड में प्रदेश की ‘बीमारू’ मानसिकता वाली सरकारों ने इस उप्र को ‘बीमारू’ बना दिया।’’ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व और ‘डबल इंजन’ सरकार के कार्यों का ब्यौरा देते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि जो उप्र कभी ‘बीमारू’ था, आज वह अर्थव्यवस्था के विकास का इंजन बन गया है और भारत के अंदर राजस्व आधिक्य वाले राज्य के रूप में अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। उन्‍होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति, कोई परिवार, कोई समाज और कोई क्षेत्र हताश और निराश होकर अपनी ‘बीमारू’ मानसिकता के साथ कार्य करता है तो परिणाम भी उसी प्रकार देखने को मिलते हैं।

एक लंबे समय तक हमें उस पहचान का मोहताज बनना पड़ा।’’ योगी ने उप्र को ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से मुक्त करने का दावा करते हुए कहा कि पहले हमारा जो कारीगर था, वह श्रमिक के रूप में अपनी पहचान छिपाने के लिए मजबूर था, हमारा जो अन्नदाता था, वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया था, लेकिन आज यह देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता प्रदेश है।” उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान उप्र के नौजवान पलायन के लिए मजबूर थे। आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले यह ‘बीमारू’ मानसिकता उप्र को ग्रसित कर चुकी थी। आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले उप्र का खजाना खाली था, लेकिन उनकी सरकार ने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) की योजना प्रारंभ की और भदोही के लिए कालीन को उसका हिस्‍सा बनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक धागे के साथ कारीगर की कल्पना, उसका परिश्रम और माटी का गौरव जुड़ा होता है। उन्‍होंने कहा कि जिन हाथों ने सदियों से कालीन बुना है, उन्हीं हाथों में आज नई तकनीक और नई डिजाइन होनी चाहिए और उसके पास नया बाजार भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए बाजार से जोड़ने के लिए सरकार सुविधा उपलब्ध करा रही है।

आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में न तो दंगे होते हैं और न ही कर्फ्यू लगता है। उन्होंने कहा, अब कोई माफिया पिस्तौल लहराकर लोगों को खुलेआम धमकी नहीं दे सकता... आज आपके पास तकनीक, डिज़ाइन, बाज़ार, कनेक्टिविटी और सुरक्षा है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, जबकि 7.5 लाख करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं के जल्द शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अब उप्र की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है और यहां सबसे ज़्यादा हवाई अड्डे हैं।

उन्होंने कहा कि संत रविदास नगर-मिर्ज़ापुर-वाराणसी सिल्क और कालीन क्लस्टर ने लगभग 6,100 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और 2017 के बाद से राज्य की अर्थव्यवस्था तीन गुना से ज़्यादा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि उप्र में देश का सबसे बड़ा ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम’ (एमएसएमई) है, जिसमें लगभग 96 लाख इकाई हैं, और सरकार हर इकाई को पांच लाख रुपये का बीमा कवर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 14 हजार कारखाने थे, जिनकी संख्या अब 35 हजार से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि देश के 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जबकि देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा उद्योग गलियारे के छह नोड पर काम चल रहा है और प्रदेश में 12 निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसी व्यवस्थाओं के जरिये निवेशकों को हरसंभव सुविधाएं दी जा रही हैं।

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IND vs WI: 1 जीत दूर… श्रेयस अय्यर की नजर खास रिकॉर्ड पर, सिर्फ एक भारतीय कप्तान ही कर सका है ऐसा

Shreyas Iyer: टीम इंडिया को 6 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है. इस सीरीज के पहले मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की नजर एक बड़े रिकॉर्ड पर रहने वाली है. Sun, 04 Oct 2026 23:52:35 +0530

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